ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा, 3 अक्टूबर। सेक्टर-33 स्थित शिल्प हाट के निकट हेलीपैड ग्राउंड में शनिवार को भारत विकास परिषद, नोएडा की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। धर्म, संस्कार और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित यह कथा 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी।
कथा के प्रथम दिन प्रख्यात भागवत मर्मज्ञ एवं कथा व्यास आचार्य मृदुल कांत शास्त्री महाराज ने श्रीमद्भागवत महात्म्य का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्री कुंती स्तुति और श्री भीष्म स्तुति के प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और जीवन मूल्यों का संदेश दिया। पितृ पक्ष में श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को बताते हुए उन्होंने भगवान के स्मरण, कथा श्रवण और पितरों के श्रद्धापूर्वक स्मरण को आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय श्री राधे”, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “जय गोपी चित्तचोर प्रभु” के जयघोष से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर पूज्य नन्दू भैया जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया।
कार्यक्रम में नोएडा विधायक पंकज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ का नमन कर आचार्य मृदुल कांत शास्त्री का माल्यार्पण एवं शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता, श्री जी गौ सदन के अध्यक्ष विकास अग्रवाल तथा इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कथा के मुख्य यजमान डॉ. वी.के. गुप्ता एवं श्रीमती रीना गुप्ता रहे। भारत विकास परिषद, नोएडा के अध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता, सचिव अखिलेश भदौरिया, कोषाध्यक्ष अक्षय पारीक, महिला सहभागिता से सुनीता मित्तल, पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक डॉ. टी.एन. गोविल, विपिन मल्हन, केशव गंगल, एन.के. अग्रवाल, रामरतन शर्मा, राकेश कत्याल, पंकज जिंदल, मुकुल वाजपेयी सहित परिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
परिषद के अध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कथा स्थल पर पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन कथा के बाद भंडारे एवं प्रसाद की भी व्यवस्था रहेगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।

