मेडिकल कालेज जौनपुर में वर्ल्ड बेस्ट कैंसर जागरूकता दिवस मनाया गया
देश की उपासना ब्यूरो धनंजय विश्वकर्मा
*जौनपुर:* मेडिकल कालेज जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो० आर० बी0 कमल के दिशा निर्देश में पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष ,डा० आशुतोष सिंह द्वारा दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को अस्पताल में ब्रेस्ट कैंसर जागरुकता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य, प्रधानाचार्य प्रो० आर० बी0 कमल के उद्बोधन से हुआ। प्रधानाचार्य ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं के स्वास्थ से जुड़ी एक अत्यंत गंभीर सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। स्तन कैंसर आज विश्वभर में महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से यदि इसे प्रारंभिक अवस्था में पहचाना जाए तो इसका उपचार पूर्णत संभव है परंतु जागरुकता की कमी और सामाजिक झिझक के कारण अनेक महिलाएँ देर से जांच कराती है जिससे उपचार कठिन हो जाता है। चिकित्सक का दायित्य है कि प्रत्येक महिला को स्व-परीक्षण नियमित मेमोग्राफी तथा संतुलित जीवन शैली के महत्व को समझाएँ। समय पर की गई जांच न केवल जीवन बचा सकती है। चिकित्सा सेवा का अर्थ केवल उपचार नहीं बल्कि जागरुकता और रोकथाम भी है। यही सच्ची सेवा और मानवता का आधार है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो० ए०ए० जाफरी ने अपने सम्वोधन में कहा कि यह दिवस हमें याद दिलाता है कि कैंसर केवल एक बीमारी नहीं बल्कि एक चुनौती है. जिसे हम जागरूकता सही निदान और समय पर उपचार से परास्त कर सकते है। कैंसर से लडाई डर की नहीं बल्कि संयम साहस और सही चिकित्सा पर विश्वास की लड़ाई है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने इतनी प्रगति कर ली है कि अब अधिकांश कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में उचार संभव है परंतु इसके लिए आवश्यक है कि हम समय पर जांच कराएँ, अपने शरीर के संकेतों को समझ और लक्षण की अनदेखी न करें। में उपस्थित मरीज एवं उनके तीमारदार से कहता हूँ कि आप अकेले नहीं है-पूरा चिकित्सा समुदाय आपके साथ है। कैंसर से जूझते समय सबसे महत्वपूर्ण है सकारात्मक सोच और निरंतर उपचार पर विश्वास।
विभागाध्यक्ष गायनी डा० सरिता पाण्डेय ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर आज महिलाओं में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यदि इसका निदान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए तो इसका उपचार पूर्णत संभव है। इसलिए प्रत्येक महिला को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए उन्होंने बताया कि हर महिला को प्रत्येक महिने स्वयं स्तन परीक्षण करना चाहिए। डा० सरिता ने कहा कि संतुलित आहार नियमित व्यायाम तनावमुक्त जीवनशैली और धूम्रपान तथा धूम्रपान से दूरी ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी, डा० आशुतोष सिंह ने ब्रेस्ट कैंसर दिवस के मनाए जाने के विषय में विस्तापूर्वक बताया। डा० सिंह ने बताया कि अक्टूबर महीने को गुलाबी महीने के रूप में मनाया जाता है उन्होंने यह भी बताया कि ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी होता है।
पैथोलॉजी विभाग की डा० मरियम अंसारी के नेतृत्व में डी०एम० एल०टी के छात्रों द्वारा स्तनपान परीक्षण पर नाटक प्रस्तुत किया गया जिसे दर्शकों द्वारा काफी सराहा गया।
पैथोलॉजी विभाग की सहायक आचार्य, डा० श्श्वेता सिंह ने ब्रेस्ट कैंसर के लिए होने वाली जांचों की जानकारी दी। उन्होंने ट्रीपल टेस्ट की चर्चा की जिसके अनुसार रेडियोलॉजी पैथोलॉजी एवं क्लिनिकल एग्जामिनेशन करना आवश्यक है।
डा० अबू सहमा खान ने ब्रेस्ट कैंसर से बचने का तरीका बताया तथा कार्यक्रम का संचालन डा० निक्की ने किया।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षक डा० विनोद कुमार, डा0 चन्द्रभान तथा नर्सिंग अधिकारी व छात्र/छात्राएं और मरीज एवं उनके तीमारदार उपस्थित रहें।

