ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान द्वारा संचालित एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रायोजित वयोश्रेष्ठ मन्दिरम्(वृद्धाश्रम) अल्लीपुर, हरदोई में भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के परनिर्वाण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आश्रम प्रबंधक सुश्री शीला जी ने कहा कि भारत में संविधान के निर्माता है।डॉ भीमराव आम्बेडकर जिन्हें डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर के नाम से भी जाना जाता है, उनका जन्म दिन 14 को 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था।
भारत के सबसे प्रमुख समाज सुधारकों में से एक, अंबेडकर को भारत की जाति व्यवस्था द्वारा उत्पन्न असमानताओं के खिलाफ उनकी लड़ाई के लिए जाना जाता है। एक दलित परिवार में जन्मे, अंबेडकर अपने समुदाय के शोषण और भेदभाव को देखते हुए बड़े हुए, जिससे उन्हें समानता के लिए आजीवन धर्मयुद्ध शुरू करने के लिए प्रेरणा मिली।बाबा साहेब की पहचान एक न्यायविद, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक के रूप में रही हैं।
लेखाकार श्रीमती रूचि मिश्रा ने कहा कि बाबा साहब वह संविधान निर्माता और आजाद भारत के पहले कानून मंत्री थे। देश के लिए किए गए उनके योगदान को लेकर हर साल उनकी जयंती मनाई जाती है।अंबेडकर के विचारों ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया और उनके विचारों पर चलकर कई युवाओं की जिंदगी बदल गई।
श्रीमती सीता शर्मा ना कहा आज बाबा साहेब विचार जिंदगी के हर कठिन क्षण में आपको प्रेरित करेंगे..अंबेडकर के विचारों ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया और उनके विचारों पर चलकर कई युवाओं की जिंदगी बदल गई। बाबा जी का कहना था मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है। मैं एक समुदाय की प्रगति को उस डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है।
इस अवसर पर 103 बाबा दादी तथा समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

