अयोध्या (संवाददाता) सुरेंद्र कुमार। उत्तर प्रदेश योगी सरकार के पांचवें दिव्य दीपोत्सव की ऐतिहासिक बनाने का काम जोरों पर चल रही है। दीपोत्सव के मुख्य स्थल रामकथा पार्क से लेकर राम की पैड़ी व सरयू घाट को सजाने संवारने का काम विभिन्न एजेंसियां कर रही है।रामायणकालीन 20 द्वार दीपोत्सव की आभा को चार-चांद लगाएंगे। द्वार निर्माण का काम भी शुरू कर दिया गया है। इन द्वारों पर बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक के प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।दीपोत्सव में रामायण कालीन द्वार से अयोध्या को सजाने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी गई है। पर्यटन विभाग की ओर से रामायणकालीन 20 द्वार बनाए जा रहे हैं जो लाइट युक्त होंगे।
पर्यटन विभाग ने सर्वप्रथम 20 स्थानों को चिह्नित कर द्वार बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। यह सभी द्वार रामायण के विभिन्न कांडों के प्रसंगों पर आधारित होंगे।इसके लिए पर्यटन विभाग की विशेष टीम ने सनबोर्ड तैयार किया है। इसमें लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।
जब यह जलेंगे तो रामायण के प्रसंग इन बोर्डों पर इस तरह भव्यता बढ़ाएंगे कि मानो त्रेतायुग जीवंत हो रहा हो। यह द्वार अयोध्या के रामघाट ओवरब्रिज के पास से लगने शुरू होकर दोनों कार्यक्रम स्थल राम की पैड़ी, सरयू घाट व रामकथा पार्क तक रहेंगे।दीपोत्सव स्थल राम की पैड़ी, रामकथा पार्क व सरयू घाट को नया लुक देने में विभिन्न संस्थाओं के सैकड़ों कर्मी व इंजीनियर जुटे हुए हैं। इसी के तहत रामकथा पार्क में रामराज्याभिषेक समारोह के लिए विशाल मंच बनाया जा रहा है।
भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व सीता सहित यहीं उतरते हैं। रामकथा पार्क के मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी में रामराज्याभिषेक का आयोजन किया जाता है। रामकथा पार्क पहुंचते ही त्रेतायुग जीवंत होता प्रतीत हो कुछ इसी तर्ज पर तैयारी चल रही है। इस बार सरयू पुल से लेकर गोंडा सीमा तक भव्य सजावट की जाएगी। सरयू पुल को न सिर्फ फूलमालाओं से सजाया जाएगा बल्कि विशेष लाइटिंग की जाएगी।
पूरा सरयू पुल गोंडा सीमा तक दुधिया रोशनी से प्रकाशमान होगा। इसके अलावा पूरी राम की पैड़ी, रामकथा पार्क व सरयू घाट को भव्यता पूर्वक विभिन्न माध्यमों के जरिए सजाया जाएगा। लाइट युक्त झालरों के जरिए पूरे दीपोत्सव स्थल को प्रकाशमान करने की तैयारी है। राम की पैड़ी के दीवारों पर प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए रामकथा का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होगा। इसमें 160 फीट तक लेजर शो होगा। दीपोत्सव को भव्यता प्रदान करने के लिए पयर्टन विभाग की ओर से कई काम कर रहे हैं। कार्यक्रम स्थल समेत आसपास के इलाकों में सजावट संबंधी कार्य किया जा रहा है। रामायणकालीन आधारित 20 प्रवेश द्वार दीपोत्सव की आभा में चार चांद लगाएंगें। साथ ही पूरी राम की पैड़ी, रामकथा पार्क व सरयू पुल की सजावट की जा रही है।अयोध्या में बहुप्रतीक्षित दीपोत्सव की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। राम की पैड़ी पर दीपों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। पैड़ी के 32 घाटों पर इस बार नौ लाख दीपक बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें रिकार्ड बनाने के लिए सात लाख 51 हजार दीपक को एक वक्त में जलाने का लक्ष्य है।
इस भव्य आयोजन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी भी शामिल होंगे। वियतनाम और केन्या के राजदूत भी दीपोत्सव के साक्षी बनेंगे। एक नवंबर की शाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस बार स्वयंसेवकों और समन्वयकों को टीशर्ट भी दी जाएगी। समन्वयकों और स्वयंसेवकों का परिचय पत्र भी बनाया गया है। इस बार परिचय पत्र पर नाम प्रिटेड है, जिससे परिचय पत्र के साथ छेड़छाड़ न हो सके।
सबसे ज्यादा दीप वाले घाट नंबर एक पर 741 घाट नंबर सात पर 677 स्वयंसेवक 52 हजार दीपक,21वें व 22वें घाट पर पांच-पांच हजार दीपक जलाए जाएंगे।
12 हजार स्वयंसेवक, दो सौ समन्वयक और 32 पर्यवेक्षक दीपोत्सव का दायित्व संभालेंगे जो अयोध्या की दीपोत्सव भव्यता को प्रदर्शित करेगें।

