
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। नानकशाही 554वाँ नव वर्ष ‘‘कीर्तन दरबार‘‘ के रूप में श्री गुरू सिंह सभा ऐतिहासिक गुरूद्वारा श्री गुरु नानक देव नाका हिण्डोला,लखनऊ में बड़ी श्रद्धा एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।
मुख्य ग्रंथि ज्ञानी सुखदेव सिंह जी ने इस कीर्तन समागम के बारे में प्रकाश डालते हुए बताया कि 1 जनवरी को जो हम नव वर्ष मनाते हैं वह ईसवी संवत के हिसाब से है एक चेत यानी 14 मार्च को जो पंजाबी समाज नव वर्ष मना रहा है वह नानकशाही कैलेंडर के मुताबिक है और विक्रमी संवत के मुताबिक अप्रैल में भारतवासी नव वर्ष मनाते हैं। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सभ्यता को साथ जोड़ने के लिए और जानकारी देने के लिए इस पंजाबी नव वर्ष पर भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया जा रहा है ताकि हम सब प्रभु का सिमरन और गुरबाणी का गायन करते हुए नव वर्ष में प्रवेश करें और परमात्मा की खुशियों को प्राप्त करें।
इस अवसर पर फूलों से सुसज्जित संगमरमर की भव्य पालकी साहिब एवं दरबार हाल को बिजली की झालरों से बड़ी खूबसूरती से सजाया गया रात्रि का विशेष दीवान 9.30 बजे प्रारम्भ हुआ जो रात्रि 12.30 बजे तक चला जिसमें पंथ प्रसिद्ध रागी जत्थे भाई सुरिन्दर सिंह जी हजूरी रागी श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब जी ने अपनी मधुरवाणी में
1. करन बंदगी विरले बन्दे ।।
2. अमृत की सार सोइ जाणे जि अमृत का वापारी जीओ।।
शबद कीर्तन गायन कर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया तत्पश्चात भाई अमनदीप सिेह जी हजूरी रागी श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब जी ने
1. सुण नाह पिआरे इक बेनंती मेरी।। तू निज घरि वसिअड़ा हउ रुलि भसमे ढेरी।।
2. गंगा की लहरि मेरी टूटी जंजीर।। मरिगशाला पर बैठे कबीर।।
3.अैथे उथै रखवाला प्रभ सतिगुर दीन दयाला।।
शबद कीर्तन गायन कर आई साध संगतों को निहाल किया।
संगत द्वारा श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी पर फूलों की वर्षा की गई। सभी ने एक दूसरे को नानकशाही नव वर्ष की बधाई दी।कार्यक्रम का संचालन सतपाल सिंह मीत किया।
संगतों की ओर से नये साल की खुशी में श्रधालुओं के लिए स्टाल लगाकर चाय/काफी, पकौड़े, छोले कुचले, राजमाँ-चावल एवं खीर एवं केसरिया दूध की सेवा की गई। बाबा दीप सिंह फाउन्डेशन की द्वारा मिनरल वाटर की सेवा की गई। सेवा सिक्ख सेवक जत्थे के राजवंत सिंह बग्गा, कुलदीप सिंह सलूजा द्वारा जोड़ों की सेवा की गई।
सम्पूर्ण कार्यक्रम हरमिन्दर सिंह टीटू महामंत्री, मनमीत सिंह बंटी, हरविंदरपाल सिंह नीटा, आज्ञापाल सिंह एवं राजिन्दर सिंह पप्पू की देखरेख में सम्पन्न हुआ।
समाप्ति के उपरान्त श्री गुरु सिंह सभा ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु नानक देव जी नाका हिण्डोला के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह जी ने विशेष रुप से पधारे रागी जत्थों को गुरु घर का सम्मान सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया और आई संगत को नानकशाही 554वाँ नव वर्ष की बधाई दी।

