प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की जर्जर इमारतें बनी है खतरा 

प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की जर्जर इमारतें बनी है खतरा

 

222 विद्यालय ध्वस्तीकरण तथा 42 विद्यालय मरम्मत के लिए चिन्हित – बीएसए

 

अयोध्या।जिले मे अधिकतर विकास खंडो मे प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की जर्जर इमारतें खतरा बनी हुई हैं।इन स्कूलों पर छतों से प्लास्टर गिर रहा है तो कहीं दीवारों में पड़ी गहरी दरारें किसी बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा रही हैं।ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि अधिकतर विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है,लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।बारिश के दिनों में भवनों की स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है।ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी,यह बड़ा सवाल है।देखा जाए तो जिले मे शहर से लेकर विकासखंड मसौधा,अमानीगंज, बीकापुर,तारुन सहित कई ऐसे विकासखंड हैं जहां पर 250 वर्ष से 300 वर्ष पूर्व बने प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।जो पूर्ण रूप से जर्जर अवस्था में हो चुके हैं इसको गिरने की कवायद पिछले वर्ष पूर्व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार पांडे के समय भी हुई थी उस समय भी एक समिति का गठन हुआ था। जो ठंडे बस्ते मे चला गया।लेकिन आज तक जर्जर प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों को ना तो ध्वस्तीकरण करने की कवायव की गई और ना ही मरम्मत करने की।जिसका नतीजा यह रहा कि इस वर्ष भी इन जगहों पर जर्जर अवस्था में विद्यालय हैं।इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लाल लाल चंद्र ने बताया कि जिले में कुल 222 ऐसे विद्यालय हैं जो की ध्वस्तीकरण करने योग्य हैं जबकि 42 प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक ऐसे विद्यालय हैं जिनका मरम्मत कराए जाने योग्य है। बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है और वहां से आदेश मिलते ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

 

 

 

 

 

 

 

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