शनि जयंती पर शनिदेव को मनाएं, मिलेगी साढ़ेसाती से मुक्ति
ब्यूरो चीफ आर एल पांडेय
लखनऊ। प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है। इसलिए यह दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही जातकों के रुके कार्य को भी गति मिलती है। कहा जाता है कि जिसकी कुंडली में शनि का दोष है, शनि जयंती के दिन विशेष रूप से पूजा करने से छुटकारा मिलता है। इससे शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में कमी आती है। ज्योतिषशास्त्र में शनि देव को न्यायाधीश का स्थान दिया गया है। ज्योतिषायन के पं. दीपक मालवीय ने बताया कि अमावस्या दिनांक,05/06/2024 सायं 7:55 से आरंभ है और उदयातिथि ही मानी जाती है इसलिए वटसावित्री एवं शनि जयंती आज मनाई जाएगी।आज के दिन वटसावित्री पूजन के साथ-साथ शनि जयंती भी है, ऐसे में शनि देव को अपने अनुकूल करने हेतु निम्न उपाय करने चाहते:
1. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या होने पर बर्तन में तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखें और बर्तन और तेल का का दान करें। इसे छाया दान कहा जाता है।
2. शनि जयंती पर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करने से साढ़ेसाती के प्रभाव से मुक्ति मिलती है। इस दिन श्रीकृष्ण को मोर पंख और बांसुरी अर्पित करनी चाहिए।
3. शनि जयंती पर भगवान हनुमान का पूजन करें और उन्हें चोला चढ़ाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
4. शनि जयंती पर दान करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन जूते-चप्पल, बर्तन और नमक का किसी जरूरत मंद को दान करना श्रेयकर होता है।

