बाल निकुंज के “एथलेटिक गेम्स” में आनंद सिंह समेत बॉयज विंग 20 स्वर्ण पदकों के साथ पुनः रेस में सबसे आगे
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ, बाल निकुंज इंटर कॉलेज मोहिबुल्लापुर सीतापुर रोड लखनऊ स्थित प्लेग्राउंड में चल रहे “वार्षिक खेल महोत्सव” के “एथलेटिक गेम्स” में आज दिनांक 17 दिसंबर 2024 को प्रातः 10:00 बजे से सभी शाखाओं से कक्षा-1 वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 85 विभिन्न एथलीट गेम्स कराए गए। जिसमें लगभग 300 बच्चों ने प्रतिभाग किया ।
अंतर्शाखीय उपलब्धियों में बाल निकुंज इंटर कॉलेज बॉयज विंग शाखा ने 20 स्वर्ण, 24 रजत और 18 कांस्य पदकों के साथ एक बार पुनः प्रथम स्थान की श्रेष्ठता कायम कर दिखाया। वहीं दूसरी तरफ बाल निकुंज इंग्लिश स्कूल पलटन छावनी 19 स्वर्ण, 10 रजत और 17 कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर आ पहुंचा । बाल निकुंज इंटर कॉलेज गर्ल्स विंग 15 स्वर्ण, 23 रजत और 17 कांस्य पदकों के साथ तीसरी पोजीशन, तथा बाल निकुंज विद्यालय,बेलीगारद, शाखा ने 9 स्वर्ण, 13 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ चौथी पोजीशन, एवं बाल निकुंज विद्यालय (डे बोर्डिंग ) मोहिबुल्लापुर शाखा 8 स्वर्ण,3 रजत और 5 कांस्य पदकों के साथ पांचवें पायदान पर ही बना रहा।
सभी विजेता खिलाड़ियों को कॉलेज प्रबंध निदेशक एच एन जायसवाल एवं कॉलेज कोऑर्डिनेटर सुधीर मिश्रा द्वारा प्रशस्ति एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विजेता धावकों में “बॉयज विंग” शाखा से रुद्र तिवारी ब्रिंजल रेस मे, मोहम्मद रहमान पोटैटो रेस में और आशुतोष यादव मैंगो रेस में स्वर्ण मेडल जीते। वही “पलटन शाखा” से रुद्राक्ष अंब्रेला रेस में, रोजी बानो हैंडसप रेस में, सलोनी लेग बांल रेस में और आराध्या यादव फ्रॉग रेस मे स्वर्ण पदक जीतकर अपने व चाहेतो के हौसले बुलंद किये। “गर्ल्स विंग शाखा” से प्रियाल वर्मा पोटैटो रेस में, जोया बनो ब्रिंजल रेस में, अदीबा खान ने ग्रेप्स रेस में स्वर्ण पदक जीतकार सबको खुश कर दिया। बेलीगारद शाखा से वेदांत टोमेटो रेस में सिवान सिंह पंम्पकिन रेस में, देवांश कैप्सिकम रेस में, कृष्णा, एप्पल में और असमायु जलेबी रेस में स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे। वहीं डे बोर्डिंग शाखा से तैय्यब,कृष्णा, सुहेल, तृषा और शौर्य यादव ने स्वर्ण पदक जीते।
ब्रांच कोचों में बेलीगारद शाखा से शिवा सिंह, बॉयज विंग से मंजरी सिंह व राज निषाद, डे बोर्डिंग से मोनिका शुक्ला एवं पल्टन शाखा से पुलकित त्रिपाठी का प्रशंसनीय योगदान रहा।

