29 जुलाई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
अपतु अजामिलु गजु गनिकाऊ
भए मुकुत हरि नाम प्रभाऊ ।।
कहौं कहाँ लगि नाम बड़ाई ।
रामु न सकहिं नाम गुन गाई ।।
( बालकांड 25/4)
जय सियाराम 🙏🙏
श्री सीताराम नाम भगवान की महिमा बताते हुए मानस जी के आरंभ में पूज्यपाद गोस्वामी श्री तुलसी दास जी कहते हैं कि पापी अजामिल, गज व गणिका भी नाम भगवान के प्रभाव से मुक्त हो गए। मैं नाम भगवान की बड़ाई कहाँ तक कहूँ , श्री राम जी स्वयं भी नाम भगवान के गुणों को नहीं बता सकते हैं ।
आत्मीय जन ! श्री राम नाम भगवान की महिमा अनंत है , इसके गुण अनंत हैं, यह मुक्तिदाता है, यह विधाता है । इसे अपनाकर ही इसके अपूर्व गुणों को महसूस किया जा सकता है । अतः श्री राम नाम अपनाएँ, राम नाम का गुणगान एवं भजन करें। अथ……श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

