*‘भारत को जानो–2026’ प्रतियोगिता में प्रो. भरत राज सिंह ने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्रगौरव से जुड़ने का संदेश दिया*

*‘भारत को जानो–2026’ प्रतियोगिता में प्रो. भरत राज सिंह ने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्रगौरव से जुड़ने का संदेश दिया*

*लखनऊ, 20 सितंबर 2026।* भारत विकास परिषद, पूर्वी शाखा, लखनऊ द्वारा रविवार को भारतीय विद्या भवन पब्लिक स्कूल, विनीत खंड, गोमतीनगर, लखनऊ में ‘भारत को जानो–2026’ प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, महानिदेशक (तकनीकी), स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेस, लखनऊ को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने विद्यार्थियों एवं उपस्थित अतिथियों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को जानना केवल अपने इतिहास और संस्कृति को जानना नहीं, बल्कि देश की ज्ञान-परंपरा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विविधता, संस्कारों और राष्ट्रीय मूल्यों को समझना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति एवं विरासत के प्रति जिज्ञासा विकसित करने तथा अपने ज्ञान का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीकरण एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। प्रातः 10:15 बजे दीप प्रज्वलन किया गया, जिसके पश्चात 10:30 बजे सामूहिक वंदेमातरम् प्रस्तुत किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि का परिचय एवं अतिथियों का सम्मान किया गया। प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी प्रदान करने के पश्चात विद्यार्थियों ने ‘भारत को जानो–2026’ प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री टी. एन. मिश्रा, अध्यक्ष; श्री सुनील कुमार पाण्डेय, सचिव; श्री पंकज गुप्ता, कोषाध्यक्ष तथा श्रीमती स्नेहा अग्रवाल, संयोजिका–संस्कार सहित भारत विकास परिषद, पूर्वी शाखा की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयोजकों ने कहा कि ‘भारत को जानो’ जैसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास, ज्ञान-विज्ञान एवं राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी में जागरूकता, आत्मगौरव और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।

भारत विकास परिषद, पूर्वी शाखा, लखनऊ ने मुख्य अतिथि प्रो. भरत राज सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रेरक विचारों से विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति नई प्रेरणा मिली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *