कई न्यूज़ सर्वे के एग्ज़िट पोल में बीजेपी के जीत के अनुमान के बाद और चुनाव नतीजों से पहले द्वारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिर ईवीएम को लेकर सवाल उठा दिया है. उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग से कई बूथों पर हो रही धांधलियों को रोकने के लिए बताया गया. उनसे कड़ी कार्रवाई करने की अपील की गई मगर एक भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई. अब जनता को आगे आकर अपने मतदान की रक्षा करनी होगी. उन्होंने अपनी पार्टी सहित गठबंधन के अन्य नेताओं व प्रत्याशियों को कम से कम तीन दिन तक ईवीएम की रक्षा करने की अपील की.
यूपी के पूर्व सीएम और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस प्रेस वार्ता से पहले जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह चौहान सहित सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर के साथ लंबी बैठक की. उसके बाद उन्होंने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा, इस चुनाव में जिन लोगों ने वोट दिया है, उनकी यह जिम्मेदारी है कि वे ईवीएम की रक्षा करें. वे अपने मतदान को सुरक्षित करें क्योंकि यह सरकार बनाने और लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है. यदि इस बार भी इनकी साजिश पूरी हो जाएगी तो अगली बार आंदोलन करने के बाद ही इन लोगों को साजिश करने से रोका जा सकता है.
अखिलेश यादव ने कहा कि मीडिया में कुछ दिनों पहले एक खबर छपी थी कि अखिलेश यादव का घर साफ कराया जा रहा है. इसके बाद से ही साजिश करके मतदान में गड़बड़ी करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि लखनऊ से बड़े स्तर के अफसर डीएम आदि को फोन करके उन्हें गलत काम करने पर मजबूर किया जा रहा है. सोनभद्र और वाराणसी के डीएम के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई की मांग की है.
इस पर वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि ईवीएम का इस्तेमाल प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा था और वे मतदान में इस्तेमाल नहीं की गई थी. कुछ राजनीतिक दलों पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए, जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने कहा कि चुनावों में इस्तेमाल की गई सभी ईवीएम सीआरपीएफ के कब्जे वाले स्ट्रांग रूम में सील कर दी गई हैं और सीसीटीवी निगरानी में हैं, जिसे सभी राजनीतिक दल के लोग देख रहे हैं.
उन्होंने कहा, मंडी स्थित खाद्य गोदाम में बने एक अलग गोदाम से ईवीएम यूपी कॉलेज जा रही थी. गणना कार्य में लगे कर्मचारियों का कल दूसरा प्रशिक्षण है और इन मशीनों का प्रयोग हमेशा व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए किया जाता है.

