राम मंदिर केवल एक धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है:
संगठित हिंदू समाज के प्रयासों से देश में ऐतिहासिक परिवर्तन संभव हुए हैं:
जौनपुर यूपी के जौनपुर में तुलसी दिवस के पावन अवसर पर सकल हिंदू समाज द्वारा एक भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन नगर के लोहिया पार्क में आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर हिंदू समाज को जागृत करना तथा उसे एकता के सूत्र में पिरोना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परमपूज्य वैदेही वल्लभ जी (अयोध्या) की गरिमामयी उपस्थिति ने सम्मेलन को विशेष गौरव प्रदान किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण को हिंदू समाज के आत्मसम्मान, आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है, जिसने सदियों के संघर्ष के बाद हिंदू समाज को गौरव की अनुभूति कराई है।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता काशी प्रांत के प्रांत प्रचारक श्रीमान रमेश जी ने हिंदुओं की एकता और संगठित शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि संगठित हिंदू समाज के प्रयासों से देश में ऐतिहासिक परिवर्तन संभव हुए हैं। उन्होंने धारा 370 की समाप्ति को राष्ट्र की अखंडता और सुरक्षा की दिशा में एक साहसिक व ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य एवं स्वदेशी जागरण—पर विस्तार से प्रकाश डाला और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संयोजक श्रीमान अरुण जी, श्रीमती बबिता सिंह जी (अध्यक्ष), श्रीमान छाबूलाल सोनकर जी सहित अनेक गणमान्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह विषय गंभीर चिंतन का है। इस अवसर पर यह पंक्तियां भी उद्धृत की गईं—
“हिन्दवः सहोदरा सर्वे न हिन्दू पतितो भवेत्,
मम दीक्षा हिंदू रक्षा मम मंत्र समानता।”
अर्थात सभी हिंदू सहोदर भाई हैं, किसी भी हिंदू को पतित नहीं होने देना और अपने हिंदू भाई की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है।
वक्ताओं ने कहा कि जाति, वर्ग और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर हिंदू समाज को एकजुट होना होगा। हिंदुओं की एकता से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि हिंदू समाज सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर सक्रिय रहेगा।
सम्मेलन का समापन राष्ट्रगीत और जयघोष के साथ हुआ। मंच संचालन डॉ. राजीव जी ने किया। कार्यक्रम में जौनपुर विभाग के विभाग प्रचारक आदित्य जी, जिला प्रचारक अमरजीत जी, नगर प्रचारक मंगलेश्वरम जी सहित बड़ी संख्या में नागरिक सज्जनों एवं मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक सहभागिता किया।

