इविवि के संस्कृत विभाग में प्राक्-शोधोपाधि पाठ्यचर्या का उद्घाटन सत्र आयोजित
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत, पालि, प्राकृत एवं प्राच्यभाषा विभाग में नवागन्तुक शोधार्थियों के लिए प्राक्-शोधोपाधि पाठ्यचर्या के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया।
रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के अधिष्ठाता प्रो. मनीष श्रीवास्तव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र का प्रारम्भ प्राक्-शोधोपाधि पाठ्यचर्या की प्रभारी डॉ. निरुपमा त्रिपाठी ने किया। उन्होंने शोधार्थियों को पाठ्यचर्या की संरचना, पाठ्यक्रम, विभिन्न घटकों तथा शोध-कार्य में उसकी उपयोगिता के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल प्रताप गिरि ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए सभी नवागन्तुक शोधार्थियों को शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
मुख्य अतिथि प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि शोधार्थी अपने अनुसन्धान के माध्यम से विश्वविद्यालय, समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। शोध के दौरान आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अनेक बार अपेक्षा के अनुरूप परिणाम प्राप्त नहीं होते।
डॉ. विनोद कुमार ने अनुसन्धान के उद्देश्यों एवं उसकी सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए शोधार्थियों को अपने अध्ययन के प्रति गम्भीर और प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया। उद्घाटन सत्र में विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. प्रयाग नारायण मिश्र, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. तेज प्रकाश, डॉ. आशीष त्रिपाठी, डॉ. मीनाक्षी जोशी, डॉ. प्रचेतस, डॉ. रश्मि यादव, डॉ. लेखराम तथा डॉ. प्रतिभा सहित विभाग के शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नवागन्तुक शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

