जल जीवन मिशन की योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराएं: जिलाधिकारी
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति/जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों, पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, गुणवत्ता एवं विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री कृष्ण कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। उन्होंने जलापूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त प्रेशर के साथ नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पेयजल की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए आवश्यकतानुसार क्लोरीन की उपलब्धता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप क्लोरीनेशन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मत समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत के कार्य में भी गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी, आरआईडी एवं अन्य संबंधित विभागों के माध्यम से औचक निरीक्षण भी कराया जाए। सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सेफ्टी ऑफिसर को निर्देशित किया कि कार्यस्थलों पर समय-समय पर सुरक्षा मानकों एवं व्यवस्थाओं की गुणवत्ता की जांच करें तथा मानकों का पालन सुनिश्चित कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों एवं अन्य लोगों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में जल जीवन मिशन से संबंधित जमीनी विवादों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे प्रकरणों का संबंधित विभागों से समन्वय कर शीघ्र समाधान कराया जाए, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो। निर्देशित किया कि एनएच के अधिकारियों के साथ समन्वय एवं वार्ता कर आवश्यक एनओसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाए, ताकि संबंधित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा सके।

