जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं पुनरीक्षण को लेकर बैठक सम्पन्न हुई।

जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं पुनरीक्षण को लेकर बैठक सम्पन्न हुई।

 

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ0प्र0 लखनऊ के द्वारा मतदेय स्थलों का सम्भाजन प्रति 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जाने के निर्देश दिये गये है।

 

बैठक में मतदेय स्थलों के पुनरीक्षण की निर्धारित समय-सारिणी से भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया कि 24 से 28 जून, 2026 तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन,पुनर्निधारण एवं नए मतदेय स्थलों का चिन्हांकन, 29 जून से 01 जुलाई तक राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श एवं प्रस्ताव तैयार किए जाने, 04 जुलाई, 2026 को मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन कर उसकी प्रतियां राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराये जाने की तिथि निर्धारित की गयी है। 18 जुलाई 2026 को वर्तमान संसद सदस्यों, विधान सभा सदस्यों तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठकों के आयोजन के पश्चात शिकायतों एवं सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अन्तिम रुप दिया जाना। जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा सभी संलग्नकों सहित मतदेय स्थलों का प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन कार्यालय को आयोग के अनुमादनार्थ भेजने हेतु उपलब्ध कराये जाने की तिथि 25, 27 एवं 28 जुलाई 2026 निर्धारित की गयी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा सम्भाजन संबन्धी प्रस्ताव आयोग के अनुमोदनार्थ प्रेषित किये जाने की तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गयी है।

 

मतदेय स्थलों के सम्भाजन के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन मतदये स्थल भवन तथा उससे सम्बद्ध किये जाने वाले निर्वाचक नामावली के सुसंगत भाग के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के बाद किया जायेगा अर्थात भवन के सत्यापन के साथ-साथ यह भी देखा जायेगा कि उस मतदेय स्थल की निर्वाचक नामावली में अंकित मतदाताओं का निवास उस भवन के आस-पास भौतिक रुप से हो।

विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार मतदेय स्थलों का निर्धारण करने के पश्चात मतदेय स्थलों की एक नयी सूची तैयार की जायेगी और उसका आलेख्य समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जायेगा। तत्पश्चात मतदेय स्थलों की इस आलेख्य सूची पर राजनैतिक दलों विधायकों, सांसदों की एक बैठक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा आयोजित कर विचार-विमर्श करके आलेख्य सूची को अन्तिम रुप दिया जायेगा।

 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जहां ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज तथा बहुमंजिली भवन बन गये हैं उन क्षेत्रों के उक्त भवनों में मतदेय स्थल बनाने हेतु भूतल पर सामान्य सुविधा क्षेत्र/सामुदायिक हॉल आदि उपलब्ध हों तो उक्त सोसाइटी एवं भवनों में आवासित मतदाताओं हेतु वहीं मतदेय स्थल बनाये जाने की कार्यवाही कर ली जाय। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा हेतु शहरी क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज तथा बहुमंजिली भवनों में मतदेय स्थल बनाये जाने पर जोर दिया जा रहा है।

 

शहरी क्षेत्रों में जहाँ नयी आवासीय कालोनियां गत कुछ वर्षों में विकसित हुई हैं और उसमें नागरिक निवास करने लगे हैं वहाँ पर यथावश्यकता नया मतदेय स्थल स्थापित करने के संबंध में विचार कर लिया जाय। आयोग की यह भी अपेक्षा रहती है कि एक पोलिंग स्टेशन लोकेशन पर मतदेय स्थलों के मध्य यथासंभव उचित संख्या में मतदाता हों और कोई भी परिवार न टूटे तथा परिवार के सभी सदस्य समान अनुभाग एवं समान स्थान पर रखे जायें।

 

विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों को रनिंग सीरियल नम्बर दिये जायेंगे। मतदेय स्थलों की नई सूची में कोई भी आक्जिलरी (सहायक) मतदेय स्थल नहीं रखा जायेगा। गत सम्भाजन (Rationalization) के समय मतदेय स्थल भवनों के नामों को शुद्ध रूप से अंकित नहीं किया था, जिसके कारण नई सूची प्रकाशित होने के कुछ ही समय बाद उनमें संशोधन की आवश्यकता पड़ी। अतः नामों की शुद्धता पर विशेष ध्यान रखा जाय। जिन मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की संख्या मानक से कम है उनका तार्किक विश्लेषण करते हुए उक्त लोकेशन पर उपलब्ध अन्य मतदेय स्थलों में समायोजित कर लिया जाय। विशेष परिस्थितियों में 300 से कम मतदाता वाले मतदेय स्थलों को रखा जाना अपरिहार्य हो, तो प्रस्ताव (अनुलग्नक-1) में उस मतदेय स्थल को बनाये रखे जाने के सम्बन्ध में स्पष्ट कारण का उल्लेख कर दिया जाय।

अत्यधिक पुराने व जर्जर भवन वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए। अस्थायी निर्माण वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे मतदेय स्थलों को चिन्हित किया जाए, जो मुख्य गाँव / बस्ती से पर्याप्त दूरी पर है, उन मतदेय स्थलों को वहाँ से हटाकर मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत किसी सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाए। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि मतदेय स्थल की दूरी लगभग 02 कि०मी० से अधिक न हो। जिन मतदेय स्थलों के भवन पुराने व जर्जर नहीं है तथा जहाँ मतदाताओं को 02 कि०मी० से अधिक दूरी चलने की आवश्यकता नहीं है, ऐसे मतदेय स्थलों की स्थिति में परिवर्तन नहीं किया जाए। कोई मतदेय स्थल यदि अपने मतदान क्षेत्र में उपयुक्त भवन न उपलब्ध होने के कारण मतदान क्षेत्र से बाहर स्थित है और अब मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपयुक्त भवन उपलब्ध हो गया है तो ऐसे मतदेय स्थल को अपने मतदान क्षेत्र के अन्दर स्थित भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। यदि भौतिक सत्यापन में किसी मतदेय स्थल के संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बाहर स्थित होने का मामला प्रकाश में आता है तो ऐसे मतदेय स्थलों को परिवर्तित कर विधानसभा क्षेत्र के अन्दर स्थापित किया जाए। सभी मतदेय स्थल भवनों के यथासम्भव भूतल पर होना सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांगजनों और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिये प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी राजनैतिक दल या लेबर यूनियन के कार्यालय से 200 मीटर के अन्दर कोई भी मतदेय स्थल नहीं बनाया जाए।

 

चूंकि वर्ष 2027 में विधानसभा सामान्य निर्वाचन सम्पन्न होना है अतः यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के पश्चात् मतदेय स्थलों के स्थान में अंतिम क्षणों में परिवर्तन की आवश्यकता न रहे। प्रायः यह देखा गया है कि मतदेय स्थल लोकेशन पर कमरों की अनुपलब्धता होते हुए भी मतदेय स्थलों का अनुमोदन प्राप्त कर लिया जाता है। यदि कोई मतदेय स्थल निजी भवन में स्थापित है और वहां यदि शासकीय भवन उपलब्ध हो गये हैं तो उक्त मतदेय स्थलों को शासकीय भवनों में स्थानान्तरित कर दिया जाय। यदि कोई मतदेय स्थल दुकान/ व्यवसायिक प्रतिष्ठान/व्यक्तिगत सामुदायिक केन्द्र/विवाह घर अथवा ऐसे भवन जिनका स्वामित्व किसी राजनैतिक व्यक्ति के पास है, ऐसे मतदेय स्थलों हेतु विकल्प तलाश कर उनको स्थानान्तरित कर दिया जाय। मतदेय स्थलों के सम्बन्ध में राजनैतिक दलों से प्राप्त सभी शिकायतों तथा सुझावों की सम्यक् रूप से जांच की जाय तथा उन्हें उपयुक्त उत्तर देते हुये उनका निपटान किया जाय। लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दौरान या उसके बाद मतदेय स्थलों के सम्बन्ध में जो शिकायतें प्राप्त हुई हों, उनका परीक्षण कराकर निपटान कर लिया जाय। मतदेय स्थलों को बनाते समय ए०एम०एफ० सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं ( Assured Minimum Facilities) सम्बन्धी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाय।

 

जिला निर्वाचन अधिकारी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि ने वर्तमान में स्थापित मतदेय स्थलों के संबंध में यदि कोई आपत्ति/सुझाव हो तो इस बैठक में लिखित रूप से उपलब्ध कराया जा सकता है।

 

इस अवसर पर समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

 

———-

जिला सूचना कार्या

लय, जौनपुर द्वारा जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *