9 जनवरी- श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏
नहिं कलि करम न भगति बिबेकू
राम नाम अवलंबन एकू ।।
कालनेमि कलि कपट निधानू ।
नाम सुमति समरथ हनुमानू ।।
( बालकांड 26/4)
राम राम🙏🙏
श्रीराम नाम की वंदना करते हुए तुलसी बाबा मानस जी के आरंभ में कहते हैं कि कलियुग में न कर्म है न भक्ति है और न ही ज्ञान है । राम नाम ही एक आधार है । कलियुग रूपी कालनेमि निसाचर को मारने के लिए राम नाम सुमतिवान व समर्थ हनुमान जी है ।
इस कलिकाल में राम नाम ही एकमात्र आधार है । कलियुग में चारों ओर कपट ही कपट का बोलबाला है । सबके आचरण में छल कपट छाया हुआ है जिससे परमात्मा से हमारी दूरी बन गई है । ऐसे बुरे समय में राम नाम का आश्रय सुमति देता है जो हमारे अंदर के कपट रूपी निसाचर को नष्ट करने का कार्य करता है । अस्तु !इस बुरे समय में छल कपट से पार पाना चाहते हैं तो राम नाम का आश्रय लें । अथ ! श्रीराम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी, लखनऊ

