फीनिक्स पलासियो में ‘दस्तावेज़ 3’ की शुरुआत, भाग्यश्री ने दुर्लभ अख़बारों और पत्र-पत्रिकाओं की प्रदर्शनी का किया उद्घाटन
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। शहर के फीनिक्स पलासियो मॉल में रविवार को “दस्तावेज़ 3” प्रदर्शनी की शुरुआत जानी-मानी अभिनेत्री भाग्यश्री ने की। इस प्रदर्शनी में करीब दो सौ साल पुराने अख़बारों और पत्र-पत्रिकाओं का ऐसा संग्रह रखा गया है, जो लोगों को इतिहास के अलग-अलग दौर की झलक दिखाता है।
इस प्रदर्शनी को वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी सुबूर उस्मानी ने तैयार किया, जो इस समय उत्तर प्रदेश में डायरेक्टर इंटेलिजेंस एवं क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के पद पर तैनात हैं। प्रदर्शनी में 1820 के दशक से लेकर आज तक के कई दुर्लभ प्रिंट दस्तावेज़ शोकेस किए गए। इनसे उस समय की बड़ी घटनाओं, समाज में आए बदलाव, विज्ञान की तरक्की और मशहूर लोगों के बारे में जानकारी मिलती है। कार्यक्रम के पहले दिन अभिनेता निर्देशक श्री तिग्मांशु धूलिया और अभिनेता लेखक श्री ज़ीशान कादरी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान भाग्यश्री ने प्रदर्शनी देखी और इसे एक अच्छी पहल बताया। 1989 में फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाली भाग्यश्री अपनी सादगी और संतुलित जीवनशैली के लिए जानी जाती हैं।
इस मौके पर फीनिक्स मिल्स के रिटेल डायरेक्टर (नॉर्थ) श्री संजीव सरीन ने कहा, “दस्तावेज़ 3 सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव है जो अलग-अलग पीढ़ियों को प्रिंट के जरिए जोड़ता है। फीनिक्स पलासियो में हम इस तरह के आयोजन की मेजबानी करके खुशी महसूस करते हैं। भाग्यश्री जी की मौजूदगी से यह आयोजन और खास हो गया है।”
प्रदर्शनी में 1826 का एक पुराना अख़बार, 1879 की साप्ताहिक शेयर रिपोर्ट, और 1937 में किंग जॉर्ज षष्ठम के राज्याभिषेक पर आधारित ‘इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया’ जैसे खास अंक शामिल हैं। इसके अलावा ‘कलकत्ता गजट’ के स्वतंत्रता और सहस्राब्दी से जुड़े संस्करण भी यहां रखे गए हैं।
विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी खबरों में चांद पर इंसान के पहुंचने की रिपोर्ट, महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन पर लेख, और भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा व शुभांशु शुक्ला से जुड़ी जानकारी भी शामिल है।
साहित्य के शौकीनों के लिए 1948 का ‘हंस’ पत्रिका का दुर्लभ अंक भी यहां मौजूद है, जिसका संपादन अमृत राय ने किया था। इसके साथ ही सिनेमा और खेल से जुड़े कई यादगार पल: जैसे दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन और परवीन बाबी से जुड़ी झलकियां, 1983 का विश्व कप जीत और 1974 व 1998 के परमाणु परीक्षण, भी इस संग्रह का हिस्सा हैं।
“दस्तावेज़ 3” प्रदर्शनी 12 से 19 अप्रैल तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी। यहां आकर लोग पुराने अख़बारों के जरिए इतिहास को करीब से देख और समझ सकते हैं।

