प्रशासन को पहले से थी जानकारी,फिर भी नहीं टला खूनी संघर्ष,पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

प्रशासन को पहले से थी जानकारी,फिर भी नहीं टला खूनी संघर्ष,पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

(डाक्टर अजय तिवारी जिला संवाददाता)

अयोध्या।कोतवाली बीकापुर क्षेत्र की मोतीगंज चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत जोहन, मजरा चितई का पुरवा में लंबे समय से चल रहा जमीन विवाद शनिवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज और बीकापुर में कराया जा रहा है।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विवाद की जानकारी प्रशासन को पहले से थी। राजेश मिश्रा ने उपजिलाधिकारी और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि पड़ोसी उनकी भूमि पर जबरन नींव खोदकर अवैध निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं।बताया जाता है कि एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को निर्माण कार्य न करने की हिदायत भी दी। इसके बावजूद आरोप है कि दूसरे पक्ष ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया।पीड़ित पक्ष का कहना है कि निर्माण शुरू होने की सूचना तत्काल पीआरबी और मोतीगंज चौकी पुलिस को दी गई।पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन केवल औपचारिक कार्रवाई कर लौट गई और विवाद का स्थायी समाधान नहीं कराया। इसके कुछ ही घंटों बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते सख्ती से निर्माण कार्य रुकवाती और विवादित स्थल पर निगरानी रखती, तो यह हिंसक घटना टाली जा सकती थी। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यशैली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।जब प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस को पहले से विवाद की जानकारी थी, शिकायतें दर्ज थीं, लेखपाल निरीक्षण कर चुका था और पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला खूनी संघर्ष तक पहुंच गया। अब पूरे प्रकरण में लोगों की निगाह पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी है। यदि पुलिस की कार्यशैली या किसी स्तर पर लापरवाही की जांच होती है, तो कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *