(बलौदाबाजार-भाटापारा) साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस की अपील, अपनाएं 4 गोल्डन रूल्स
बलौदाबाजार-भाटापारा, 06 अगस्त (आरएनएस)। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने जिले के नागरिकों, विशेषकर युवाओं से डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि जागरूकता और सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
पुलिस ने नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए चार महत्वपूर्ण नियम अपनाने की सलाह दी है। इनमें किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा नहीं करना, एसएमएस या व्हाट्सएप पर आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करना, सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स के लिए मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करना तथा केवल आधिकारिक और सुरक्षित वेबसाइटों या ऐप्स से ही ऑनलाइन खरीदारी करना शामिल है। पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करे, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचें। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित डिजिटल समाज की सबसे मजबूत कड़ी हैं।
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(सक्ती) एकलव्य छात्रावास में 9वीं के छात्र का शव फंदे पर मिला, जांच में जुटी पुलिस
सक्ती, 06 अगस्त (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित एकलव्य आदर्श बालक छात्रावास में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। छात्रावास के बाथरूम में कक्षा 9वीं के छात्र का शव फंदे से लटका मिलने से परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार घटना ग्राम पलाड़ी खुर्द स्थित एकलव्य आदर्श बालक छात्रावास की है। मृतक की पहचान उमेश कंवर के रूप में हुई है, जो कक्षा 9वीं का छात्र था और ग्राम बासिन का निवासी था। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह जब अन्य छात्र बाथरूम पहुंचे, तब उमेश फंदे से लटका मिला। छात्रावास प्रबंधन ने तत्काल उसे सक्ती जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने गहरा आक्रोश जताया। परिजनों का आरोप है कि छात्रावास प्रबंधन की शिकायत वे पहले भी कलेक्टर कार्यालय में कर चुके थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और छात्र की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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(कोरबा) कलेक्टर की संवेदनशील पहल से दिव्यांग छात्र के सपनों को मिली नई उड़ान
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। जिले के पोड़ी बहार निवासी बी.एससी. माइक्रोबायोलॉजी द्वितीय वर्ष के छात्र श्री ऋषभ जैन के लिए कॉलेज जाना और दैनिक कार्यों के लिए घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं था। दिव्यांगता के कारण उन्हें आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। बावजूद इसके उन्होंने अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया।
अपनी समस्या के समाधान के लिए श्री ऋषभ जैन ने 3 अगस्त 2026 को कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत को इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराने हेतु आवेदन दिया। कलेक्टर ने उनकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन की संवेदनशील एवं त्वरित पहल का परिणाम यह रहा कि आवेदन के मात्र एक दिन बाद, 4 अगस्त 2026 को श्री ऋषभ जैन को इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर एवं एल्बो क्रच प्रदान कर दिए गए। अब वे बिना किसी पर निर्भर हुए कॉलेज आ-जा सकेंगे और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ दैनिक कार्य भी आसानी से कर पाएंगे।
इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर मिलने पर श्री ऋषभ जैन ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए किसी नई जिंदगी से कम नहीं है। अब उन्हें शिक्षा प्राप्त करने और अपने भविष्य के सपनों को पूरा करने में काफी सुविधा मिलेगी। उन्होंने इस त्वरित सहायता के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत तथा जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह पहल दर्शाती है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय से जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। जिला प्रशासन का यह प्रयास दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
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(कोरबा) सेवा सेतु – हर नागरिक तक सरल, सहज और समयबद्ध सेवाएँ
० समय पर निवास एवं आय प्रमाण पत्र मिलने से श्री शिव कुमार राठिया के बच्चों की शैक्षणिक प्रक्रिया हुए पूरे
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकेंद्रित प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, त्वरित एवं सहज रूप से पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में शुरू की गई ”सेवा सेतु” पहल शासन और आम नागरिक के बीच विश्वास का सशक्त माध्यम बन रही है।
कोरबा जिले के ग्राम ढंगुरडीह, तहसील भैंसमा निवासी श्री शिव कुमार राठिया को अपने स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रहे दोनों पुत्रों के शैक्षणिक कार्यों के लिए निवास एवं आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने की स्थिति में बच्चों के शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका थी। ऐसे में उन्होंने बिना किसी विलंब के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सेवा सेतु केंद्र का रुख किया।
सेवा सेतु केंद्र में कर्मचारियों ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना तथा आवश्यक प्रक्रिया एवं दस्तावेजों के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया। मार्गदर्शन प्राप्त होने के बाद श्री राठिया ने वहीं आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उनका प्रकरण प्राथमिकता के साथ निराकृत किया गया और उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर निवास एवं आय दोनों प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए गए।
श्री राठिया ने बताया कि सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया अत्यंत सरल, सहज एवं पारदर्शी रही। उन्हें किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा तथा समय पर दस्तावेज प्राप्त होने से उनके बच्चों के शैक्षणिक कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि यदि सेवा सेतु जैसी व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती, तो उन्हें विभिन्न शासकीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते, जिससे समय और श्रम दोनों की अनावश्यक व्यय होता।
उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रारंभ की गई सेवा सेतु पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक त्वरित, सरल और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित कर रही है। श्री राठिया ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित को केंद्र में रखकर संचालित इस पहल से आम नागरिकों को वास्तविक राहत मिल रही है।
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(कोरबा) बरसती बूंदों के बीच बिरहोर बस्ती पहुँचे कलेक्टर, चैपाल में सुनीं उम्मीदों की आवाज़
० विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के बीच बैठकर जाना उनका दर्द, समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा, आजीविका से जोड़ने की भी बनाई कार्ययोजना
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। तेज बारिश, कीचड़ भरे रास्ते और दुर्गम पहाड़ी इलाका… लेकिन इन सबके बीच कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम समेलीभांठा स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर बस्ती पहुँचे। बारिश की परवाह किए बिना उन्होंने गाँव के स्कूल और आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया तथा बिरहोर परिवारों के बीच एक कमरे में चैपाल लगाकर उनकी समस्याओं को आत्मीयता से सुना। अपने बीच कलेक्टर को पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर आश्चर्य, खुशी और उम्मीद साफ दिखाई दे रही थी।
चैपाल के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से आत्मीयता से कहा, मैं यह देखने आया हूँ कि आप सभी ठीक हैं या नहीं। यदि कोई परेशानी है तो बेझिझक बताइए, उसे दूर करना हमारी जिम्मेदारी है। शुरुआत में ग्रामीण संकोचवश कुछ नहीं बोले, लेकिन कलेक्टर के सहज और अपनत्व भरे व्यवहार ने उनकी झिझक तोड़ दी। इसके बाद एक-एक कर ग्रामीणों ने अपने मन की बातें रखीं।
ग्रामीणों ने गाँव में बिजली और पेयजल की समस्या, जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत, स्कूल की बाउंड्रीवाल, मिडिल स्कूल की आवश्यकता तथा आवागमन के लिए पुल निर्माण की मांग रखी। भुडूपानी मोहल्ले के ग्रामीणों ने भी बिजली और पेयजल की समस्या से अवगत कराया। महिलाओं ने भी अपनी कठिनाइयों को खुलकर साझा किया।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने समेलीभांठा के स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत, पेयजल के लिए बोर और सोलर ड्यूल पम्प की व्यवस्था, विद्युत लाइन विस्तार कर विद्युतीकरण, स्कूल की बाउंड्रीवाल, तालाब एवं पुल निर्माण, स्कूल के पास लगे बिजली के खंभे को हटाने, खेत जोतने के लिए आधुनिक कृषि यंत्र प्रदान करने, भुडूपानी में पेयजल समस्या के समाधान तथा वहाँ के बच्चों को समेलीभांठा स्कूल तक आने-जाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा आधुनिक कृषि उपकरण की मांग पर भी आवश्यक पहल करने की बात कही।
चैपाल के दौरान यह भी सामने आया कि बिरहोर परिवार बांस शिल्प में विशेष रुचि रखते हैं। इस पर कलेक्टर ने उन्हें बांस उपलब्ध कराने, टोकरी सहित अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण देने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए, ताकि बिरहोर परिवारों की आजीविका को नया आधार मिल सके।
ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अमिता राज ने भी गाँव की विभिन्न समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने सभी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों तक मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बारिश से भीगे उस छोटे से कमरे में लगी चैपाल केवल समस्याएँ सुनने का मंच नहीं थी, बल्कि प्रशासन और विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के बीच विश्वास, संवेदनशीलता और विकास के नए संवाद का सशक्त माध्यम बन गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, एसडीएम श्री मनोज बंजारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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(कोरबा) दूरस्थ क्षेत्रों में निर्माणाधीन कार्यों का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, अधूरे कार्यो को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
० पोड़ी उपरोड़ा में विभिन्न विभागों में संचालित विकास कार्यो व निर्मित किए जा रहे भवनों का लिया जायजा
० निर्माणाधीन एक्लव्य विद्यालय, स्कूल, आश्रम, पीडीएस भवन, सहित अन्य संस्थाओं का अवलोकन कर कार्य प्रगति की ली जानकारी
० निर्माण कार्यों में लाएं गति, गुणवत्ता का रखे विशेष ध्यान: कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत
० आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों की गतिविधियां बढ़ाने और व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं की जमीनी स्थिति जानने कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के विभिन्न स्थानों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षा, आदिवासी विकास, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के चल रहे निर्माण कार्यों एवं संस्थानों का मौके पर पहुंचकर अवलोकन किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी लेते हुए अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी अधूरे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने एवं निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा श्री मनोज बंजारे सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पोड़ी के विद्यालय भवन, किचन एवं डाइनिंग ब्लॉक, बालक एवं बालिका छात्रावास भवन सहित प्रस्तावित परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण ड्राइंग का अवलोकन करते हुए स्थल का साइट लेवलिंग कराने, प्लिंथ लेवल सुरक्षित ऊंचाई तक विकसित करने, बाउंड्री वॉल निर्माण में तेजी लाने तथा लाइन शिफ्टिंग का कार्य शीघ्रता से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी एजेंसी से मैनपावर बढ़ाकर निर्माण में अपेक्षित प्रगति लाने और प्रत्येक चरण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने निर्देशित किया।
निर्माण कार्यों में लापरवाही पर एसडीओ एवं सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के निर्देश
इसी प्रकार पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन 100 सीटर बालक आश्रम का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने निर्मित भवन के सभी कक्षों एवं परिसर का अवलोकन किया। धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शेष सभी कार्य आगामी तीन माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के प्रति उदासीनता पाए जाने पर संबंधित एसडीओ एवं सब इंजीनियर के विरुद्ध नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।
लमना में निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल एवं माध्यमिक शाला भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, तकनीकी स्वीकृति में निर्धारित सामग्रियों का ही उपयोग करने की हिदायत दी।उन्होंने विद्यालय में प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा परिसर के पुराने भवन में लीकेज, सीपेज एवं अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए।
समेलीभांठा के प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने संस्थान में दर्ज एवं उपस्थित बच्चों की जानकारी ली और भवन की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने भवन के लीकेज एवं सीपेज की मरम्मत, रंग-रोगन, फर्श पर टाइल्स लगाने सहित आवश्यक सुधार कार्यों के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन चिकित्सक आवास एवं कोनकोना में ट्रेनिंग सेंटर भवन का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने सम्बंधित निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। तानाखार में निर्माणाधीन उचित मूल्य दुकान भवन का निरीक्षण कर शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।
तानाखार पंचायत के ग्राम मांझीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, ग्रोथ चार्ट, विभिन्न पंजियों तथा पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में दर्ज गर्भवती महिलाओं एवं उन्हें वितरित किए जा रहे रेडी-टू-ईट आहार की जानकारी भी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाने, नियमित रूप से सीखने की नई गतिविधियां संचालित करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए और अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।
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(कोरबा) शिक्षक बन कलेक्टर ने पढ़ाया भौतिकी का पाठ, विद्यार्थियों से संवाद कर दिया परिश्रम कर आगे बढ़ने का ज्ञान
० लमना में विद्यार्थियों से जाना स्कूल की जरूरतों का हाल, बेहतर सुविधाओं के लिए दिए आवश्यक निर्देश
० सपनों को लक्ष्य बनाकर मेहनत करें, सफलता निश्चित मिलेगी: कलेक्टर
० मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क नीट-जेईई कोचिंग सहित शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं की दी जानकारी
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लमना का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, अधोसंरचना, निर्माणाधीन कार्यों तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का व्यापक अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर अध्ययन-अध्यापन की स्थिति देखी। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से चर्चा की और शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
विद्यालय पहुंचते ही कलेक्टर ने कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, पसंदीदा विषय, परीक्षा की तैयारी, पिछले वर्ष के परीक्षा परिणाम तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय के सदुपयोग का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनता है, इसलिए पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करें।
संवाद के दौरान कलेक्टर स्वयं शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को भौतिक विज्ञान पढ़ाते हुए भौतिक मात्रक, सदिश एवं अदिश राशियां, चाल, समय, दूरी तथा विस्थापन जैसे विषयों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उनकी सहज शिक्षण शैली से विद्यार्थी उत्साहित नजर आए और उन्होंने विषय से जुड़े प्रश्नों का भी समाधान किया।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से विद्यालय की आवश्यकताओं के संबंध में भी खुलकर चर्चा की। बच्चों ने प्रयोगशाला, प्रायोगिक सामग्री, पुस्तकालय, खेल मैदान, खेल सामग्री, बालक एवं बालिका के लिए पृथक शौचालय, कक्षाओं में सीपेज तथा प्रकाश व्यवस्था जैसी समस्याओं से अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने बताया कि विद्यालय के नए भवन का निर्माण प्रगति पर है एवं जल्द पूर्ण हो जाएगा, जिसके पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने वर्तमान भवन में सीपेज की मरम्मत शीघ्र कराने, प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को दिए।
विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए कलेक्टर ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद जिला खनिज न्यास शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध नि:शुल्क कोचिंग सुविधा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इच्छुक विद्यार्थी इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से पूरे समर्पण के साथ अध्ययन करने तथा अपने परिवार और जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, वहां के विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा इसरो जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों से भी चर्चा कर शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा परिणाम तथा विद्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी ली। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा श्री मनोज बंजारे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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(कोरबा) मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत दिशा-निर्देश जारी
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत तीर्थ यात्रा आगामी 21 सितंबर से 24सितंबर 2026 तक पुरी, भुवनेष्वर, कोणार्क की यात्रा प्रस्तावित है।
उप संचालक समाज कल्याण विभाग कोरबा से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिले हेतु मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 338 व्यक्तियों को यात्रा पर भेजे जाने का लक्ष्य प्रदान किया गया है। लक्ष्य अनुसार तीर्थदर्शन यात्रा के लिए जिले के नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा हेतु 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र से तथा 25 प्रतिशत हितग्राही नगरीय क्षेत्र से चयनित किया जाएगा। जिसमें जनपद पंचायत कोरबा के 50, करतला से 50, कटघोरा से 40, पाली से 50, पोड़ी उपरोड़ा से 54, इसी प्रकार नगरीय निकाय क्षेत्रांतर्गत नगर पालिका निगम कोरबा से 60, नगर पालिका परिषद दीपका से 6, कटघोरा से 8, बांकीमोंगरा से 8, नगर पंचायत पाली व छुरीकला से 6-6 तीर्थयात्री शामिल है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश सभी जनपद पंचायतों एवं संबंधित नगरीय निकायों को प्रेषित कर पात्र हितग्राहियों के आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरवाकर नाम मय सूची के 25 अगस्त तक कार्यालय उप संचालक समाज कल्याण कोरबा में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
आवेदन पत्र के साथ 2 नग नवीन पासपोर्ट साईज फोटो, पहचान हेतु आधार, राशन, पेन कार्ड, ईपिक कार्ड, लाइसेंस की छायाप्रति सलंग्न करना अनिवार्य है साथ ही शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम होने के संबंध में चिकित्सकीय प्रमाण पत्र पर चिकित्सक के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है।
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(कोरबा) संचार तथा संकर्म समिति की बैठक 10 को
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। जिला पंचायत कोरबा की संचार तथा संकर्म समिति की बैठक 10 अगस्त को दोपहर 12.30 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई है।
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(कोरबा) रेडियोग्राफर पद पर नियुक्ति के लिए दावा आपत्ति एवं अनंतिम मेरिट सूची जारी
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत रेडियोग्राफर के पदों हेतु दावा आपत्ति निराकरण सूची एवं अनंतिम मेरिट सूची जारी कर दावा-आपत्ति 25 जून तक आमंत्रित किये गये थे।
कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार दावा-आपत्ति में कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं होने पर अंतिम मेरिट सूची, चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा तथा जिले के शासकीय वेबसाइट ूूूणवतइंण्हवअण्पद में सर्व संबंधितों के अवलोकनार्थ अपलोड कर दिया गया है।
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(कोरबा) 588.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 588.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 632.5 मिलीमीटर, अजगरबहार 426, भैंसमा, 561, करतला 557, बरपाली 629.6, कटघोरा 594.1 दीपका 641.9, दर्री 721.2, पाली 616.8, हरदीबाजार 487.4, पोंड़ीउपरोड़ा 619.4, और पसान तहसील में 579.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह पिछले 24 घंटे में जिले में 12.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
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(कोरबा) वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से बाढ़ आपदा प्रषिक्षण की पूर्व तैयारियों की समीक्षा आज
कोरबा 06 अगस्त (आरएनएस)। भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा राज्य में बाढ़ आपदा को दृष्टिगत रखते हुए 07 अगस्त को विडियो कांफे्रंस के माध्यम से ओरिएंटेषन एण्ड कोआर्डिनेषन एवं 18 अगस्त को टेबल टाप एक्सरसाइज तथा 20 अगस्त को मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जायेगी। उक्त प्रषिक्षण की पूर्व तैयारियों की समीक्षा विभाग द्वारा विडियो कान्फे्रस के माध्यम से 7 अगस्त को दोपहर 02 बजे किया जायेगा।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा जिले के सर्व संबंधित अधिकारियों को उक्त विडियो कान्फ्रेस हेतु 07 अगस्त को दोपहर 02 बजे कलेक्टर कार्यालय कोरबा स्थित विडियो कान्फे्रस कक्ष में उपस्थित होने निर्देषित किया गया है।
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(कोरबा) दिव्यांगजन व्यक्तियों के सषक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु नामांकन आमंत्रित
कोरबा 06 अगस्त। भारत सरकार, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सषक्तिकरण विभाग नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजन सषक्तिकरण 2026 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु नामांकन आमंत्रित की गई है। पुरस्कार हेतु विस्तृत दिषा-निर्देष पोर्टल में उपलब्ध है।
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(कोरबा) बाइक को लेकर दोस्तों में विवाद, बीच सड़क पर हुई मारपीट, एक युवक घायल, पुलिस ने की कार्रवाई
कोरबा 6 अगस्त (आरएनएस)। कोरबा रेलवे स्टेशन के सामने सोमवार को बाइक को लेकर हुए विवाद में दो दोस्तों के बीच मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक घायल होकर खून से लथपथ सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया।
जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक सीतामढ़ी स्टेशन क्षेत्र के रहने वाले हैं और आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक युवक बाइक लेकर चला गया था और उसे वापस नहीं कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
मारपीट में एक युवक के हाथ में चोट आई। राहगीरों ने घटना की सूचना 112 और कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने घायल को इलेक्ट्रिक ऑटो की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में विवाद की वजह बाइक सामने आई है। पुलिस ने घायल युवक का अस्पताल में बयान लेने का प्रयास किया, लेकिन उसने अपने दोस्त के खिलाफ शिकायत करने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे अपने दोस्त पर भरोसा है और घटना गलती से हुई थी, इसलिए वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लिया है। ब्ैच् के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
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(कोरबा) नगरदा वॉटरफॉल में दर्दनाक हादसा, चट्टान से फिसलकर कोरबा के युवक की मौत
कोरबा 6 अगस्त (आरएनएस)। सक्ती जिले के प्रसिद्ध नगरदा वॉटरफॉल में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश के चलते चट्टानों पर जमी काई के कारण पैर फिसलने से कोरबा जिले के एक युवक की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई। हादसे में युवक को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतक की पहचान कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के देवरमाल निवासी रोशन उर्फ राहुल पटेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह दोस्तों के साथ नगरदा वॉटरफॉल घूमने और स्नान करने पहुंचा था। जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण वॉटरफॉल की चट्टानों पर काई जम गई थी, जिससे वहां काफी फिसलन थी। स्नान के दौरान अचानक रोशन का संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे जा गिरा। हादसे के बाद दोस्तों ने उसे गंभीर हालत में चांपा के बीडीएम अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बीडीएम अस्पताल के डॉक्टर डॉ. मनीष श्रीवास्तव के अनुसार, पोस्टमार्टम में युवक के सिर में गंभीर चोट के साथ फेफड़ों और लीवर को भी भारी नुकसान होने की पुष्टि हुई है। चोटें बेहद गंभीर थीं और डॉक्टरों के मुताबिक युवक की मौत घटनास्थल पर ही हो चुकी थी।
नगरदा वॉटरफॉल की घटना ने जिले के पिकनिक स्पॉट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक सप्ताह के भीतर सक्ती जिले के पिकनिक स्पॉट पर यह दूसरी मौत है। इससे पहले दमाऊधारा पिकनिक स्पॉट पर दुर्ग जिले के छावनी निवासी प्रतीक कंवर की गहरे पानी में डूबने से मौत हुई थी।
लगातार बारिश के दौरान वॉटरफॉल, नदी और पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टानों पर काई जमने से फिसलन काफी बढ़ जाती है। ऐसे स्थानों पर अचानक जलस्तर बढ़ने और पैर फिसलने का खतरा भी बना रहता है। पुलिस और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में वॉटरफॉल और नदी के खतरनाक हिस्सों में जाने से बचें, सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अपनी तथा साथियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
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(कोरबा) 3 साल के मासूम की सांप काटने से मौत
कोरबा 6 अगस्त (आरएनएस)। कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। कटघोरा की पुरानी बस्ती के खालेपारा इलाके में रात के वक्त घर के अंदर सो रहे 3 साल के मासूम बच्चे की जहरीले करैत सांप के काटने से मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पीड़ित परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, कटघोरा मुख्य बाजार में कारोबार करने वाले विजय राज का 3 साल का बेटा वाशु राज रात में अपने घर के पूजा रूम में दादी और बहन के साथ बिस्तर पर सोया हुआ था। इसी दौरान रात के सन्नाटे में एक जहरीला करैत सांप कमरे के अंदर घुस आया और सीधे बिस्तर पर लेटे हुए बच्चे को अपना शिकार बना लिया। सांप के काटते ही बच्चा दर्द से चीखने लगा, जिसकी आवाज सुनकर उसकी दादी तुरंत जाग गईं। दादी ने जब बिस्तर पर देखा तो वहां एक बड़ा करैत सांप मौजूद था, जो कुछ ही पलों में अंधेरे में गायब हो गया। परिजनों ने तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दी, लेकिन काफी तलाश के बाद भी सांप का कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर तुरंत कटघोरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जहर पूरे शरीर में फैलने के कारण मासूम ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
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(रायपुर) महुआ से बदली महिलाओं की तकदीर, वन धन योजना ने बनाया आत्मनिर्भर
रायपुर, 06 अगस्त (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के जंगलों में मिलने वाला महुआ अब ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए सिर्फ वनोपज नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और बेहतर आजीविका का मजबूत माध्यम बन गया है। जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राइफेड की वन धन विकास केंद्र योजना के तहत महिलाओं को महुआ के मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की महिलाएं इस बदलाव की मिसाल बनकर सामने आई हैं। पहले वे केवल महुआ का संग्रह करती थीं, लेकिन अब प्रशिक्षण के बाद महुआ से लड्डू, कुकीज़, एनर्जी बार, स्क्वैश सहित कई मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर रही हैं। आधुनिक प्रसंस्करण और आकर्षक पैकेजिंग के कारण इन उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग बन रही है।
वन धन विकास केंद्रों में महिलाओं को उत्पाद निर्माण के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छ उत्पादन, पैकेजिंग, लेबलिंग, भंडारण और विपणन का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे वे बाजार की मांग के अनुरूप बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर उचित मूल्य प्राप्त कर रही हैं।
महुआ के मूल्यवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। कच्चे महुआ की बिक्री के बजाय उससे तैयार किए जा रहे उत्पादों ने महिलाओं की आय कई गुना बढ़ाई है और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
इन उत्पादों को ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्सÓ के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से वन आधारित उत्पादों को नई पहचान मिली है और महिला स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों की बेहतर बिक्री का अवसर प्राप्त हो रहा है।
कोरिनभाठा की महिलाओं की सफलता यह साबित करती है कि सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और प्रभावी विपणन सहयोग के माध्यम से वन संपदा को रोजगार और समृद्धि का सशक्त आधार बनाया जा सकता है। वन धन विकास केंद्र योजना आज ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
बंछोर
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(गरियाबंद) देवभोग पुलिस का सत्यापन अभियान तेज, बाहरी फेरीवालों और किरायेदारों की हुई जांच
गरियाबंद, 06 अगस्त (आरएनएस)। जिले में अवैध प्रवासियों, बाहरी फेरीवालों एवं किरायेदारों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना देवभोग पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से आए फेरीवालों और किरायेदारों का सघन सत्यापन किया गया।
सत्यापन के दौरान संबंधित व्यक्तियों के आधार कार्ड का एम-आधार ऐप के माध्यम से सत्यापन किया गया। साथ ही उनके ऑनलाइन लेनदेन, मोबाइल कॉल और व्हाट्सएप कॉल हिस्ट्री की भी जांच की गई, ताकि किसी अंतरराष्ट्रीय नंबर या संदिग्ध गतिविधि से जुड़े होने की पुष्टि की जा सके। पुलिस ने सभी व्यक्तियों के दस्तावेजों का मिलान कर थाना स्तर पर नेफिस प्रणाली में उनके बायोमेट्रिक और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए। अभियान का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना है। गरियाबंद पुलिस ने आम नागरिकों, मकान मालिकों और ग्रामवासियों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई बाहरी व्यक्ति, किरायेदार या फेरीवाला रह रहा हो या कार्य कर रहा हो, तो उसका सत्यापन निकटतम थाने में अवश्य कराएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दें।
बंछोर
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(मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी) नक्सल पीड़ित परिवार को मिली 15 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता, एसएसपी ने सौंपा आर्थिक संबल
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, 06 अगस्त (आरएनएस)। जिले में नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और आर्थिक सहायता के तहत एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाई.पी. सिंह (भा.पु.से.) ने नक्सल हिंसा में मृत स्व. गंगा राम की पत्नी श्रीमती रामसो बाई को केंद्र सरकार की सहायता योजना के अंतर्गत 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
जानकारी के अनुसार, 22 मार्च 2010 को थाना मानपुर क्षेत्र के ग्राम सुडियाल में नक्सलियों ने गंगा राम की उनके घर के सामने हत्या कर दी थी। घटना के बाद शासन की केंद्रीय सहायता योजना के तहत उनकी पत्नी रामसो बाई के लिए 15 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाई.पी. सिंह ने हितग्राही को सहायता राशि सौंपते हुए बताया कि उनके सुरक्षित भविष्य और आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए 12 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के रूप में तथा 3 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया है। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक नेहा पवार, मुख्य लिपिक प्रशांत राहुल सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन ने कहा कि शासन नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है, ताकि प्रभावित परिवार सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।
बंछोर
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(रायपुर) अनुकंपा नियुक्ति में तृतीय श्रेणी पदों पर सीलिंग समाप्त करने एवं स्थानांतरण प्रतिबंध हटाकर नई नीति लागू करने की मांग
0 छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांग-पत्र
रायपुर, 06 अगस्त (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण एवं लंबे समय से लंबित विषयों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विस्तृत मांग-पत्र सौंपते हुए त्वरित निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, महासचिव चंद्रशेखर तिवारी, उप संयोजक पवन शर्मा, रोहित तिवारी, संजय सिंह, प्रदेश प्रवक्ता पंकज पांडे ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग के दिनांक 23 फरवरी 2019 के आदेश के कारण तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए सीधी भर्ती के पदों पर 10 प्रतिशत की सीमा (सीलिंग) निर्धारित है। इस सीमा के कारण अनेक दिवंगत शासकीय सेवकों के उच्च शिक्षित एवं पात्र आश्रित वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके विपरीत चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए किसी प्रकार की सीलिंग लागू नहीं है।
फेडरेशन ने मांग की है कि मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए तृतीय श्रेणी के पदों पर भी चतुर्थ श्रेणी की भांति सीलिंग समाप्त की जाए, ताकि दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को समयबद्ध न्याय मिल सके तथा उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक संकट से राहत प्राप्त हो।
इसके साथ ही फेडरेशन ने वर्ष 2025 की स्थानांतरण नीति में आवश्यक संशोधन करते हुए स्थानांतरण पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने तथा नई स्थानांतरण नीति जारी करने की मांग की है।
फेडरेशन ने मांग-पत्र में कहा है कि नई स्थानांतरण नीति में निम्नलिखित प्रावधानों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए—
पति-पत्नी प्रकरणों में पारस्परिक स्थानांतरण का स्पष्ट प्रावधान। मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को स्थानांतरण में पूर्ववत छूट।
दिव्यांग, कैंसर, किडनी प्रत्यारोपण, हृदय शल्य चिकित्सा एवं अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित शासकीय सेवकों को विशेष प्राथमिकता एवं स्थानांतरण में छूट। फेडरेशन ने कहा कि ये दोनों विषय प्रदेश के हजारों शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवारों से सीधे जुड़े हुए हैं। अनुकंपा नियुक्ति में अनावश्यक विलंब से पीड़ित परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, वहीं स्थानांतरण नीति में व्यावहारिक प्रावधानों के अभाव में अनेक कर्मचारी पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से इन दोनों जनहितैषी एवं कर्मचारी हितैषी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। फेडरेशन ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन महत्वपूर्ण मांगों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करेगी।
एसएस
(रायपुर) टीबी के खिलाफ लड़ाई में आगे आएं, बनें किसी मरीज की उम्मीद
० जशपुर में 19 विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) मरीजों सहित 60 टीबी रोगियों को गोद लेकर पोषण सहायता प्रदान कर रहे हैं निरंजन
रायपुर,06 अगस्त (आरएनएस)। टीबी केवल एक बीमारी नहीं है। यह गरीबी, कुपोषण और सामाजिक उपेक्षा से जुड़ी ऐसी चुनौती है, जो हर साल हजारों परिवारों को आर्थिक और मानसिक संकट में धकेल देती है। जब कोई व्यक्ति टीबी से ग्रसित होता है, तब उसके सामने केवल दवा लेने की चुनौती नहीं होती, बल्कि पौष्टिक भोजन जुटाने, नियमित उपचार जारी रखने और सामाजिक भेदभाव से लड़ने जैसी अनेक कठिनाइयाँ भी खड़ी हो जाती हैं। यही कारण है कि देशव्यापी प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में निक्षय मित्र की अवधारणा को विशेष महत्व दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी के उपचार में दवा जितनी आवश्यक है, उतना ही आवश्यक है पर्याप्त पोषण। लेकिन दूरस्थ और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। कई मरीज केवल इसलिए उपचार बीच में छोड़ देते हैं क्योंकि उनके पास पोषणयुक्त भोजन की व्यवस्था नहीं होती। ऐसे समय में निक्षय मित्र न केवल पोषण सहायता प्रदान करते हैं, बल्कि मरीजों के मनोबल को भी मजबूत बनाते हैं।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों (क्कङ्कञ्जत्र) के बीच स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यरत जिला डाटा प्रबंधक निरंजन प्रसाद गुप्ता ने अक्टूबर 2024 से निक्षय मित्र के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने न केवल 19 पीवीटीजी समुदाय के टीबी मरीजों को गोद लिया, बल्कि जिले के कुल 60 टीबी मरीजों को नियमित रूप से पोषण आहार एवं आवश्यक सहयोग प्रदान कर उपचार की राह में उनका साथ निभाया।
जशपुर के पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जैसे विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों में टीबी की रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित होने के कारण मरीज अक्सर उपचार में देरी कर देते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए मरीजों को पोषण सहायता, स्वास्थ्य परामर्श और निरंतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया, जिससे उपचार की निरंतरता बनी रही।
निरंजन गुप्ता की पहल केवल पोषण किट तक सीमित नहीं रही। उन्होंने घर-घर पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों को टीबी के लक्षणों, नियमित दवा सेवन, संक्रमण से बचाव तथा उपचार पूरा करने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस सतत संवाद का सकारात्मक प्रभाव यह हुआ कि समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा और लोग स्वयं स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचने लगे।
टीबी के खिलाफ लड़ाई में दवा और निदान जितने महत्वपूर्ण हैं, उतना ही महत्वपूर्ण है पोषण और सामाजिक सहयोग। कुपोषण और टीबी का संबंध एक दुष्चक्र की तरह है कुपोषण से बीमारी बढ़ती है और बीमारी से कुपोषण। ऐसे में निक्षय मित्र द्वारा दिया गया पोषण सहयोग मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और उपचार को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन उल्लेखनीय प्रयासों के लिए निरंजन गुप्ता को दिसंबर 2024 में राज्य स्तरीय निक्षय मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य नहीं है। यह समाज के हर उस व्यक्ति का दायित्व है जो किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। जशपुर की यह पहल बताती है कि एक व्यक्ति भी यदि संवेदनशीलता के साथ आगे आए, तो वह दर्जनों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। आज आवश्यकता है कि अधिक से अधिक नागरिक, संस्थाएं और सामाजिक संगठन निक्षय मित्र बनकर इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ें, ताकि कोई भी टीबी मरीज केवल संसाधनों के अभाव में उपचार से वंचित न रहे।
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(जशपुर) 10 अगस्त को मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
० 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को नि:शुल्क खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की दवा
० 17 अगस्त को होगा मॉप-अप दिवस, छूटे हुए बच्चों को भी दी जाएगी दवा
जशपुरनगर, 06 अगस्त (आरएनएस)। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत 10 अगस्त 2026 को जिले के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, महाविद्यालयों तथा विद्यालय नहीं जाने वाले (आउट ऑफ स्कूल) 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाव हेतु एल्बेंडाजोल (400 मि.ग्रा.) की दवा नि:शुल्क खिलाई जाएगी। अभियान के तहत आयु वर्ग के अनुसार दवा का सेवन कराया जाएगा। 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली (200 मि.ग्रा.) चूरा बनाकर, 2 से 3 वर्ष आयु के बच्चों को एक पूरी गोली (400 मि.ग्रा.) चूरा बनाकर तथा 3 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली (400 मि.ग्रा.) चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी। अभियान का संचालन प्रशिक्षित शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में किया जाएगा, जिससे बच्चों को सुरक्षित एवं सही तरीके से दवा उपलब्ध कराई जा सके। यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा का सेवन नहीं कर पाता है, तो ऐसे सभी छूटे हुए पात्र बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को 17 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस के दौरान एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के सभी अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं नागरिकों से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी बच्चा अथवा किशोर-किशोरी एल्बेंडाजोल की दवा के सेवन से वंचित न रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों में एनीमिया, कुपोषण, कमजोरी, भूख कम लगना, पेट दर्द, पढ़ाई में ध्यान न लगना तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। एल्बेंडाजोल एक सुरक्षित एवं प्रभावी कृमिनाशक दवा है, जिसे प्रशिक्षित कर्मियों की देखरेख में आयु के अनुसार दिया जाता है। कृमिनाशन से बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास में सकारात्मक सुधार आता है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी विभागों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, महाविद्यालयों, पालकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें तथा सभी पात्र बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को 10 अगस्त 2026 को एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन अवश्य कराएं। साथ ही, जो बच्चे किसी कारणवश मुख्य दिवस पर दवा नहीं ले सकें, उन्हें 17 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस पर दवा अवश्य दिलाई जाए।
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(रायपुर) रायपुर में लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध मौत, आदिवासी छात्रा की हत्या की आशंका; साथी छात्र हिरासत में
रायपुर, 06 अगस्त (आरएनएस)। राजधानी रायपुर के बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही आदिवासी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका के शरीर और गले पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे मारपीट के बाद गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मृतका के साथ रहने वाले छात्र को हिरासत में ले लिया है।
घटना मुजगहन थाना क्षेत्र के बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है। मृतका भारती नेताम (19) पिता रतिराम नेताम, मूल रूप से कांकेर जिले के कोकपुर की रहने वाली थी। वह रायपुर के विकास महाविद्यालय में बीएड की पढ़ाई कर रही थी और पिछले 6-7 महीनों से कोंडागांव के रावतपुरा सरकार महाविद्यालय के छात्र सावंत बघेल के साथ बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में लिव-इन में रह रही थी।
मृतका की बड़ी बहन देविका नेताम ने पुलिस को बताया कि सावंत बघेल किसी अन्य के संपर्क में होने के संदेह में अक्सर भारती के साथ मारपीट करता था। भारती ने एक दिन पहले फोन करके बताया कि सावंत ने फिर मारपीट की है। वह कोकपुर लौटना चाहती है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं है, तब उसने ऑनलाइन 3 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। इसके बाद 4 अगस्त की रात उसे फोन से सूचना मिली कि भारती को मेकाहारा इलाज के लिए ले जाया गया है, जहां उसकी मौत हो गई, जिसके बाद देविका 5 अगस्त को पिता और बहन के साथ रायपुर पहुंची।
मृतका की बांयी आंख के नीचे, गर्दन के पीछे चोट के साथ ही खून जमने के निशान मिले हैं। आरोप लगाया गया है कि सांवत ने ही भारती की हत्या की है। देविका की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुख्य संदेही सावंत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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(कोरबा) कोरबा में ‘भौकाल बाइकर्सÓ पर पुलिस का शिकंजा, 8 युवक पकड़ाए, 7 बाइक जब्त
कोरबा, 06 अगस्त (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ की कोरबा पुलिस ने भौकाल बाइकर्स गिरोह के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। पुलिस ने 7 बाइक सवारों पर कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को पकड़ा है, जो वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में दहशत फैला रहे थे और कनकी धाम में स्टंटबाजी कर हुड़दंग मचा रहे थे।
दरअसल, सोशल मीडियो पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ बाइकर्स वीडियो बनाकर ना सिर्फ दहशत फैला रहे थे बल्कि कनकी धाम में रोड जाम कर स्टंटबाजी भी करते हुए श्रद्धालुओं को परेशान कर रहे थे।
मामला संज्ञाम में आने के बाद पुलिस ने एक्शन लिया और कार्रवाई तरते हुए 7 बाइक को जब्त कर लिया। पकड़े गए युवकों में कई नाबालिग भी शामिल हैं। पकड़े जाने के बाद सभी आरोपी कान पकड़कर माफी मांगते नजर आए।
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(धमतरी) नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक और आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा
० धमतरी पुलिस की प्रभावी एवं सशक्त विवेचना से न्यायालय में अपराध सिद्ध
धमतरी, 06 अगस्त (आरएनएस)। भावना पांडेय के निर्देशन में महिला एवं बाल अपराधों के प्रकरणों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना कर आरोपियों को कठोर सजा दिलाने हेतु धमतरी पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में थाना केरेगांव के अपराध क्रमांक 20/2025, विशेष दांडिक प्रकरण क्रमांक 54/2025 में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी/ धमतरी द्वारा आरोपी राकेश मंडावी, पिता स्व. आत्माराम मंडावी, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम सियादेही, थाना केरेगांव, जिला धमतरी को दोषसिद्ध पाते हुए कठोर सजा से दंडित किया गया है।
न्यायालय द्वारा आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 07 वर्ष का सश्रम कारावास,धारा 87 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास,अर्थात शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास की सजा एवं कुल 5,000/- रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।
साथ ही न्यायालय द्वारा आरोपी की ओर से जमा कराई गई 7,000/-रुपये की अर्थदंड राशि पीड़िता को उसके अभिभावक के माध्यम से प्रतिकर के रूप में प्रदान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्कृष्ट विवेचना के लिए तत्कालीन थाना प्रभारी केरेगांव होंगे पुरस्कृत उक्त प्रकरण में अपराध की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना द्वारा तत्परता एवं गंभीरता से विवेचना करते हुए साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत संकलन कर प्रकरण को न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
दोषसिद्धि आरोपी का नाम
राकेश मंडावी, पिता स्व. आत्माराम मंडावी, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम सियादेही, थाना केरेगांव, जिला धमतरी (छ.ग.)
परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर सजा दिलाने में सफलता प्राप्त हुई।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय द्वारा उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना के लिए निरीक्षक टुमन लाल टडसेना को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई है।
धमतरी पुलिस महिला एवं बाल अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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(रायगढ़) रात के अंधेरे में ट्रकों-ट्रेलरों का डीजल उड़ाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तमनार पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
० ट्रेलर का डीजल चोरी कर सस्ते दामों में बेचता था गिरोह, खरीदार समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
० बोलेरो, 50 लीटर डीजल, लोहे का सब्बल, पाइप व चोरी में प्रयुक्त औजार जब्त, फरार साथियों की तलाश जारी
रायगढ़ , 06 अगस्त (आरएनएस)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में थाना तमनार पुलिस ने ट्रकों एवं ट्रेलरों से डीजल चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में चोरी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, 50 लीटर डीजल, प्लास्टिक पाइप, लोहे का सब्बल, पेचकस तथा नकदी बरामद की गई है। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार 4 अगस्त 2026 को हुई, प्रार्थी गोपेश जायसवाल निवासी तमनार ने थाना तमनार में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका ट्रेलर क्रमांक ष्टत्र 13 ्रङ्क 7911 जेपीएल प्लांट के गेट नंबर-2, सलिहाभांठा के पास खड़ा था। रात में वाहन में लगभग 100 लीटर डीजल मौजूद था, लेकिन सुबह देखने पर डीजल टैंक का ढक्कन टूटा मिला और पूरा डीजल चोरी हो चुका था। रिपोर्ट पर थाना तमनार में अपराध क्रमांक 197/2026 के तहत धारा 303(2), 317(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना मिली कि ग्राम भालूमुड़ा निवासी किशोर कुमार चौहान के पास चोरी का डीजल रखा हुआ है। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों फकीर यादव, खुलु उर्फ दुखभंजन देवता, कमलेश कुमार उरांव एवं कमल सिदार के साथ मिलकर ट्रकों एवं ट्रेलरों से डीजल चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी ने यह भी बताया कि चोरी का डीजल ग्राम मुड़ागांव निवासी दुर्गाचरण पटेल को मात्र 4,000 रुपये में बेच दिया था तथा मिली रकम को आपस में बांटकर खर्च कर दिया।
आरोपी किशोर कुमार चौहान की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन क्रमांक ष्टत्र 13 क्चरू 1854, 50 लीटर डीजल, प्लास्टिक पाइप, लोहे का सब्बल एवं पेचकस जब्त किया। इसके बाद आरोपी कमलेश कुमार उरांव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बिक्री की रकम में से शेष 500 रुपये पुलिस के समक्ष पेश किए, जिसे विधिवत जब्त किया गया।
जांच के दौरान चोरी का डीजल खरीदने वाले दुर्गाचरण पटेल को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने यह स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर चोरी का डीजल 4,000 रुपये में खरीदा था। इस आधार पर प्रकरण में धारा 317(2) बीएनएस के तहत उसके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की गई। गिरोह के अन्य आरोपी फकीर यादव, खुलु उर्फ दुखभंजन देवता एवं कमल सिदार की तलाश जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य देर रात बोलेरो वाहन में लोहे का सब्बल, प्लास्टिक ड्रम, पाइप एवं अन्य औजार लेकर निकलते थे और सुनसान स्थानों पर खड़े ट्रेलरों एवं ट्रकों के डीजल टैंक का ढक्कन तोड़कर पूरा डीजल चोरी कर लेते थे। यदि मौके पर चालक मौजूद रहता तो उसे धमकाकर भगा देते थे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों किशोर कुमार चौहान (37 वर्ष), कमलेश कुमार उरांव (23 वर्ष) एवं दुर्गाचरण पटेल (42 वर्ष) को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
डीजल चोरी करने वाले गिरोह के भंडाफोड़ की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, एएसआई गौतम सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक विपिन पटेल, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, रंजीत भगत एवं पुरुषोत्तम सिदार की सराहनीय भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश-
क्षेत्र में ट्रकों, ट्रेलरों एवं भारी वाहनों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अपराधियों के साथ चोरी का माल खरीदने वालों पर भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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