संस्कारयुक्त शिक्षा से ही विकसित भारत का निर्माण: आनंदीबेन पटेल
-राज्यपाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने का किया आह्वान
-डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का 31वाँ दीक्षान्त समारोह सम्पन्न
-दीक्षांत समारोह में 104 मेधावी विद्यार्थियों को 120 स्वर्ण पदक, 1.66 लाख उपाधियां डिजिलॉकर में समावेशित
अयोध्या। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या का 31वां दीक्षांत समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने 104 मेधावी छात्र-छात्राओं को 120 स्वर्ण पदक प्रदान किए। इसके साथ ही उन्होंने स्नातक एवं परास्नातक की 1,66,055 उपाधियों एवं अंकपत्रों को डिजिलॉकर में समावेशित किया। इस अवसर पर कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, विचारों के परिष्कार और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, स्वाभिमान और सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश गंगा, यमुना और सरस्वती की पावन भूमि है। यह भगवान श्रीराम, शिव और श्रीकृष्ण की आराधना एवं आध्यात्मिक चेतना की भूमि है। अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी है और यहां से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले विद्यार्थियों का दायित्व है कि वे अपने गौरवशाली अतीत को स्मरण करते हुए उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ें। राज्यपाल ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया ने आध्यात्मिक एवं धार्मिक चेतना के साथ स्वाभिमान और भारतीय अस्मिता को महत्व दिया। उन्होंने धर्म को धर्मांतरण से अलग बताते हुए भारतीय संस्कृति और परंपरा के मूल तत्वों को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। कुलाधिपति ने कहा कि व्यक्ति ईश्वर को माने अथवा न माने, लेकिन भारतीय समाज की एकता और अखंडता के महत्व से इनकार नहीं कर सकता। विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के बाद यह विचार करना चाहिए कि वे कौन-से संस्कार लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता में शिक्षकों और अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान है। माता-पिता और गुरुजनों के विश्वास एवं सतत प्रयासों ने विद्यार्थियों को इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा 1,66,055 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें लगभग 60 प्रतिशत छात्र और 40 प्रतिशत छात्राएं हैं। समारोह में 120 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 86 पदक छात्राओं ने अर्जित किए, जो कुल पदकों का लगभग 72 प्रतिशत है। उन्होंने इसे बदलते भारत की तस्वीर बताते हुए कहा कि बेटियां शिक्षा को अधिक अनुशासित और गंभीरता से ग्रहण कर रही हैं। उन्होंने महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को देश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संजय श्रीनेत के अनुभव का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष कार्यप्रणाली युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में अग्रणी है और युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी आधारशिला है। विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ इंजीनियरिंग श्रेणी में देश में 138वां और उत्तर प्रदेश में 18वां स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 304 पदक अर्जित किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे अभियानों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। राज्यपाल ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक भारत की 615 पुरातन वस्तुएं विदेशों से वापस लाई जा चुकी हैं। प्रत्येक प्रतिमा और पुरातन वस्तु केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि देश की विरासत और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति और विरासत को समझने तथा उसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति से उसका भविष्य छीन लेता है। प्रधानमंत्री के नशामुक्ति अभियान का उद्देश्य युवा शक्ति को नशे से दूर रखना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई एक युवा भी नशे की गिरफ्त में जाने से बचता है तो यह समाज के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने युवाओं से अपने आसपास के लोगों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन हमें विरासत में नहीं मिले हैं कि हम उन्हें मनमाने ढंग से नष्ट करें। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती है, इसलिए इसके विरुद्ध व्यापक जनभागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि सशक्त नारी ही सशक्त भविष्य का निर्माण कर सकती है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण और पोषण संबंधी जागरूकता की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने अपने सामाजिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि भूकंप के बाद उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के गांवों का दौरा किया और महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से संस्था के माध्यम से कार्य शुरू किया। इस प्रयास से लगभग 80 हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिली और संस्था के माध्यम से करोड़ों रुपये का कारोबार संभव हुआ। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की कल्पना तभी साकार होगी जब गांवों की महिलाएं और युवा आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रावासों और विद्यार्थियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने छात्रावासों में गैस के स्थान पर लकड़ी से भोजन पकाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर को और अधिक सुंदर, स्वच्छ एवं सुविधायुक्त बनाने तथा निर्माणाधीन नए पुस्तकालय भवन का कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा कराने पर जोर दिया। उन्होंने मेधावी छात्राओं के लिए जिला स्तर पर छात्रावास की व्यवस्था किए जाने की भी बात कही। राज्यपाल ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित संस्थाएं उनके द्वारा बताए गए बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करती हैं तो उन्हें अत्यंत प्रसन्नता होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, संस्कार, स्वाभिमान, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और राष्ट्र निर्माण को अपने जीवन का संकल्प बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने अपने सम्बोधन में कहा कि उच्च शिक्षा की दिशा और दशा में व्यापक परिवर्तन आया है। आज उच्च शिक्षा का विस्तार देश के प्रत्येक प्रदेश में हो चुका है और युवाओं के लिए शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और गुरुजनों के त्याग, संघर्ष एवं मार्गदर्शन का भी परिणाम है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने विद्यार्थियों से शिक्षा को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिग्री विद्यार्थियों के जीवन की यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। डिग्री हाथ में आने के साथ अब जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, विवेक, संस्कार और जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाकर आगे बढ़ने की अपील की। समारोह के मुख्य अतिथि यू.पी.पी.एस.सी. के चेयरमैन संजय श्रीनेत ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि उत्तरदायित्वपूर्ण जीवन के शुभारंभ का पर्व है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे ज्ञान के साथ चरित्र, सफलता के साथ विनम्रता और तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदना को अपने जीवन का आधार बनाएं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह ने विश्वविद्यालय का संक्षिप्त वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य, संकायाध्यक्ष, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षकगण, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
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कुलाधिपति ने गोद लिये गांवों के विजेता विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 31 वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने विश्विद्यालय द्वारा गोद लिये गये गांवों के विद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं के तीनों विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रचनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
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राज्यपाल ने 10 आंगनबाड़ी किट का किया वितरण
अयोध्या। 31वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की सामाजिक सहभागिता एवं सामुदायिक विकास की पहल के अंतर्गत राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने आंगनबाड़ी किट का वितरण किया। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने पर बल दिया। समारोह में जनभवन से प्राप्त पुस्तकों का वितरण प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को किया गया। कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्राथमिक विद्यालय के दो शिक्षकों को पुस्तकें प्रदान कीं। उन्होंने शिक्षकों को पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों में अध्ययन एवं ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षक का निरंतर अध्ययन और ज्ञानवर्धन आवश्यक है। दीक्षांत समारोह के अवसर पर कुलपति द्वारा विवि की कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल को पुस्तकें भेंट की गईं। कुलपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं साहित्यिक गतिविधियों से संबंधित प्रकाशनों से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों एवं ज्ञान-सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कुलाधिपति महोदया ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को अध्ययन, शोध एवं नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया।
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तीन जनपदों के अधिकारियों को एचपीवी टीकाकरण अभियान के लिए मिला प्रशस्ति पत्र
अयोध्या। 31वें दीक्षांत समारोह में एचपीवी टीकाकरण अभियान में उल्लेखनीय योगदान के लिए अयोध्या, बाराबंकी एवं सुलतानपुर के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने संबंधित जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए एचपीवी टीकाकरण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने जनजागरूकता अभियानों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
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भग्गा लाल कुम्हार को ‘विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि
अयोध्या। राजस्थान की प्रसिद्ध पारंपरिक मोलेला टेराकोटा कला के कुशल शिल्पकार भग्गा लाल कुम्हार को भारतीय लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या द्वारा मानद उपाधि ‘विद्या वाचस्पति’ से सम्मानित किया गया। भग्गा लाल कुम्हार ने मोलेला टेराकोटा कला की पारंपरिक तकनीकों को संरक्षित करने के साथ-साथ उनमें नए प्रयोग कर इस लोककला को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया है। उनकी कलाकृतियों में राजस्थान की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय परंपराओं की समृद्ध झलक देखने को मिलती है। वे पारंपरिक मिट्टी और प्राकृतिक रंगों का प्रयोग कर आकर्षक एवं विशिष्ट कलाकृतियों का निर्माण करते हैं। उन्होंने कार्यशालाओं एवं लाइव प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों और युवा कलाकारों को मोलेला टेराकोटा कला की बारीकियों से परिचित कराया है। उनकी कलाकृतियों को राष्ट्रीय प्रदर्शनियों तथा विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में पहचान मिली है। कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राजस्थान सरकार का राज्य पुरस्कार तथा वेस्ट जोन कल्चरल सेंटर का शिल्प सम्मान भी प्राप्त हो चुका है। मोलेला टेराकोटा कला को जीआई संरक्षण दिलाने में भी भग्गा लाल कुम्हार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल राजस्थान की समृद्ध लोक परंपरा को जीवंत बनाए रखा, बल्कि नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का भी निरंतर प्रयास किया है। भारतीय लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें ‘विद्या वाचस्पति’ की मानद उपाधि प्रदान की गई।
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अयोध्या में विकास के साथ जनसुविधाओं पर भी दिया जा रहा विशेष ध्यान: वेद प्रकाश गुप्ता
-गुप्तारघाट क्षेत्र में 20 लाख की लागत से बने सुलभ कॉम्पलेक्स का उद्घाटन
अयोध्या। कैंट क्षेत्र के गुप्तारघाट में करीब 20 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित सुलभ कॉम्पलेक्स का उद्घाटन विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने किया। कॉम्पलेक्स में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग विंग बनाए गए हैं। प्रत्येक विंग में एक स्नानागार, छह शौचालय तथा दिव्यांगजनों के लिए एक शौचालय की व्यवस्था की गई है। उद्घाटन के अवसर पर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि गुप्तारघाट धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुलभ कॉम्पलेक्स के निर्माण से घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। विधायक ने कहा कि अयोध्या में विकास के साथ-साथ जनसुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार नए कार्य कराए जा रहे हैं। उद्घाटन समारोह के बाद पंचमुखी हनुमान मंदिर से गुमनामी बाबा की समाधि स्थल तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं के अलावा पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर शामिल लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का संयोजन मंडल अध्यक्ष रवि सोनकर ने किया। मौके पर अमल गुप्ता, हरभजन गौड, राम मिलन निषाद, राजेश पाठक, दिनेश मिश्र, वरूण चौधरी, प्रकाश गुप्ता, नीलम जायसवाल, कुश निषाद, श्याम लाल निषाद, वीरेन्द्र निषाद, रिंकू निषाद, शुभम् निषाद अनिल खत्री सहित अन्य लोगों की मौजूदगी रही।
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जिला कारागार में बंद शहीद कक्ष पर जताई आपत्ति
-इसी स्थान पर अमर शहीद अशफाक उल्ला खां को मिलीं थी शहादत
अयोध्या। अशफ़ाक उल्ला खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पाण्डेय ने अमर शहीद अशफाक उल्ला खां को जेल के सीकचो में बंद किए जाने पर घोर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जब हम देश का 80 वा स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहें हैं तब इसी फैजाबाद जेल में फांसी पर चढ़े शहीद अशफाक उल्ला खां को जेल में बंद रखना किसी भी प्रकार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि गत कई वर्षों से सुबह 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक शहीद कक्ष खोला जाता रहा परन्तु कुछ महीनों से बह निरंतर बन्द रखा जा रहा है। खुला रहने पर स्थानीय एवं बाहर से आने वाले लोग शहीद कक्ष जाकर उनके बलिदान और काकोरी एक्शन की घटनाएं जानते थे।अब बाहर सड़क से लोग उस कक्ष को बंद देखकर वापस चलें जाते हैं। श्री पाण्डेय ने जिला प्रशासन से जेल प्रशासन को यह कक्ष पूर्ववत खोलने तथा काकोरी एक्शन का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि जिनका स्वतंत्रता आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान है उन्हें नयी पीढ़ी को जानकारी से वंचित किया जाना बहुत ख़तरनाक है।यह क्रांतिकारी आंदोलन को छुपाने का षडयंत्र की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर इस स्थान पर भव्य आयोजन किया जाना आवश्यक है।
लेखपाल की हरकतों से परेशान तहसील प्रशासन
-नहीं हो पा रहा सरकारी और फरियादियों का कार्य
सोहावल-अयोध्या। तहसील के लेखपाल देश दीपक की कारगुजारी सब पर भारी पड़ रही है। बुधवार को एक बार फिर लेखपाल ने अपने राजस्व निरीक्षक को चकमा दिया और मौके से फरार हो गया। दस्तावेजों पर नक्शा दुरुस्ती करण के लिए जिला मुख्यालय गए राजस्व निरीक्षक उदय राज को खाली हाथ बैरंग वापस आना पड़ा। लेखपाल के विरुद्ध आख्या राजस्व निरीक्षक ने कार्रवाई के लिए तहसीलदार को भेजी है। पिछले कई महीनो से अपनी कर्तव्य निष्ठा के विपरीत अवांछित गतिविधियों को लेकर अर्थर क्षेत्र के इस लेखपाल पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। निर्देश के बावजूद आरोपी लेखपाल की लापरवाही से पैमाइश के कई कार्य रुके पड़े हैं। इसके खिलाफ शिकायत और जांच आख्या तहसीलदार स्तर से निलंबन की सिफारिश करते हुए तहसीलदार ने जिला प्रशासन को भेजा है। तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी लेखपाल के विरुद्ध जल्द ही कार्रवाई की जायेगी। संबंधित इसके राजस्व गांव में दूसरे लेखपाल नियुक्त होंगे।
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भाजपा सरकार से सभी वर्ग परेशान: तेज नारायण पांडे
-सपा सेक्टर प्रभारियों की बैठक में बूथ का प्रबंध पर हुआ मंथन
अयोध्या। सपा महानगर कार्यालय लोहिया भवन पर सभी सेक्टर प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता नि. महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव व संचालन महासचिव हामीद जाफर मीसम ने किया बैठक में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडे पवन मौजूद रहे। बताया बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन ने कहा अगर सारे सेक्टर प्रभारी और बूथ प्रभारी अपने बूथ का प्रबंध ठीक से कर ले तो चुनाव को आसानी से जीता जा सकता है उन्होंने कहा आज नौजवान किसान व्यापारी सभी वर्ग भाजपा सरकार से परेशान है और इन्होंने 2027 में प्रदेश में सपा सरकार बनाने के लिए संकल्प कर लिया। नि. महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव होने कहा सेक्टर प्रभारी एक जिम्मेदारी का काम है उन्होंने कहा हर बूथ पर एक सह प्रभारी बनाने की आवश्यकता है उसके साथ सदस्य भी बनाए जाए जो की बूथ पर नए सदस्यों को जोड़ने का काम करें उन्होंने सभी सेक्टर प्रभारियों को जिम्मेदारी के साथ इस काम में लगने के लिए कहा इससे अयोध्या विधानसभा का चुनाव जीता जा सके उन्होंने कहा आज केंद्र प्रदेश की सरकार से आम जनमानस बहुत परेशान है और इसका जवाब 2027 के चुनाव में इनको मिलेगा इस मौके पर महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव महासचिव हामीद जाफर मीसम, प्रदेश सचिव राम अचल यादव, उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव, प्रॉपर राकेश यादव, पार्षद महिला महानगर अध्यक्ष अपर्णा जायसवाल,, शक्ति जायसवाल, विजय यादव पार्षद विशाल पाल, ओरौनी पासवान नौशाद मामा, अर्जुन यादव सोमू, सर्वजीत यादव, जगत नारायण यादव, फरीद कुरैशी, रामअजोर यादव, उमेश यादव, मंसूर प्रधान, राहुल यादव,पिंटू यादव, अरुण सिंह,राशिद सलीम धर्मवीर, जगन्नाथ यादव,बब्बन प्रधान वीरेंद्र गौतम मोहम्मद सोहेल,, राजनाथ यादव, महेंद्र शुक्ला, मोहम्मद सैफी, इमरान खान,सुशील पांडे, दिलशाद हुसैन, नूर बाबू राजबली यादव सिकंदर चौधरी, रोहित यादव बोसु भाई, मनीष कुमार, मंजीत यादव, शाहबाज लकी आदि लोग मौजूद रहे।
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भारतीय शिक्षण मंडल ने गुरु-शिष्य परंपरा व भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर दिया जोर
अयोध्या। आदिगुरु व्यास द्वारा स्थापित गुरु-शिष्य परम्परा को लेकर भारतीय शिक्षण मंडल अवध प्रान्त अयोध्या इकाई द्वारा हनुमत संस्कृत इंटर कॉलेज शेखनपुर एवं ज्ञानोदय इंटर कॉलेज टाकसरा मिल्कीपुर में व्यास पूजन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंधक लल्लन पाठक एवं प्रधानाचार्य रोहित मिश्रा द्वारा की गई। इस अवसर पर मुख्य-वक्ता के रूप में सह प्रान्त मंत्री राजेश सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माधव सर्वाेदय इंटर कॉलेज उप प्रधानाचार्य ओम प्रकाश पांडेय, विशिष्ट अतिथि भारतीय मजदूर संघ संगठन मंत्री पुष्कर दत्त तिवारी रहे। मुख्य वक्ता राजेश सिंह ने बताया कि विद्या का मार्ग केवल मुक्ति के लिए है, नियुक्ति के लिए नहीं नशा मुक्ति अभियान के प्रति जागरूकता एंव संवेदनशील विकसित करने के उद्देश्य से प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता मैं विद्यार्थीयों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए पर्यावरण संरक्षण स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन तथा नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए।इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक एवं पर्यावरण जिम्मेदारियां के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य ओमप्रकाश पांडे ने कहा भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व एवं गुरु शिष्य परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि से सारथी के व्यक्तित्व निर्माण संस्कार एवं जीवन दृष्टि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ संस्कार एवं चरित्र निर्माण को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। भारतीय मजदूर संघ के संगठन मंत्री पुष्कर दत्त तिवारी ने कहा कि शिक्षा में निरंतर परिवर्तन के इस दौर में गुरु के प्रति सम्मान, श्रद्धा और गुरु-शिष्य संबंधों की मूल भावना को पुनः सुदृढ़ करना समय की आवश्यकता है। भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर विद्यार्थियों में राष्ट्र एवं समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जा सकती है। कार्यक्रम में विजय पांडेय मुन्ना पांडेय ,विद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, गुरु परंपरा और अपनी गौरवशाली ज्ञान-विरासत के प्रति सम्मान एवं जागरूकता की भावना को और मजबूत किया।
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महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने किया शक्ति संवाद
अयोध्या। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान की अध्यक्षता में महिला कल्याण विभाग एवं एनआरएलएम के सहयोग के द्वारा आज स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद के दौरान अध्यक्ष जी ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना मातृशक्ति वंदना योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के बारे में जानकारी दी। अध्यक्ष महोदया जी ने समूह की दीदियों द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की सराहना की और कहा जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे अप

