श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

5 दिसंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

प्रेरित मंत्र ब्रह्मसर धावा ।
चला भाजि बायस भय पावा ।।
धरि निज रूप गयउ पितु पाहीं ।
राम बिमुख राखा तेहि नाहीं ।।
( अरण्यकांड 1/1)
राम राम जी🙏🙏
चित्रकूट में एकबार जब श्री राम जी माता सीता जी को अपने हाथों से बनाएं पुष्प के आभूषण पहना रहे थे, उसी समय इंद्र पुत्र जयंत माता सीता जी के चरणों में चोंच मारता है , रक्त निकलता है , तब श्री राम जी ने सरकंडे का वाण उसे मारते है। मंत्र प्रेरित ब्रह्मबाण चला है, जयंत रूपी कौआ भयभीत होकर भागा है। अपना असली रूप धारण कर वह अपने पिता इंद्र के पास गया है पर श्री राम विरोधी जानकर इंद्र ने उसे भगा दिया ।
आत्मीय जन! इस जगत में श्री राम विरोधी का कोई स्थान नही है, यहाँ तक कि उसके अपने सगें भी साथ नही देते है। अतः श्री राम जी से विरोध नहीं प्रेम करें और श्री सीताराम नाम का भजन करते रहें । अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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