24 अक्तूबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
द्वापर करि रघुपति पद पूजा ।
नर भव तरहिं उपाय न दूजा ।।
कलिजुग केवल हरिगुन गाहा ।
गावत नर पावहिं भव थाहा ।।
( उत्तरकांड 102/2)
जय सियाराम 🙏🙏अपने पूर्व जन्म की कथा सुनाते हुए काकभुसुंडि जी गरूड़ से कहते हैं कि द्वापर में रामचरणों की पूजा कर मनुष्य संसार से पार पा जाते थे । अन्य कोई दूसरा उपाय न था । कलिजुग में तो केवल श्रीहरि के गुणों का गान कर मनुष्य भवसागर पार हो जाते हैं ।
बंधुवर ! इस कलिकाल में पूजा , योग आदि कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं है, इस युग में तो केवल श्री राम जी के गुणों को स्मरण कर उन्हें गाना है व नाम भजन करते रहना है, संसार सागर सहज ही पार उतर जाएंगे। अस्तु …….श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

