महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद उनको श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। हर कोई महारानी को अंतिम विदाई देने के लिए बकिंघम पैसेले पहुंच रहा है। नियमों के मुताबिक, उनका अंतिम संस्कार मृत्यु के दस दिन बाद यानी 19 सितंबर को होगा। इससे पहले बुधवार को उनके ताबूत को वेस्टमिंस्टर के पैलेस लाया जाएगा, जहां महारानी अगले कुछ दिनों तक लेटी रहेंगी। इसी दौरान उनके लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
लोगों को करना होगा लंबा इंतजार
सरकार की ओर से महारानी के अंतिम संस्कार को लेकर भारी भीड़ की आशंका जताई गई है। कहा गया है कि महारानी के अंतिम दर्शन के लिए लंबी लाइन होगी, जिसमें लोगों को लंबे इंतजार से गुजरना होगा। महारानी का ताबूत बुधवार को शाम पांच बजे वेस्टमिंस्टर लाया जाएगा। तब से लेकर 19 सितंबर सुबह साढ़े छह बजे तक लोग यह ताबूत यहां रखा जाएगा।
अंतिम दर्शन के लिए नियम लागू
महारानी के अंतिम दर्शन के लिए रविवार को हजारों लोगों की लाइनें सड़कों पर देखी गईं। इसके बाद नियमों को सार्वजनिक किया गया। कहा गया है कि अंतिम दर्शन के लिए एक लंबी लाइन होगी, जो बहुत लंबी होने की उम्मीद है। आपको बैठेन का बहुत कम अवसर मिलेगा। यह लाइन रात भर लगी रह सकती है, जिसमें आपको कई घंटों तक खड़ा रहना पड़ सकता है। कहा गया है कि यह कतार लगातार चलती रहेगी।
एक चेन वाला छोटा बैग ला सकेंगे
नियमों को सार्वजनिक करते हुए कहा गया है कि यहां आने वालों को हवाई अड्डे पर भारी सुरक्षा से गुजरना होगा। आप अपने साथ केवल एक चेन वाला छोटा बैग ला सकते हैं। विशेष सुविधा के तहत बड़े बैग रखे जा सकते हैं, लेकिन वह सिर्फ तब होगा जब जगह उपलब्ध होगी। मंत्रालय ने कहा है कि संभावित लंबे इंतजार के लिए आंगतुक अपने साथ जरूरी सामान रखें। इसमें एक छाता, सनस्क्रीन, मोबाइल फोन के साथ पॉवर बैंक और जरूरी दवाएं। इसके अलावा अंतिम दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार के खाद्य या तरल पदार्थ की अनुमति नहीं दी जाएगी। न ही फूल, मोमबत्तियों और खिलौनों को ले जाने की अनुमति होगी।
पैलेस के अंदर रहना होगा शांत
मंत्रालय की ओर जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि वेस्टमिंस्टर पैसेस के अंदर सभी को चुप रहना होगा। सभी को उचित कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है, इसके अलावा सुरक्षा के दौरान मोबाइल फोन भी बंद करना अनिवार्य होगा।

