बीमारियों के इलाज में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की भूमिका*

*बीमारियों के इलाज में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की भूमिका*

 

*गोरखपुर, मई 9, 2026*: मेडिकल साइंस में प्रगति के साथ, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (आईआर) शरीर के भीतर होने वाली बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसमें ओपन सर्जरी की जगह इमेज गाइडेंस की मदद से उपचार किया जाता है। डॉक्टर एक्स-रे, सीटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड के जरिए प्रभावित हिस्से को रियल टाइम में देखते हैं और फिर त्वचा में सूक्ष्म छेद के माध्यम से पतले तार और ट्यूब डालकर प्रभावित हिस्से तक पहुंचते हैं और उपचार करते हैं।

 

इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी कैसे काम करती है?

इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट त्वचा पर एक छोटा सा चीरा लगाते हैं, जो आमतौर पर कलाई या जांघ के पास होता है। लाइव एक्स-रे या सीटी गाइडेंस के तहत कैथेटर नाम की पतली प्लास्टिक ट्यूब को रक्त वाहिकाओं या सीधे अंगों तक पहुंचाया जाता है। इसी कैथेटर के माध्यम से डॉक्टर दवाएं पहुंचाते हैं, ऊतकों को फ्रीज या बर्न करते हैं, ब्लड वेसल्स को ब्लॉक करते हैं, स्टेंट लगाते हैं या टिश्यू सैंपल लेते हैं। पूरी प्रक्रिया इमेजिंग की मदद से होती है इसलिए डॉक्टर मांसपेशियों या हड्डियों को काटे बिना शरीर के अंदर गहराई तक पहुंच सकते हैं।

 

इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के प्रमुख क्षेत्र/रोग

a) कैंसर उपचार

* एब्लेशन में ट्यूमर में सुई जैसी प्रोब डाली जाती है और गर्मी (रेडियोफ्रीक्वेंसी) या ठंड (लिक्विड नाइट्रोजन) की मदद से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।

* एम्बोलाइजेशन के दौरान बहुत छोटे कण या विशेष गोंद डालकर ट्यूमर तक रक्त की आपूर्ति रोक दी जाती है, जिससे ट्यूमर सिकुड़ने लगता है।

स्टेंटिंग के जरिए कैंसर के कारण बंद हो चुकी पित्त नली या भोजन नली को दोबारा खोलने के लिए धातु की ट्यूब लगाई जाती है।

 

b) वेस्कुलर डिजीज ट्रीटमेंट

* एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग में पैरों, किडनी या कैरोटिड आर्टरी में संकरी हुई धमनियों के भीतर बैलून फुलाकर रक्त प्रवाह सामान्य किया जाता है।

* थ्रॉम्बेक्टॉमी में विशेष उपकरणों की मदद से फेफड़ों, मस्तिष्क या पैरों में बने खतरनाक रक्त के थक्कों को निकाला जाता है।

* वैरिकोज वेन्स और फाइब्रॉइड्स में असामान्य नसों या फाइब्रॉइड को रक्त पहुंचाने वाली धमनियों को भीतर से बंद कर दिया जाता है, जिससे सर्जरी की जरूरत कम हो जाती है।

c) इमरजेंसी में खून रोकना

ट्रॉमा, अल्सर या ट्यूमर की स्थिति में कैथेटर को ब्लीडिंग वाली धमनी तक पहुंचाया जाता है और छोटे कॉइल या गोंद की मदद से कुछ ही मिनटों में ब्लीडिंग रोक दी जाती है।

 

d) ड्रेनेज एंड ऑर्गन सपोर्ट

जब पेशाब या पित्त का प्रवाह रुक जाता है, तब आईआर के माध्यम से पीसीएन या पीटीबीडी जैसी ट्यूब लगाकर उसे बाहर निकाला जाता है और किडनी या लीवर को सुरक्षित रखा जाता है।

 

e) दर्द व रीढ़ की हड्डी संबंधी उपचार

ऑस्टियोपोरोसिस या कैंसर के कारण रीढ़ की हड्डी में हुए दर्दनाक फ्रैक्चर में टूटी हुई हड्डी के भीतर मेडिकल सीमेंट डाला जाता है (वर्टेब्रोप्लास्टी), जिससे हड्डी स्थिर होती है और कुछ घंटों में दर्द से राहत मिलती है।

 

इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के लाभ

* सर्जरी की तुलना में बड़े कट या निशान नहीं होते।

* अधिकतर प्रक्रियाएं लोकल एनेस्थीसिया में की जाती हैं।

* दर्द कम होता है।

* अस्पताल में कम समय तक रहना पड़ता है (1–2 दिन)।

* संक्रमण का खतरा कम रहता है।

* रिकवरी तेजी से होती है और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट पाते हैं।

* कई ऐसे मरीज जो ओपन सर्जरी के लिए फिट नहीं होते, उनका भी आईआर के माध्यम से इलाज संभव हो पाता है।

 

इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी रियल टाइम इमेजिंग और बेहद छोटे छेद के जरिए ट्यूमर को खत्म करने, रक्त वाहिकाओं को खोलने, ब्लीडिंग रोकने, संक्रमण की ड्रेनेज करने और दर्द से राहत देने का काम करती है। इस तरह यह शरीर के विभिन्न हिस्सों की बीमारियों का कम चीरे और कम निशान के साथ इलाज करने में मदद करती है।

 

इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने और उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ के एसोसिएट डायरेक्टर – इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी – डॉ. शाहबाज मोहम्मद खान ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अपनी ओपीडी शुरू की है। वह प्रत्येक माह के अंतिम गुरुवार को दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक ग्रीन लैंड हॉस्पिटल, गोरखपुर में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी ओपीडी संचालित करते हैं।

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