श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

24 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सरन गएँ प्रभु ताहु न त्यागा ।
बिस्व द्रोह कृत अघ जेहि लागा
जासु नाम त्रय ताप नसावन ।
सोइ प्रभु प्रगट समुझु जियँ रावन
( सुंदरकांड 38/4)
राम राम 🙏🙏
लंका जलने के बाद से निसाचर भयभीत हैं पर रावण के दरबारी उसकी मुँहदेखी करते हैं । ऐसे में विभीषण जी आते हैं , वे रावण को समझाते हुए कहते हैं कि राम जी मनुष्यों के राजा नहीं हैं वे जगदीश हैं , शरण में जाने पर कितना भी बड़ा अपराध किया हो , उसे अपना लेते हैं । जिसका नाम तीनों तापों का नाश करने वाला है वही राम जी मानव रूप में आए हैं ।
हमारा एक दिन भी ऐसा नहीं बीतता है जब हमें कोई कठिनाई न हो , कभी दैविक तो कभी शारीरिक तो कभी सांसारिक कठिनाइयाँ लगी रहती हैं । इनसे बचने की जुगत में हम आप दिन रात लगें रहते हैं । उपाय सरल है , मान लें , राम अपनाएँ राम नाम अपनाएँ व इन सब से मुक्ति पाएँ । अथ ! राम राम श्री राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *