24 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
रामचंद्र गुन बरनैं लागा ।
सुनतहिं सीता कर दुख भागा ।।
लागीं सुनैं श्रवन मन लाई ।
आदिहु तें सब कथा सुनाई ।।
( सुंदरकाड 12/3)
राम राम 🙏🙏
हनुमान जी की लंका में विभीषण से भेंट होती है , आपसी वार्ता उपरांत हनुमान जी विभीषण से माँ को देखने की इच्छा प्रकट करते हैं । हनुमान जी वहाँ जाते हैं जहाँ माँ विराजमान हैं । वे दुबली हो गई हैं पर मन को राम चरणों में लगा रखा है । हनुमान जी ने राम गुणगान प्रारंभ किया है जिसे सुनते ही माँ का दुःख दूर हो गया और राम गुणगान को कान व मन लगाकर सुनने लगीं , फिर हनुमान जी ने सारी कथा उन्हें कह सुनाई है ।
भगवान के गुणगान ही दुःख दूर कर सकते हैं । परंतु हमारी स्थिति यह है कि न तो हम प्रभु गुणगान करते हैं न ही प्रभु गुणगान को मन लगाकर सुनते हैं , फिर कैसे बात बनें ? अतः मन लगाकर राम गुणगान करें व सुनें, हमारे आपके दुख भाग खड़े होंगे । अथ ! श्रीराम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩

