जौनपुर में टेªडवार दर्जी, हलावाई, बढई, कुम्हार, नाई, राजमिस्त्री, लोहार, मोची, धोबी आदि टेªडो में 10 दिवसीय प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजनानतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रशिक्षण एवं टूलकिट प्रदान किये जाने हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये जा रहे है।

डिप्टी कमिश्नर इण्डस्ट्रीज, जौनपुर ने अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ’’विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनान्तर्गत जनपद जौनपुर में टेªडवार दर्जी, हलावाई, बढई, कुम्हार, नाई, राजमिस्त्री, लोहार, मोची, धोबी आदि टेªडो में 10 दिवसीय प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजनानतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रशिक्षण एवं टूलकिट प्रदान किये जाने हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये जा रहे है। आवेदन 31 जुलाई 2026 तक आनलाइन वेबसाइट www.msme.up.gov.in पर आवेदन कर सकते है। योजना की पात्रता शर्ते निम्नवत् हैः- आवेदन के साथ पासपोर्ट साईज फोटो, बैंक पासबुक की छाया प्रति, आधार कार्ड की छाया प्रति, जाति प्रमाण प्रत्र की छाया प्रति, परम्परागत प्रमाण-पत्र, प्रधान/सभासद द्वारा प्रमाणित, आवेदनकर्ता की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। आवेदनकर्ता जनपद का स्थायी निवासी होना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, जौनपुर में सम्पर्क कर सकते है।
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जौनपुर 20 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-02

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी जौनपुर सतीष चन्द्र गुप्ता ने अवगत कराया है कि उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के तत्वाधान में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम किया जा रहा है, जिसमें विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना तथा टूल-किट्स योजना के बारे में ग्राम वासियों/क्षेत्रवासियों को जागरूक करना है।
उक्त क्रम में 21 जुलाई 2026 को विभाग द्वारा एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ग्राम कुशहां पोस्ट- घनश्यामपुर तहसील- बदलापुर जनपद-जौनपुर में किया जाना सुनिश्चित किया गया है। जागरूकता क्रार्यक्रम का आयोजन जिला ग्रामोद्योग कार्यालय जौनपुर द्वारा किया जाना है, जिसमें जिला ग्रामोद्योग अधिकारी/उपायुक्त उद्योग एवं कार्यालय के सभी स्टाफ उपस्थित रहेंगे।
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जौनपुर 20 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-03

जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने अवगत कराया है कि निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश लखनऊ के पत्र के क्रम में “स्कूल जाने वाली/शिक्षण प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 16 वर्ष या इससे अधिक के दिव्यांग छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल दिये जाने हेतु अनुदान नियमावली, 2026) चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र हेतु 20 “ई-ट्राईसाइकिल” के भौतिक लक्ष्य का निर्धारण करते हुए नियमावली में निहित प्राविधानों के अनुसार लाभार्थियों का चिन्हांकन कराते हुए पात्रता सूची तैयार करने की अपेक्षा की गयी है।
उपर्युक्त के क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने अधीनस्थ विद्यालयों/संस्थाओं में अध्ययनरत 16 वर्ष या इससे अधिक के दिव्यांग छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल से लाभान्वित किये जाने हेतु निर्धारित प्रारूप जिसमे दिव्यांग का नाम, अभिभावक का नाम, आयु, पूरा पता, अभिभावक का मोबाइल नम्बर, विद्यालय/संस्था का नाम जिसमे छात्रा पढ़ रही है, विद्यालय/ संस्था के प्रबंधक का मोबाइल नम्बर और क्लास जिसमे छात्रा अध्यनरत है का सूचना संकलित कराते हुए (दिव्यांग प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, आधार प्रमाण-पत्र के प्रति एवं एक फोटो) के साथ, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को 01 सप्ताह में उपलब्ध कराने हेतु अपेक्षा की है, जिससे कि अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं को लक्ष्य के सापेक्ष ई-ट्राईसाइकिल से लाभान्वित कराये जाने की कार्यवाही सम्बंधित विभाग द्वारा करायी जा सके।
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जौनपुर 20 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-04

मत्स्य विभाग द्वारा संचालित राज्य सेक्टर की विभिन्न योजनाओं हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रण की सूचना

मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण राम नारायण तिवारी ने अवगत कराया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित राज्य सेक्टर की योजनाओं के अन्तर्गत जन सामान्य को ऑनलाइन आवेदन करने हेतु पुनः विभागीय पोर्टल http//fisheries.up.gov.in दिनांक 16 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक खोला जा रहा है जिसमे मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, सघन मत्स्य पालन हेतु ऐरियेशन सिस्टम की स्थापना योजना, उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के अन्तर्गतः- मोपड विद आइस बाक्स परियोजना, विशिष्ट प्रजाति की मत्स्य हैचरी स्थापना योजना है।

उपरोक्त योजनाओं में लाभ प्राप्त करने हेतु योजनावार आवेदन पृथक-पृथक करने होंगे। योजनान्तर्गत परियोजना का विवरण, इकाई लागत, आवेदन करने की प्रक्रिया, आवेदन के साथ संलग्न किये जाने वाले अभिलेख व विस्तृत विवरण को विभागीय वेबसाइट http//fisheries.up.gov.in पर देखा जा सकता है। उक्त योजनाओं में यदि भविष्य में कोई संशोधन होता है तो संशोधित प्राविधान लागू होंगे। योजना में पूर्व के वर्षो में निरस्त/प्रतिक्षारत आवेदन वाले आवेदक पुनः आवेदन कर सकते है। इसके अतिरिक्त योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी हेतु किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय- मत्स्य पालक विकास अभिकरण, विकास भवन जौनपुर से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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जौनपुर 20 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-05

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसान भाइयों को अवगत कराया है कि तापमान में उतार चढ़ाव के कारण फसलों में लगने वाले सामयिक कीट-रोग के प्रकोप की सम्भावना के दृष्टिगत बचाव एवं प्रबंधन हेतु सुझाव एवं संस्तुतियां दी जा रही है इन्हे अपनाकर फसल सुरक्षा कर सकते है।
धान मे खरपतवार नियंत्रण हेतु बिषपाईरीबैंक सोडियम 10% SC की 200 ML रसायन रोपाई के 10-15 दिन बाद प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। रोपाई की स्थिति में प्रेटिलाक्लोर 50% EC की 1.25 लीटर मात्रा को प्रति हेक्टेयर लगभग 500 लीटर पानी में घोलकर प्रयोग करना चाहिऐ। धान में तना बेधक से बचाव हेतु कारटाप हाइड्रोक्लोराइड 4%G R 18 KG मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 3-5 सेमी० पानी में बिखेर कर प्रयोग करे। पत्ती लपेटक कीट से बचाव हेतु फेरोमोन ट्रैप 4-5 प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करें। अथवा कलोरेन्ट्रानिलीप्रोल 18.5 SC की 150 ML मात्रा 500 ली० पानी में स्प्रे करें। धान में फुदका के नियंत्रण हेतु एजाडिरोक्टिन 0.15 10% EC 2.5 ली / हेक्टेयर 500-600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। जीवाणु झुलसा एवं जीवणुधारी रोग से बचाव हेतु स्ट्रेप्टोमाईसिन सल्फेट 90% + टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10% की 15 ग्राम मात्रा को 500 ग्राम कापर आक्सीक्लोराइड 50% WP के साथ मिलाकर 500-700 लीटर पानी में धोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करना चाहिए। मक्का में तना बेधक कीट का 10% मृत गोभ (आर्थिक क्षति स्तर) दिखाई पड़ने पर डाइमेथोएट 30% EC की 660 ML मात्रा प्रति हेक्टेयर 700 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। मक्का में फॉल आर्मी वर्म कीट से बचाव हेतु 3-4 लाइट ट्रैप स्थापित करें। रासायनिक नियत्रण हेतु क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल 47.85% SC की 75 ML मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। गन्ना में चोटी बेधक कीट (टॉप बोरर) के नियंत्रक हेतु क्लोरपायरीकास 20 % EC 1.5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 600-800 लीटर पानी मे प्रयोग करें। बैगन में फल एवं तना बेधक कीट के नियंत्रण हेतु कार्बोसल्फान 25% EC की 1.2 लीटर मात्रा को 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। किसान भाई राष्टीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS) का प्रयोग करके कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी निः शुल्क प्राप्त कर सकतें है। घ्यातव्य है कि रसायन पर 50% तथा जैविक रसायन पर 75% अनुदान, तथा बखारी और कृषि रक्षा उपकरण पर 50% अनुदान सरकार द्वारा दिया जा रहा है। किसान भाई योजना का आधिक से आधिक लाभ पहले आओ पहले पाओं को आधार पर प्राप्त करें।
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जिला सूचना कार्यालय, जौनपुर द्वारा जारी

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