फसलों की सुरक्षा कवच है फसल बीमा योजना ’31 अगस्त तक कराएं खरीफ फसलों का बीमा
जौनपुर, 05 अगस्त। जलवायु परिवर्तन के दौर में प्रकृति की मार से फसलों में होने वाली क्षति से किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बचाएगी। जनपद में खरीफ मौसम की सात फसलों का बीमा किया जा रहा है, इसके लिए किसानों को दो प्रतिशत मामूली प्रीमियम देना होगा। बीमा की जिम्मेदारी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को सौंपी गई है। पहले कर्ज से उगाई गई फसलों का खुद बीमा हो जाता था, किंतु अब योजना को ऐच्छिक कर दी गई है। कृषकों के लिए 31 अगस्त तक की तिथि निर्धारित की गई है।
प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान होने पर किसानों के आर्थिक क्षति की भरपाई करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू किया है। जनपद में खरीफ की धान, मक्का, उर्द, बाजरा, ज्वार, तिल और अरहर की फसल का बीमा किया जाएगा, इसके लिए किसानों को प्रीमियम का मात्र दो प्रतिशत का भुगतान करना होगा, बाकी धनराशि सरकार द्वारा दी जाएगी।
ग्राम पंचायत स्तर पर बीमा का लाभ – अधिसूचित क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण फसल की बुवाई न कर पाने, असफल बुवाई की स्थिति फसल की बुवाई से कटाई के समयावधि में प्राकृतिक आपदाओं सूखा, बाढ़, जल प्लावन, ओला, भूस्खलन, आकाशी बिजली से आग, तूफान चक्रवात, रोगों, कीटों आदि से खड़ी फसल नष्ट होने पर बीमा का लाभ मिलता है।
व्यक्तिगत फसल बीमा का लाभ – ओलावृष्टि, भूस्खलन, जल प्लावन तथा फसल की कटाई के बाद आगामी 14 दिनों तक खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल की क्षति पर बीमा का लाभ मिलेगा। किसानों को क्षति के 72 घंटे के अंदर संबंधित बैंक, बीमा कंपनी, कृषि विभाग को सूचना देना होगा।
उप परियोजना निदेशक आत्मा डा. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि खरीफ 2026 मौसम हेतु बीमा कराने की अन्तिम तिथि ऋणी कृषकों के लिए 31 अगस्त तथा गैर ऋणी कृषकों के लिए 14 अगस्त निर्धारित है, एनसीआईपी पोर्टल फसल बीमा हेतु खोल दिया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल न होने वाले ऋणी किसानों को संबंधित बैंकों में लिखित सूचना देना होगा अन्यथा उनके खाते से प्रीमियम कटौती कर योजना से जोड़ दिया जाएगा। गैर ऋणी कृषक सीएससी से अपनी फसलों का बीमा करा सकते है, उन्होंने बताया कि वर्षात कम होने से उत्पादन घटना स्वाभाविक है ऐसे में अधिक से अधिक किसान अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराए ताकि नुकसान की भरपाई फसलबीमा योजनान्तर्गत हो सकें।
फसल, बीमित राशि/हे0, कृषक अंश – धान, 79800, 1596 रु0, मक्का, 35000, 700 रु0, बाजरा, 31900, 638 रु0, ज्वार, 58000, 1160 रु0, उर्द, 71900, 1438 रु0, अरहर, 85500, 1710 रु0, तिल, 23100, 462 रुपये।

