फसलों व सब्जियों और बागवानी को हीटवेव से बचाने के लिए खेतों में बनाए रखें पर्याप्त नमी: डॉ. सीमा सिंह राणा
जिला उद्यान अधिकारी ने अवगत कराया है कि जनपद सहित पूरे प्रदेश में चल रही भीषण लू एवं बढ़ते तापमान का प्रतिकूल असर मानव व पशु-पक्षियों के साथ-साथ बागवानी फसलों एवं सब्जियों की खेती पर भी पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी और लू से फसलों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने तथा किसानों को राहत पहुँचाने के लिए जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा ने अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सलाह साझा की है।
प्रमुख तकनीकी दिशा-निर्देश व बचाव के उपाय – शाम के समय हल्की सिंचाई- जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसान भाई अपने खेतों और बागों में पर्याप्त नमी बनाए रखें। विशेष रूप से सूर्यास्त के समय (शाम को) ही हल्की सिंचाई अवश्य करें। इससे कड़ी धूप एवं लू से पौधों का स्वास्थ्य खराब नहीं होगा।
पश्चिमी हवाओं से बचाव (विंड ब्रेक) गर्म व शुष्क पश्चिमी हवाओं से फसलों की सुरक्षा के लिए सब्जी उत्पादक किसानों को खेत की पश्चिम दिशा में सरकंडे की बाड़, ग्रीन नेट अथवा घरों में उपयोग हो चुकी पुरानी साड़ियों का एक अवरोध (बाड़) जरूर बनाना चाहिए। इससे फसलों को होने वाला नुकसान काफी हद तक कम हो जाता है।
मेड़ों पर वृक्षारोपण- यदि किसान भाई खेतों की मेड़ों पर छोटे फलदार, शोभाकार या इमारती वृक्ष लगाएं, तो इससे गर्म हवाओं से सीधी सुरक्षा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण की भी दीर्घकालिक सुरक्षा हो सकेगी।
टपक (ड्रिप) एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पर 80 से 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान* – जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार जनपद में जल संचयन और फसलों की सुरक्षा हेतु व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उद्यान विभाग द्वारा टपक सिंचाई एवं स्प्रिंकलर- सिंचाई की स्थापना पर 80 से 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है।
किसान भाई इस तकनीक को अपनाकर बागों, सब्जियों के साथ-साथ कृषि व दलहनी फसलों में भी किसी भी समय बेहद कम पानी में आसानी से सिंचाई कर सकते हैं।
इससे जहाँ पानी और समय की भारी बचत होती है, वहीं किसानों को चिलचिलाती धूप में पारंपरिक नाली विधि से सिंचाई करने के शारीरिक कष्ट से भी मुक्ति मिलती है।
सरल प्रक्रिया – विभाग द्वारा किसानों की मांग के अनुसार यह सिस्टम अत्यंत सरल प्रक्रिया के तहत स्थापित कराया जा रहा है। किसान भाई डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण एवं एग्रीमेंट करा सकते हैं, जिसके पश्चात अधिकृत कंपनियों द्वारा खेतों पर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के बाद अनुदान की राशि सीधे कंपनी को भेज दी जाती है।
शहरी क्षेत्रों के लिए अपीलः रूफटॉप गार्डनिंग अपनाएं – डॉ. राणा ने शहरी क्षेत्र के निवासियों से भी अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों की छतों पर रूफटॉप गार्डनिंग को बढ़ावा दें।
छतों पर गमलों में शोभाकार पौधे, हरी मिर्च व टमाटर के पौधे लगाएं, जिससे छत पर सीधी धूप नहीं आएगी।
छत पर प्लास्टिक की मोटी शीट बिछाकर क्यारी बनाकर धनिया, टमाटर, मिर्च, मूली सहित पत्तेदार सब्जियाँ आसानी से उगाई जा सकती हैं। इससे परिवारों को शुद्ध, रसायनमुक्त ताजी सब्जियाँ मिलेंगी और घर के अंदर छत से आने वाली गर्मी से भी बड़ी निजात मिलेगी।
विशेष अपील – आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जिला उद्यान अधिकारी ने सभी जनपदवासियों व कृषकों से अपील की है कि वे वर्षाकाल में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें, जिसके लिए उद्यान विभाग द्वारा नियमानुसार निःशुल्क पौधे भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
—————
जौनपुर 27 मई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-05
जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नगर निकायों में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, वेंडिंग जोन तथा साफ-सफाई व्यवस्था के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निकायों में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
उन्होंने नगर क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि विशेष अभियान चलाकर नालों की सफाई कराई जाए तथा सफाई के दौरान निकलने वाले अवशेषों का उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के दृष्टिगत नियमित फॉगिंग हेतु अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए अतिरिक्त पंपिंग सेट की व्यवस्था पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने स्ट्रीट वेंडरों को व्यवस्थित करने तथा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित एवं नियंत्रित ढंग से संचालित कराने पर बल देते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अधिशासी अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें। जहां कहीं निर्माण अथवा अन्य कार्य संचालित हो रहे हों, वहां धूल-मिट्टी न उड़े इसके लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने नगर पालिका द्वारा संचालित विद्यालयों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिया कि विद्यालयों को सुव्यवस्थित एवं बेहतर ढंग से संचालित किया जाए, जिससे गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में बकरीद पर्व के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कुर्बानी निर्धारित स्थानों पर ही की जाए तथा कोई नई परंपरा प्रारंभ नहीं की जाएगी। कुर्बानी के अवशेषों का उचित निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने गोशालाओं में हरे चारे, चुनी एवं चोकर आदि की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ट्रांसफार्मरों के पास कूड़ा अथवा पुराने सामान न फेंकने के संबंध में जागरूकता हेतु बैनर लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निकायों को राजस्व के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट सहित नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

