हाथियों के जोड़ा ने भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में धान की फसल रौंदी,मड़हा व मचान उजाड़ा

हाथियों के जोड़ा ने भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में धान की फसल रौंदी,मड़हा व मचान उजाड़ा
*दोनों हाथियों का जोड़ा गुरुवार को मध्यप्रदेश के जंगलों में किया प्रवेश, वनविभाग की टीम निगरानी में लगी

ड्रमंडगंज, मीरजापुर। जिले के भैसोड़ बलाय पहाड़ जंगल में पिछले दो दिनों से डेरा जमाए जंगली हाथियों का जोड़ा बुधवार की देर रात भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव के बोजवा सीवान में पहुंच गया। हाथी और हथिनी ने दो किसानों की करीब तीन बीघा धान की फसल रौंदते हुए नष्ट कर दिया।धान के खेत खेत के पास बने मड़हा और मचान को उजाड़ दिया।हाथी और हथिनी को धान के खेत में पहुंचने पर फसल की रखवाली करने एक किलोमीटर दूर गए भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव निवासी किसान बनारसी यादव व श्याम लाल खेत में दोनों हाथियों को देखकर जान बचाकर वहां से भाग निकले। हाथियों के जोड़ा ने धान की फसल को नष्ट करने के बाद खेत पर बने बनारसी यादव के मड़हे व श्यामलाल यादव के मचान को उजाड़ कर नीचे गिरा डाला। बनारसी यादव ने बताया कि देर रात पहुंचे हाथियों ने धान की फसल चरते हुए रौंद दिया जिससे काफी क्षति पहुंची है। दोनों किसानों ने वनविभाग व तहसील प्रशासन से क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग की है। वनदारोगा कुमार कार्तिकेय ने बताया कि गुरुवार को दोनों हाथियों का जोड़ा भैसोड़ बलाय पहाड़ से आगे पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के जंगलों में प्रवेश कर गया है। वनदारोगा ने बताया कि हाथी रात में ज्यादा सक्रिय होते हैं दिन में ज्यादातर वह आराम करते हैं जिससे रात में उनके फिर से लौटने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है। हाथियों के जोड़ा की लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा रही है। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से निकले हाथियों का जोड़ा बीते 29 अगस्त की रात ड्रमंडगंज वनरेंज के बबुरा रघुनाथ सिंह जंगल में पहुंचा था जहां विभिन्न जंगलों में विचरण करने के बाद चार सितंबर को प्रयागराज के जंगलों में प्रवेश कर गया था तीन दिनों तक प्रयागराज जंगलों में चहलकदमी करने के बाद हाथियों का जोड़ा फिर से लहुरियादह जंगल होते हुए वापस लौट आया। वनविभाग की टीम हाथी और हथिनी के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए रखते हुए ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की अपील कर रही है।

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