महानगर पुलिस ने नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर युवक को किया गिरफ्तार
लखनऊ(आरएनएस )। थाना महानगर पुलिस ने घर से लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद करते हुए उसे बहला-फुसलाकर शादी की नीयत से अपने साथ ले जाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को पीड़िता की मां की तहरीर पर थाना महानगर में नाबालिग पुत्री को पड़ोसी इश्तियाक द्वारा घर से भगा ले जाने के संबंध में मुकदमा अपराध संख्या 142/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत अज्ञात इश्तियाक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान मामले में धारा 87 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।मामला दर्ज होने के बाद थाना महानगर पुलिस टीम नाबालिग किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नाबालिग किशोरी सर्वोदय नगर बांध के पास एक व्यक्ति के साथ खड़ी है और कहीं जाने की फिराक में है।सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस ने सर्वोदय नगर बांध के पास से नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से आरोपी इश्तियाक अहमद पुत्र फतेह मोहम्मद को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की उम्र करीब 22 वर्ष है और वह मूल रूप से ग्राम सौरंगा, बेलहरा, बाराबंकी का निवासी है। वर्तमान में वह थाना महानगर क्षेत्र के रहीमनगर में किराये के मकान में रह रहा था। पुलिस ने उसे 11 अगस्त की रात करीब 8:35 बजे हिरासत में लिया।पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर शादी की नीयत से अपने साथ ले जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 142/2026 में धारा 137(2)/87 बीएनएस के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक आरोपी का आपराधिक इतिहास फिलहाल इसी मुकदमे से संबंधित पाया गया है। बरामद नाबालिग किशोरी को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित प्रक्रिया के तहत रखा गया है।गिरफ्तारी एवं बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक दिलीप केसरवानी, उपनिरीक्षक महेश कुमार शुक्ला, महिला उपनिरीक्षक रश्मि सिंह, कांस्टेबल संदीप, कांस्टेबल शम्भूनाथ तथा महिला हेड कांस्टेबल रेनू, थाना महानगर, कमिश्नरेट लखनऊ शामिल रहे।
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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और विरोध पर मारपीट करने वाला आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ(आरएनएस )। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बिजनौर थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने, शादी की बात कहने पर गाली-गलौज और मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को नटकुर अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को पीड़िता की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपी अन्नू यादव पुत्र श्याम सिंह यादव, निवासी कंकड़ कुआं, दुर्गापुरी कॉलोनी, सीआरपीएफ चौराहा, थाना बिजनौर, लखनऊ के खिलाफ थाना बिजनौर में मुकदमा अपराध संख्या 202/2026 धारा 376, 323, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने आरोपी से शादी करने के लिए कहा तो उसने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी और घटना के सफल अनावरण के लिए दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने तकनीकी एवं मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद पुलिस टीम ने 12 अगस्त 2026 को आरोपी अन्नू यादव को नटकुर अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया।पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2023 में पीड़िता के संपर्क में आया था और उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ गलत काम किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस से माफी मांगने की बात कही।
गिरफ्तार आरोपी अन्नू यादव पुत्र श्याम सिंह यादव की उम्र करीब 25 वर्ष है और उसने दसवीं तक शिक्षा प्राप्त की है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ थाना बिजनौर में मुकदमा अपराध संख्या 202/2026 धारा 376/323/504/506 भादवि ही अनावरित अभियोग है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देश पर, पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक बिजनौर कपिल गौतम द्वारा गठित टीम ने की।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक नाजिम खान, कांस्टेबल संदीप कनौजिया, कांस्टेबल दिनेश चौरसिया तथा रिजर्व कांस्टेबल अजयवीर सिंह, थाना बिजनौर लखनऊ शामिल रहे। आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
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भारत में अवैध रूप से रह रही उज्बेकिस्तान की महिला गिरफ्तार, आधार-पैन समेत भारतीय दस्तावेज बरामद
लखनऊ(आरएनएस )। थाना सुशान्त गोल्फ सिटी पुलिस ने भारत में अवैध रूप से निवास कर रही उज्बेकिस्तान की करीब 45 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार महिला के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत कई भारतीय दस्तावेज, दो मोबाइल फोन, बैंक कार्ड, नकदी और सोने-चांदी जैसी धातुओं के आभूषण बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से मिली सूचना के आधार पर की गई।पुलिस के मुताबिक थाना सुशान्त गोल्फ सिटी में 20 जून 2025 को धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ कमाने के लिए ऐसे विदेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से रहने में सहयोग करने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिनके पासपोर्ट अथवा वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी। मामले में विदेशी महिलाओं की पहचान बदलने के लिए आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी किए बिना प्लास्टिक सर्जरी अथवा ऑपरेशन कराए जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही थी।विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों और एफआरआरओ से प्राप्त सूचना के बाद सुशान्त गोल्फ सिटी पुलिस टीम ने आरोपी महिला की तलाश शुरू की। पूछताछ के बाद पुलिस ने थाना परिसर स्थित महिला हेल्प डेस्क से आरोपी महिला लोला क्यूमोवा को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला मूल रूप से ताशकंद, उज्बेकिस्तान की रहने वाली है और वर्तमान में लखनऊ के राजाजीपुरम तथा सुशान्त गोल्फ सिटी क्षेत्र में अलग-अलग पते पर रह रही थी।पुलिस के अनुसार पूछताछ में महिला ने बताया कि पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह कई वर्षों से भारत के अलग-अलग राज्यों और जिलों में छिपकर रह रही थी। उसने यह भी बताया कि उसके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे भारतीय दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें नियमों के विपरीत बनवाया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में महिला ने अपने कुछ सहयोगियों के बारे में भी जानकारी दी है।पुलिस के अनुसार महिला के मोबाइल फोन की जांच में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस ने यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान महिला ने अलग-अलग राज्यों और जिलों में अनैतिक देह व्यापार कराए जाने तथा इसमें अन्य महिलाओं के शामिल होने की जानकारी दी है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है।पुलिस ने आरोपी लोला क्यूमोवा के खिलाफ थाना सुशान्त गोल्फ सिटी में मुकदमा अपराध संख्या 544/2025, धारा 318(4)/61 बीएनएस, विदेशी पंजीकरण अधिनियम 1939 की धारा 5, विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14(ए) तथा विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 की धारा 7(1) अथवा इमीग्रेशन एंड फॉरेनर एक्ट 2025 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक विधिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
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विवाहिता का अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी, पैसे वसूलने वाला आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ(आरएनएस )। थाना मोहनलालगंज पुलिस ने विवाहिता से छेड़छाड़ कर उसका अश्लील वीडियो बनाने, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर धन वसूली करने और पैसे देने से इनकार करने पर मारपीट तथा बच्चों को जान से मारने की धमकी देने के आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने थाना मोहनलालगंज में शिकायत दर्ज कराई थी कि बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र का रहने वाला जव्वाद उर्फ जावेद उसके साथ व्यवहार बनाकर उसे अपने विश्वास में लिया। इसके बाद उसने बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर उसका अश्लील वीडियो बना लिया। आरोपी वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देते हुए उससे लगातार पैसे की मांग कर रहा था। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।पीड़िता की शिकायत के आधार पर थाना मोहनलालगंज में मुकदमा अपराध संख्या 299/2026, धारा 308(5), 76, 115(2), 351(3) बीएनएस तथा धारा 67ए आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया।गठित पुलिस टीमों ने तकनीकी एवं मैनुअल साक्ष्यों तथा स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को आरोपी जव्वाद उर्फ जावेद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक लैपटॉप और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए अपनी गलती की बात कही। आरोपी की पहचान जव्वाद उर्फ जावेद पुत्र जब्बार, निवासी मीरपुर, थाना रामनगर, जनपद बाराबंकी के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई है।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है, जिससे मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों का पता लगाया जा सके।यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार के निर्देश पर, पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार तथा सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज राम बाबू सिंह द्वारा गठित पुलिस टीम ने की।
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इंदिरानगर में पंकज तिवारी हत्याकांड का खुलासा, पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ(आरएनएस )। थाना इंदिरानगर पुलिस ने पंकज तिवारी हत्याकांड का सफल अनावरण करते हुए पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की विवेचना और पूछताछ में मृतक की गला दबाकर हत्या किए जाने तथा घटना में इस्तेमाल कपड़े को कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में साक्ष्य मिटाने और सामूहिक रूप से अपराध किए जाने के आधार पर धारा 238 और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की है।पुलिस के अनुसार, बाराबंकी के थाना बदोसराय क्षेत्र के ग्राम मरकामऊ निवासी दिनेश तिवारी ने 9 अगस्त 2026 को थाना इंदिरानगर में तहरीर देकर अपने पुत्र पंकज तिवारी की हत्या किए जाने की सूचना दी थी। तहरीर के आधार पर थाना इंदिरानगर में मुकदमा अपराध संख्या 0211/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत नेहा त्रिपाठी, बृजेश कुमार त्रिपाठी, नेहा की मां, उसके भाई बट्टू उर्फ बॉबी तथा बड़े भाई समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना के शीघ्र अनावरण के निर्देश दिए। इसके बाद थाना इंदिरानगर पुलिस ने कई टीमों का गठन कर नामजद आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए 11 अगस्त 2026 को सभी पांच नामजद आरोपियों को उनके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक, विवेचना और पूछताछ के दौरान सामने आया कि पंकज तिवारी की गला दबाकर हत्या की गई थी। हत्या में इस्तेमाल किए गए कपड़े को बाद में कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में फेंक दिया गया, ताकि घटना से संबंधित साक्ष्य को नष्ट किया जा सके। पुलिस ने आरोपियों की सामूहिक संलिप्तता और साक्ष्य मिटाने के प्रयास के तथ्य सामने आने के बाद मुकदमे में धारा 238 और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की है।पुलिस का कहना है कि घटना के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। बरामद साक्ष्यों, पूछताछ और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपियों में बृजेश कुमार त्रिपाठी पुत्र स्वर्गीय राजबली, उम्र करीब 70 वर्ष, सौरभ त्रिपाठी पुत्र बृजेश कुमार त्रिपाठी, उम्र करीब 28 वर्ष, बॉबी उर्फ सोहम त्रिपाठी पुत्र बृजेश कुमार त्रिपाठी, उम्र करीब 25 वर्ष, नेहा त्रिपाठी पुत्री बृजेश कुमार त्रिपाठी, उम्र करीब 26 वर्ष तथा बिन्दु त्रिपाठी पत्नी बृजेश कुमार त्रिपाठी, उम्र करीब 52 वर्ष शामिल हैं। सभी आरोपी वर्तमान में बी-244, संतपुरम, साईधाम मंदिर के पास, तकरोही, थाना इंदिरानगर, लखनऊ में रह रहे थे और मूल रूप से कंदरापुर, थाना मधुबन, जनपद मऊ के निवासी बताए गए हैं।आरोपियों के खिलाफ थाना इंदिरानगर में मुकदमा अपराध संख्या 0211/2026, धारा 103(1), 238 और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह, उपनिरीक्षक संजय कुमार भारद्वाज, उपनिरीक्षक आनंद कुमार मिश्रा, महिला उपनिरीक्षक कुसुम सिंह, उपनिरीक्षक विकास सिंह, हेड कांस्टेबल अखिलेश शर्मा, महिला कांस्टेबल मनु शर्मा और महिला कांस्टेबल काजल शाक्या शामिल रहे।
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बीबीएयू में एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह शुरू, निकाली गई जागरूकता रैली
लखनऊ(आरएनएस )। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशों के अनुरूप 12 से 18 अगस्त 2026 तक एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह का आयोजन शुरू किया गया। सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों, इससे संबंधित नियमों और विश्वविद्यालय की रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलता नीति के बारे में जागरूक किया जाएगा।
जागरूकता सप्ताह के पहले दिन 12 अगस्त को प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार से पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान विद्यापीठ तक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। रैली में विद्यार्थियों को रैगिंग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इससे दूर रहने और विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन तथा आपसी सम्मान बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।इस अवसर पर आयोजित व्याख्यान सत्र में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल, प्रो. सुनीता मिश्रा, प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्र, कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह और आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और इसके विरुद्ध विश्वविद्यालय की नीति स्पष्ट एवं कठोर है। उन्होंने कहा कि नवप्रवेशित विद्यार्थी विश्वविद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वरिष्ठ विद्यार्थियों का दायित्व है कि वे नए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और सहयोग करें, न कि उन्हें किसी प्रकार की असहजता या भय का सामना करना पड़े।उन्होंने विद्यार्थियों से रैगिंग से संबंधित नियमों का पालन करने तथा विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में अनुशासन, आपसी सम्मान और सौहार्द बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रैगिंग की रोकथाम केवल विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक, वार्डन और कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग से ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जहां विद्यार्थी बिना किसी भय के पढ़ाई, प्रतिभा और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकें।प्रो. सुनीता मिश्रा ने कहा कि छात्रावासों में रैगिंग जैसी गतिविधियों की रोकथाम के लिए वार्डन और संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों और विश्वविद्यालय के नियमों की जानकारी देकर सुरक्षित, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्र, कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह और आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रैगिंग के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रैगिंग विद्यार्थियों के शैक्षणिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। विद्यार्थियों से रैगिंग से पूरी तरह दूर रहने तथा विश्वविद्यालय में सकारात्मक एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई।विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की रैगिंग गतिविधि में शामिल नहीं होने और ऐसी किसी घटना की जानकारी तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन को देने का आह्वान किया। वरिष्ठ विद्यार्थियों से नवप्रवेशित विद्यार्थियों के साथ सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार करने की अपील की गई।एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार को रैगिंग निषेध से जुड़े नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी देने के साथ सुरक्षित, अनुशासित और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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सीबीजी उद्योग में किसानों की आय बढ़ाने और गांवों में रोजगार देने की बड़ी क्षमता : ए.के. शर्मा
लखनऊ, (आरएनएस )। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 के दूसरे दिन नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की शुरुआत अपर मुख्य सचिव ऊर्जा आशीष गोयल द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश पढ़कर सुनाने के साथ हुई। सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों, विषय विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि सीबीजी उद्योग में किसानों को समृद्ध बनाने की अपार क्षमता है। इसके माध्यम से कृषि अपशिष्ट और अन्य कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाया है। कृषि और किसानों को मजबूत बनाने के लिए स्वाइल हेल्थ कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।उन्होंने बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि अपशिष्ट, पशुधन अवशेष और अन्य जैविक संसाधनों का पर्याप्त भंडार है, जिसका वैज्ञानिक एवं आर्थिक उपयोग कर ऊर्जा उत्पादन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि वे केवल राजनीतिक बयानबाजी के माध्यम से किसानों और युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को विकास और कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों को समझना चाहिए। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बायोएनर्जी सम्मेलन इसका उदाहरण है, जहां देश-विदेश के उद्यमी और विशेषज्ञ किसानों की आय बढ़ाने, कृषि अपशिष्ट को ऊर्जा में बदलने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य है और यहां बड़ी मात्रा में कृषि अपशिष्ट उपलब्ध है। इस अपशिष्ट को आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि अपशिष्ट को आय और ऊर्जा के स्रोत में बदलकर किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने बायोएनर्जी क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों को प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत और गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश में घरेलू स्तर पर एक लाख छोटे बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि गोबर और अन्य पशुधन जैव-अवशेषों के उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान केआईएस और पारस समूह के साथ एक हजार करोड़ रुपये के निवेश का समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया। इसके अलावा विभिन्न शोध पत्रिकाओं और कृषि साहित्य का विमोचन किया गया।सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और उद्यमियों ने बायोएनर्जी, सीबीजी, कृषि अपशिष्ट के वैज्ञानिक उपयोग, ग्रामीण रोजगार और हरित ऊर्जा के विस्तार की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कृषि एवं पशुधन आधारित जैव-अवशेषों को ऊर्जा में बदलने की तकनीक को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
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भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही नहीं, सत्ता जनकल्याण के लिए होनी चाहिए: अखिलेश यादव
लखनऊ(आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जनसमस्याओं की अनदेखी और जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के शब्दकोश में ‘जवाबदेही’ शब्द ही नहीं है। भाजपा ‘जनतंत्र’ को ‘धनतंत्र’ मानकर केवल दोहन और दमन में विश्वास करती है।अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सड़क निर्माण की मांग को लेकर स्कूली बच्चों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर किए गए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वर्षों तक सड़क निर्माण को लेकर कोई सुनवाई नहीं हुई तो बच्चों को प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि भाजपा का अहंकारी शासन-प्रशासन यदि जनता तक नहीं पहुंचेगा तो जनता खुद उनके पास पहुंच जाएगी।उन्होंने कहा कि भाजपा ऊपर से नीचे तक जिस ‘एकतंत्र’ का निर्माण करना चाहती है, वह अब नहीं चल सकता। जनप्रतिनिधि हो या लोक सेवक, सभी को समझना होगा कि लोकतंत्र नीचे से ऊपर की ओर चलता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा का मूल सिद्धांत है कि ‘समाज के लिए सत्ता है’ और इसी सोच को शासन-प्रशासन को अपनाना होगा।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाज

