यह तो गांधी परिवार की साजिश के खिलाफ प्रशंसनीय कार्रवाई है
– केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
बिपिन गुप्ता/महाराष्ट्र
मुंबई: नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को अपने व्यक्तिगत नाम पर करने की गांधी परिवार की साजिश थी। इसलिए, ईडी द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन यह कार्रवाई देश की संपत्ति किसी के हाथ में न जाकर, देश की जनता के काम में आए, इसके लिए जांच एजेंसियों द्वारा किया गया एक प्रशंसनीय प्रयास है, ऐसा प्रतिपादन केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया।
वर्तमान में यह संपत्ति लगभग पाँच हजार करोड़ रुपये की है, जिसे कांग्रेस सरकार ने अख़बार चलाने के लिए दी थी। उसमें चलने वाला ‘नेशनल हेराल्ड’ दैनिक बंद हो जाने के बाद इस संपत्ति को किराए पर देने का ढोंग गांधी परिवार कर रहा था। इसके लिए गांधी परिवार ने 38 करोड़ रुपये अग्रिम किराये के रूप में लिए थे। राजनीतिक दल को प्राप्त निधि का उपयोग राजनीतिक कार्यों के लिए किया जाना अपेक्षित होता है। लेकिन गांधी परिवार ने पार्टी निधि के 90 करोड़ रुपये ‘असोसिएटेड जर्नल’ को दे दिए। ऐसा ऋण देना अवैध है, यह बात पीयूष गोयल ने पत्रकारों से बातचीत में कही।
इसके बाद 90 करोड़ रुपये के बदले ‘यंग इंडियन’ संस्था को 50 लाख रुपये देकर समझौता किया गया। इस ‘यंग इंडियन’ के शेयरधारक गांधी परिवार ही हैं। उनके ही लाभ के लिए यह किया गया, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया।
इस प्रकरण की जानकारी कांग्रेस के शासनकाल में ही जांच एजेंसियों को मिली थी। इसलिए 2012 में इस मामले में अपराध दर्ज किया गया और छापे भी मारे गए थे। वह सारी कार्रवाई भाजपा के सत्ता में आने से पहले की गई थी। उसके बारे में कांग्रेस क्यों नहीं बोलती, ऐसा सवाल पीयूष गोयल ने इस मौके पर किया।

