श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

5 दिसम्बर – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

उमा राम सम हित जग माहीं ।
गुरु पितु मातु बंधु प्रभु नाहीं ।।
जानतहूँ अस प्रभु परिहरहीं ।
काहे न बिपति जाल नर परहीं।।
( किष्किंधाकांड 11/1-3)
राम राम 🙏🙏
राम जी ने बालि का बध कर सुग्रीव को राजा व अंगद को युवराज बना दिया है । शिव जी पार्वती जी को राम कथा सुनाते हुए कहते हैं कि पार्वती! इस जगत में राम जी जैसा हित करने वाला गुरु माता-पिता, बंधु व स्वामी कोई नहीं है । जो लोग यह जानते हुए भी ऐसे प्रभु को त्याग देते हैं , ऐसे लोग विपत्ति के जाल में भला क्यूँ नहीं फँसेंगे ।
राम जी जैसा जीव का हित करने वाला इस जगत में कोई और नहीं है, शिव जी की इस बात को जो मान लेता है वह विपत्ति में नहीं फँसता है और सुख से रहता है । अत: सुख से रहना चाहते हैं तो शिव जी की बात मान लें। अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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