श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

4 मार्च – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

कलिमल ग्रसे धर्म सब
लुप्त भए सदग्रंथ ।
दंभिन्ह निज मति कल्पि
करि प्रगट किए बहु पंथ ।।
( उत्तरकांड, दो. 97)
राम राम 🙏🙏
गरुड़ जी को काकभुसुंडि जी अपने प्रथम जन्म की कथा सुनाते हुए कहते हैं कि उस कल्प में कलियुग चल रहा था । मेरा जन्म अयोध्या में हुआ था । कलियुग के पापों ने सब ग्रंथों को ग्रस लिया था , सदग्रंथ लुप्त हो गये थे तथा दम्भियों ने अपनी बुद्धि से कल्पना कर बहुत से पंथों की रचना कर डाली थी ।
कलियुग पापमय है , अब भी सदग्रंथ सब लुप्त हो गये हैं । सदग्रंथ को छोड़कर दम्भीजनों ने अनेक पंथ रच लिए हैं । परंतु जब तक जीव राम पंथ नहीं अपनाता है तब तक जीव को सुख व शांति नहीं मिल सकती है । अतएव ! राम अपनाएं व राम पंथ पर चलें । अथ ! जय जय राम, जय जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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