*डॉक्टर्स डे के अवसर पर संदेश*
*डॉ. गौरव सिन्हा*
डॉक्टर्स डे के पावन अवसर पर मैं सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। चिकित्सक केवल रोगों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि समाज को स्वस्थ एवं सुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, अनिद्रा एवं विभिन्न अस्थि एवं स्नायु संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में आयुर्वेद एक समग्र एवं वैज्ञानिक जीवन पद्धति के रूप में अत्यंत प्रासंगिक है। आयुर्वेद हमें केवल रोगों का उपचार ही नहीं, बल्कि स्वस्थ रहने की कला भी सिखाता है।
पंचकर्म आयुर्वेद की एक विशिष्ट शोधन चिकित्सा है, जो शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालकर दोषों का संतुलन स्थापित करती है। वमन, विरेचन, बस्ती, नस्य एवं रक्तमोक्षण जैसी पंचकर्म प्रक्रियाएँ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, तनाव कम करने तथा दीर्घकालिक रोगों की रोकथाम एवं उपचार में अत्यंत लाभकारी हैं।
दैनिक जीवन में आयुर्वेद के सिद्धांत जैसे – संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, ऋतुचर्या, योग, ध्यान एवं समय-समय पर पंचकर्म का पालन हमें शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है।
आइए, इस डॉक्टर्स डे पर हम सभी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा आयुर्वेद एवं पंचकर्म के माध्यम से “स्वस्थ भारत” के निर्माण का संकल्प लें।
“स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं, आतुरस्य विकार प्रशमनं च”
अर्थात् – स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना तथा रोगी के रोगों का निवारण करना ही आयुर्वेद का प्रमुख उद्देश्य है।
*डॉक्टर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएँ।*
*डॉ. गौरव सिन्हा*
*एम.डी. (पंचकर्म), एमबीए (एचसीएस), सीआरएवी *
*सीनियर कंसल्टेंट पंचकर्म *

