ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा : नोएडा में हालिया श्रमिक आंदोलन के बाद श्रम विभाग ने बड़े स्तर पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। श्रम कानूनों के उल्लंघन के आरोप में 24 फैक्ट्रियों से जुड़े लगभग 200 से ज्यादा ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कदम से औद्योगिक क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के अनुसार, कार्रवाई के तहत करीब 1.16 करोड़ रुपये मजदूरों को लौटाने का आदेश दिया गया है। यह राशि बकाया भुगतान के रूप में संबंधित ठेकेदारों से वसूली जाएगी। विभाग ने साफ किया है कि मजदूरों के अधिकारों से किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिन ठेकेदारों पर गंभीर उल्लंघन के आरोप हैं, उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी भी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भविष्य में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है।
श्रम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि हाल की हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं में शामिल श्रमिकों और उनसे जुड़े ठेकेदारों की भूमिका की अलग से जांच की जा रही है। संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के श्रमिकों के लिए 21% वेतन वृद्धि लागू कर दी गई है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और मई की 7 से 10 तारीख के बीच भुगतान किया जाएगा। यह बढ़ोतरी संविदा और स्थायी दोनों कर्मचारियों पर लागू होगा |
वेतन से केवल EPF और ESI की कटौती ही वैध होगी
ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से करना अनिवार्य
बोनस और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं देना जरूरी
समय पर वेतन न देने या कम भुगतान करने पर सख्त कार्रवाई होगी|

