श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

27 अप्रैल-श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

प्रनतपाल रघुनायक
करुना सिंधु खरारि ।
गएँ सरन प्रभु राखिहैं
तव अपराध बिसारि ।।
( सुंदरकाड, दो. 22)
राम राम 🙏🙏
श्री हनुमान जी को नागपाश से बांधकर रावण के दरबार में लाया गया है, श्री हनुमान जी उसे समझाते हुए कहते हैं कि जो जगदीश हैं उनसे वैर करना ठीक नहीं , जानकी को वापस भेज दो । श्री राम जी शरणागत के रक्षक और दया के सागर हैं । शरण में जाने पर तुम्हारा अपराध भुलाकर तुम्हें अपनी शरण में रख लेंगे ।
भक्तों, श्री राम जी शरणागत के रक्षक हैं , शरण में आने वाले की वे रक्षा करते हैं। शरणागत से वे सवाल नहीं पूछते हैं , अतः श्री राम जी की शरण लेकर हम आप अपने को सबसे सुरक्षित कर लें, इसके लिये केवल श्री राम नाम का भजन सतत करते रहें…….. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम जय सीताराम, सियाराम जय जय सियाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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