जिंदगी ने सब सिखा दिया
वंदना
उम्र 26
उत्तराखंड
कभी स्कूल जाने से डर लगता था,
आज अकेले ही दुनिया घूम लेती हूँ,
पहले फर्स्ट आने के लिए पढ़ते थे,
आज पहचान बनाने के लिए पढ़ते हैं,
पहले दोस्त हर दिन साथ होते थे,
हँसी हर बात में शामिल होती थी,
आज वही दोस्त यादों में बस जाते हैं,
और मुस्कान बस तस्वीरों में मिलती है।
कभी छोटी-छोटी बातों पर रो लेते थे,
आज हर ग़म को चुपचाप सह लेते हैं,
सच में जिंदगी ने सबकुछ सिखा दिया,
जाने कब हमें इतना बड़ा बना दिया।

