नेपाल के 22 किसानों ने सीखी मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीक
डीएम ने किया स्वागत, फार्मों का भ्रमण कर शहद उत्पादन और कॉलोनी प्रबंधन की ली जानकारी
फोटो-04
बाराबंकी। मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेपाल के 22 प्रगतिशील मधुमक्खी पालक किसानों का बाराबंकी में एक्सपोजर विजिट आयोजित किया गया। जीवन्ती वेलफेयर एंड चौरिटेबल ट्रस्ट और चौनपुरवा कायाकल्प फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित भ्रमण में नेपाल से आए किसान प्रतिनिधियों ने मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीकों और शहद उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी हासिल की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ध्रुव तारा लामिछाने ने किया। लोक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने नेपाल के किसान प्रतिनिधियों और डाबर के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने में इसकी भूमिका पर जानकारी साझा की। जिलाधिकारी ने बाराबंकी में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने, किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने और आवश्यक सहयोग देने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी और समन्वय निमित सिंह ‘मधुमक्खीवाला’ ने किया। इसके बाद नेपाल से आए किसानों ने राजौली स्थित निमित सिंह के फार्म का भ्रमण किया। यहां किसानों ने मधुमक्खी कॉलोनी प्रबंधन, रानी मधुमक्खी के रखरखाव, शहद उत्पादन, आधुनिक मधुमक्खी पालन तकनीक, शहद की गुणवत्ता और प्रसंस्करण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। प्रतिनिधिमंडल ने हैदरगढ़ स्थित मधुमक्खी पालक अविनाश के फार्म का भी भ्रमण किया। यहां किसानों को मधुमक्खी पालन की व्यावहारिक तकनीकों और फार्म प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। एक्सपोजर विजिट के आयोजन और समन्वय में डाबर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कंपनी की ओर से प्रधान वैज्ञानिक सुरेंद्र भगत, फील्ड ऑफिसर अजय कुमार, तथा डाबर नेपाल के संजीव गिरी और गौतम थापा मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, भ्रमण का उद्देश्य भारत और नेपाल के मधुमक्खी पालक किसानों के बीच तकनीकी ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करना तथा आधुनिक एवं बेहतर मधुमक्खी पालन पद्धतियों को बढ़ावा देना है। इस दौरान किसानों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा किए और मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में संभावनाओं पर भी चर्चा की।
नेपाल के 22 किसानों ने सीखी मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीक
डीएम ने किया स्वागत, फार्मों का भ्रमण कर शहद उत्पादन और कॉलोनी प्रबंधन की ली जानकारी
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बाराबंकी। मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेपाल के 22 प्रगतिशील मधुमक्खी पालक किसानों का बाराबंकी में एक्सपोजर विजिट आयोजित किया गया। जीवन्ती वेलफेयर एंड चौरिटेबल ट्रस्ट और चौनपुरवा कायाकल्प फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित भ्रमण में नेपाल से आए किसान प्रतिनिधियों ने मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीकों और शहद उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी हासिल की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ध्रुव तारा लामिछाने ने किया। लोक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने नेपाल के किसान प्रतिनिधियों और डाबर के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने में इसकी भूमिका पर जानकारी साझा की। जिलाधिकारी ने बाराबंकी में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने, किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने और आवश्यक सहयोग देने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी और समन्वय निमित सिंह ‘मधुमक्खीवाला’ ने किया। इसके बाद नेपाल से आए किसानों ने राजौली स्थित निमित सिंह के फार्म का भ्रमण किया। यहां किसानों ने मधुमक्खी कॉलोनी प्रबंधन, रानी मधुमक्खी के रखरखाव, शहद उत्पादन, आधुनिक मधुमक्खी पालन तकनीक, शहद की गुणवत्ता और प्रसंस्करण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। प्रतिनिधिमंडल ने हैदरगढ़ स्थित मधुमक्खी पालक अविनाश के फार्म का भी भ्रमण किया। यहां किसानों को मधुमक्खी पालन की व्यावहारिक तकनीकों और फार्म प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। एक्सपोजर विजिट के आयोजन और समन्वय में डाबर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कंपनी की ओर से प्रधान वैज्ञानिक सुरेंद्र भगत, फील्ड ऑफिसर अजय कुमार, तथा डाबर नेपाल के संजीव गिरी और गौतम थापा मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, भ्रमण का उद्देश्य भारत और नेपाल के मधुमक्खी पालक किसानों के बीच तकनीकी ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करना तथा आधुनिक एवं बेहतर मधुमक्खी पालन पद्धतियों को बढ़ावा देना है। इस दौरान किसानों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा किए और मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में संभावनाओं पर भी चर्चा की।

