राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी गांव-गांव पहुंचाएंगे पीआरवी वाहन, 19 लाख एसएमएस से भी जागरूकता
लखनऊ(आरएनएस )। आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर आमजन को जागरूक करने और अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ और पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने संयुक्त रूप से विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में जनपद न्यायालय लखनऊ परिसर से डायल-112 के पीआरवी वाहनों को राष्ट्रीय लोक अदालत और मध्यस्थता-3.0 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मलखान सिंह तथा राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी और पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की अधिकारी किरण यादव ने वाहनों को रवाना किया।इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी को केवल शहर तक सीमित रखने के बजाय लखनऊ के ग्रामीण, दूरस्थ और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंचाना है, ताकि जानकारी के अभाव में कोई पात्र व्यक्ति लोक अदालत के लाभ से वंचित न रहे। पीआरवी वाहनों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे और लोगों को अपने लंबित एवं सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति से सरल, शीघ्र और सौहार्दपूर्ण समाधान कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए लखनऊ के नागरिकों को मोटर वाहन अधिनियम के चालानों से संबंधित करीब 19 लाख एसएमएस भी भेजे गए हैं। इन संदेशों के माध्यम से वाहन स्वामियों और आम नागरिकों को 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने सुलहनीय चालानी मामलों के निस्तारण का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया है। इस पहल के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक सीधे लोक अदालत से संबंधित जानकारी पहुंचाई जा रही है।राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी वाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित मामले, बैंक एवं वित्तीय विवाद, उपभोक्ता विवाद, राजस्व वाद, चालानी वाद सहित विभिन्न सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है। इसके माध्यम से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलता है।अभियान के तहत मध्यस्थता-3.0 के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जा रही है। इसके अंतर्गत 1 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया चलेगी, जबकि 1 अक्टूबर से 30 दिसंबर 2026 तक मध्यस्थता के माध्यम से मामलों के समाधान का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति से विवादों का समाधान करने का अवसर उपलब्ध कराना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाना है।जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने आमजन से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि लोक अदालत लंबित विवादों का सरल और शीघ्र समाधान प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर देती है। न्यायपालिका और पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि इसकी जानकारी गांव-गांव और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि लोग आपसी सहमति से अपने मामलों का निस्तारण करा सकें।राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी किरण यादव ने कहा कि 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जनपद न्यायालय और लखनऊ पुलिस की ओर से पीआरवी वाहनों के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के चालानों के संबंध में करीब 19 लाख एसएमएस भी लखनऊवासियों को भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय तक पहुंचने का मार्ग बताना भी जिम्मेदारी का हिस्सा है और प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग लोक अदालत के माध्यम से अपने लंबित मामलों का सरलता से समाधान करा सकें।इस अभियान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। लखनऊ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण कराने के लिए आगे आएं।
राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी गांव-गांव पहुंचाएंगे पीआरवी वाहन, 19 लाख एसएमएस से भी जागरूकता
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