फाम,वाल प्लास्टिक व फाइबर भी भड़काते हैं आग – सीएफओ

फाम,वाल प्लास्टिक व फाइबर भी भड़काते हैं आग – सीएफओ

 

अयोध्या।नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में अप्रैल से ही भारी संख्या में अग्निकांड की घटनाएं बढ़ी हुई हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारी की माने तो आग की घटनाएं छोटी-छोटी लापरवाही के चलते होती है जो बड़ी घटना का रूप धारण कर लेती है जिसमें लाखों रुपए की संपत्ति के नुकसान होती है।इस संबंध मे जानकारी देते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि आग लगने के कारण भले ही शार्ट सर्किट, गैस रिसाव, बैटरी में खराबी या लापरवाही हों।लेकिन इसके अलावा घरों और वाहनों में बढ़ते प्लास्टिक, फाइबर, फोम और अन्य कृत्रिम पदार्थ,आग को तेजी से फैलाने और धुएं की मात्रा बढ़ाने का काम कर रहे हैं।आग से बचाव हेतु आधुनिक सुविधाओं व आकर्षक सजावट के साथ सुरक्षा पर भी बराबर ध्यान देना आवश्यक है। ताकि आग लगने की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।उन्होंने बताया कि आजकल घरों और दफ्तरों में पीवीसी पैनल, फाइबर शीट, फाल्स सीलिंग और वाल प्लास्टिक, फाइबर, फोम और अन्य कृत्रिम पदार्थ आग को बहुत ही तेजी के साथ फैलाने और धुएं की मात्रा को भी बढ़ाने का करते हैं।बताया कि आजकल घरों तथा दफ्तरों में पीवीसी पैनल फाइबर शीट फाल्स सीलिंग और वाल क्लैडिंग का उपयोग तेजी से बढ़ा है। माड्यूलर फर्नीचर, लैमिनेट, फोम वाले सोफे, गद्दे और प्लास्टिक की सामग्री का उपयोग पहले की तुलना में कहीं अधिक हो रहा है।इमारतों के रंग-रोगन में विभिन्न प्रकार की सिंथेटिक कोटिंग्स और सजावटी परतों का उपयोग भी बढ़ा है।ये सामग्री आमतौर पर आग लगने का कारण

नहीं होतीं, लेकिन आग लगने के बाद उसे तेजी से फैलाने में मदद करती हैं।कई कृत्रिम पदार्थ जलने पर अत्यधिक गर्मी और घना धुआं पैदा करते हैं,जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है।बंद व कम वेंटीलेशन वाली जगहों में ऐसी सामग्री आग को कुछ ही मिनट में पूरे हिस्से में फैला सकती है।बताया कि अधिकतर लोगों की मौत केवल जलने से नहीं होती,बल्कि आग लगने के चलते निकलने वाले जहरीले धुओं से भी लोगों की मौत हो जाती है।बताया कि पीवीसी, फोम, रबर और अन्य सिंथेटिक पदार्थ जलने पर खतरनाक गैसें निकलती हैं।इनमें कार्बन मोनोआक्साइड, हाइड्रोजन सायनाइड, हाइड्रोजन क्लोराइड, फास्जीन डाइआक्साइड जैसी जहरीली गैसें शामिल है

 

 

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