मेडिकल कॉलेज जौनपुर द्वारा विशेष जनसंपर्क एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया
देश की उपासना संवाददाता प्रवीण अस्थाना
*जौनपुरः* केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत दिनांक 13 जून 2026 को ग्राम पंचायत भवन, डाल्हनपुर, जनपद जौनपुर में विशेष जनसंपर्क एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो0 (डा0) आर0बी0 कमल के मार्गदर्शन एवं डॉ. अनुज सिंह, विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा विभाग के पर्यवेक्षण में किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा0 अनुज सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से अब तक देश में हुए व्यापक परिवर्तन एवं प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एवं सबका प्रयास” के मूल मंत्र के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण हेतु निरंतर कार्य कर रही है। सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी एवं जनसहयोग आवश्यक है।
उन्होंने सरकार की योजनाओ जैसे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, आत्मनिर्भर भारत अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर जल योजना तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को समाज की कल्याणकारी योजनाओ का जिक्र करते हुए देश के चतुर्मुखी विकास हेतु प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
उसके उपरान्त डा0 सिंह द्वारा सरकार की स्वास्थ्य सम्बन्धी सुधारों का भी उल्लेख किया गया जैसे आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मिशन इंद्रधनुष, टीबी मुक्त भारत अभियान तथा राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम इत्यादि।
इस अवसर पर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की सहायक आचार्य डा0 पूजा पाठक ने बताया कि महिलाओं का स्वास्थ्य, परिवार एवं समाज के समग्र स्वास्थ्य का आधार है। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान नियमित प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, एनीमिया की रोकथाम, संतुलित पोषण, परिवार नियोजन सेवाओं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता बनाए रखने, स्तन कैंसर एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की समय पर जांच कराने तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए जागरूक किया।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मुदित चौहान ने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की बढ़ती चुनौती पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान समय में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर एवं गुर्दे की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन रोगों की समय पर पहचान एवं उचित उपचार से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से बचने, संतुलित आहार लेने तथा नियमित व्यायाम करने की सलाह दी।
डॉ. अनिल कुमार ने स्वास्थ्य संवर्धन एवं रोगों की रोकथाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वास्थ्य समाज के निर्माण के लिए केवल उपचार ही नहीं बल्कि रोकथाम भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की नियमित जांच, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, व्यक्तिगत स्वच्छता, योग एवं शारीरिक गतिविधियों के महत्व की जानकारी दी तथा उपस्थित लोगों के स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों का समाधान किया।
डॉ. नवीन कुमार ने अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम शासन एवं जनता के मध्य संवाद को सुदृढ़ बनाते हैं, जिससे आम नागरिकों का सरकारी योजनाओं एवं व्यवस्थाओं के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा और समाज के विकास में योगदान देगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्राम प्रधान श्री कपिल देव सिंह एवं मेडिकल कालेज के मेडिकल सोशल वर्कर रमाकांन्त शिल्पा भूषण, रवि यादव, रोली यादव, संतोष सरोज, उज्ज्वल सरोज एवं सौरभ सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

