जौनपुर में तीन दिवसीय पुलिस भर्ती परीक्षा में 56880 में 15271 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा 416 09 अभ्यर्थी हुए शामिल

जौनपुर में तीन दिवसीय पुलिस भर्ती परीक्षा में 56880 में 15271 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा 416 09 अभ्यर्थी हुए शामिल

 

 

जौनपुर में तीन दिवसीय आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा बुधवार को 21 केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच सम्पन्न हुई. पुलिस भर्ती परीक्षा 8 जून से शुरू हुई थी , तीन दिन चलने वाली परीक्षा 6 पालियो में पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गयी थी.इस तीन दिन की परीक्षा में 58880 अभ्यर्थियों में से 15271 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी थी और 416 09 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए है।

पहले दिन सोमवार की पहली पाली में 9876 अभ्यर्थियों में से 2641 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी थी और 6839 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। दुसरे पाली में 9480 अभ्यर्थियों में से 2641 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी थी 6839 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। दुसरे दिन मंगलवार की पहली पाली में 9480 में से 2575 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी थी 6905 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। दूसरी पाली में 9480 अभ्यर्थी में से 2420 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी 7060 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। आखिरी दिन बुधवार की पहली पाली में 9480 अभ्यर्थियो में से 2504 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी 6976 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। दूसरी पाली में 9480 अभ्यर्थियों में से 2490 अभ्यर्थियो ने परीक्षा छोड़ी और 6990 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।

 

 

परीक्षा देकर निकलने के बाद अभ्यर्थी आपस में प्रश्नपत्र के स्तर पर चर्चा करते रहे। अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी कठिन था। हिंदी साहित्य, गणित और तर्क शक्ति के प्रश्न काफी उलझाने वाले थे। वहीं, समय प्रबंधन भी चुनौतीपूर्ण रहा।

परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थी प्रश्नों के उत्तरों और प्रश्नपत्र को लेकर चर्चा करते दिखाई दिए। अभ्यर्थियों का कहना था कि हिंदी में साहित्य, समसामयिक घटनाक्रम से संबंधित प्रश्नों में काफी समय लगा। गणित में ज्यामिती और प्रतिशत से संबंधित प्रश्नों भी कठिन रहे।

समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े कई प्रश्न सामान्य तैयारी के दायरे से अलग थे। इससे उन्हें हल करने में परेशानी हुई। इसके अलावा अक्षरों के समूह पैटर्न की पहचान करने वाले कुछ प्रश्न भी कठिन साबित हुए।

मिर्जापुर के सुनील गौतम, ने बताया कि तर्क शक्ति के प्रश्न काफी घुमावदार थे। विशेष रूप से वर्णमाला, दिशा व दूरी, वेन आरेख और सांकेतिक भाषा से जुड़े प्रश्नों ने उलझाया। समसामयिक घटनाक्रम की बेहतर तैयारी करने वालों को लाभ मिला होगा।

मऊ से विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि पेपर काफी कठिन था। हिंदी साहित्य और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े प्रश्नों ने काफी समय लिया। गणित के तालिका से जुड़े प्रश्न भी अपेक्षाकृत कठिन थे। परीक्षा में समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा है। ,

बलिया के सुरेश यादव ने बताया कि गणित की अच्छी तैयारी करने वालों के लिए पेपर आसान रहा। समसामयिक घटनाक्रम और गणित दोनों ही विषय चयन में अहम भूमिका निभाएंगे। इस बकर चयन सूची का स्तर बढ़ने की संभावना है।

 

 

 

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