ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा : नोएडा में बकाया राशि वसूली को लेकर प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत निर्धारित 25% बकाया राशि भी जमा न करने वाले 8 बिल्डरों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के अनुसार, इन 8 बिल्डरों पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का बकाया है। कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद न तो इन बिल्डरों ने भुगतान किया और न ही किसी तरह की सहमति दिखाई। ऐसे में अब प्राधिकरण उनकी अनसोल्ड इन्वेंट्री और संपत्तियों को सीज कर नीलाम करने की तैयारी में है।
नोएडा में कुल 57 बिल्डर परियोजनाओं पर करीब 28,000 करोड़ रुपये का से ज्यादा का बकाया था। बायर्स की रजिस्ट्री सुनिश्चित कराने और बकाया वसूली के लिए सरकार ने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू कीं।
22 बिल्डरों ने 25% बकाया जमा कर दिया
14 बिल्डरों ने सहमति दी, लेकिन भुगतान नहीं किया
15 बिल्डरों ने आंशिक भुगतान किया
8 बिल्डर ऐसे हैं जिन्होंने न सहमति दी, न भुगतान किया
क्या होगी कार्रवाई
प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी के अनुसार
इन बिल्डरों को पहले चरण में 251.40 करोड़ रुपये (25%) जमा करने थे
इससे 533 बायर्स की रजिस्ट्री संभव हो सकती थी
यदि पूरा बकाया 1171.94 करोड़ रुपये जमा होता, तो 2123 बायर्स को राहत मिल सकती है
अब प्राधिकरण इन बिल्डरों की संपत्तियों की पहचान कर रहा है
अनसोल्ड फ्लैट्स और अन्य एसेट्स को सीज करेगा
नीलामी के जरिए बकाया वसूली की जाएगी
इन 8 बिल्डरों से जुड़े प्रोजेक्ट्स में:
कुल 10,328 यूनिट्स स्वीकृत
9,348 यूनिट्स का निर्माण पूरा
4,850 यूनिट्स को OC (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) जारी
3,839 यूनिट्स की रजिस्ट्री हो चुकी
इसके बावजूद बड़ी संख्या में बायर्स अभी भी रजिस्ट्री और पजेशन का इंतजार कर रहे हैं।
प्राधिकरण का यह कदम न केवल बकाया वसूली के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि हजारों होमबायर्स को राहत दिलाने की दिशा में भी बड़ा प्रयास माना जा रहा है। आने वाले समय में नीलामी प्रक्रिया पर सभी की नजरें रहेंगी।

