समर्पण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेस एवं समर्पण कालेज ऑफ फार्मेसी, लखनऊ ने संस्थान के निर्मल ऑडीटोरियम में संयुक्त रूप से स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

समर्पण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेस एवं समर्पण कालेज ऑफ फार्मेसी, लखनऊ ने संस्थान के निर्मल ऑडीटोरियम में संयुक्त रूप से स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। समर्पण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेस एवं समर्पण कालेज ऑफ फार्मेसी, लखनऊ ने संस्थान के निर्मल ऑडीटोरियम में संयुक्त रूप से स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्मानित अतिथिगण एवं वक्ता सुश्री शशी जी, क्षेत्र प्रचारिका, पूर्वी उत्तर प्रदेश, श्रीमती कंचन जी, सुश्री रंजनी, विस्तारिका, लखनऊ विभाग सुश्री मुदिता तिवारी, तरूनी प्रमुख, सुश्री पूजा जी एवं श्री अनुरक्त जी शामिल हुए। जिनका स्वागत संस्थान की प्रधानाचार्या डॉ० दीप्ति शुक्ला द्वारा किया गया। सुश्री मुदिता तिवारी, तरूनी प्रमुख ने स्वामी विवेकानन्द जी के चरित्र चित्रण पर एक प्रेरणादायी गीत से समारोह का प्रारम्भ किया। मुख्य प्रवक्ता सुश्री शशी जी, क्षेत्र प्रचारिका, पूर्वी उत्तर प्रदेश केन्द्र ने स्वामी जी की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके बाल्यकाल की चंचलता, युवावस्था की प्रगतिशीलता और उनकी उपलब्धियों को अत्यधिक गहराई से बताते हुए संस्थान के छात्र-छात्राओं को उनके विचार पर आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। सुश्री रंजनी जी, क्षेत्र विस्तारिका द्वारा छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानन्द जी के दिखाए गये रास्ते पर चलने हेतु प्रेरित किया गया।

समारोह के समापन में संस्थान के संस्थापक डॉ० आर०एस० दुबे, जो कि राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ से विगत कई वर्षों से जुड़े हैं, के द्वारा सभी सम्मानित अतिथिगणों एवं वक्ताओं को भेंट देकर सम्मानित करते हुए स्वामी विवेकानन्द के जन्मदिवस पर सभी छात्र-छात्राओं को बताया कि हमें जो करना है, जो कुछ भी बनना है, हम उस पर ध्यान केन्द्रीत न करके दूसरों को देखकर वैसा ही हम करने लगते हैं, जिसके कारण हम अपनी सफलता के लक्ष्य के पास होते हुए भी दूर भटक जाते हैं। इसीलिए यदि जीवन में सफल होना है तो सदा हमें अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

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