मांगे पूरी नही हुई तो विधानसभा करेगे पुनः कूच- सुरेश त्रिपाठी, प्रान्तीय महामंत्री।
आर एल पाण्डेय
लखनऊ। ईरीगेशन डिपार्टमेंट इम्पलाइज एसोसिएशन द्वारा 25 वें दिन भी सिंचाई विभाग मुख्यालय पर कर्मचारियों का धरना जारी रहा प्रान्तीय महामंत्री सुरेश त्रिपाठी ने बताया कि हमारा अनिश्चितकालीन धरना जारी है और हमने विभागाध्यक्ष के आश्वासन के कारण अभी तक शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया लेकिन अब आर पार की लड़ाई लड़ने का समय आ गया है और आवश्यकता पडी तो मुख्यमंत्री आवास की ओर पुनः कूच करेगे और जिस प्रकार से आश्वासन पर आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन समायोजन के संदर्भ में कोई आदेश नही आ रहा है शर्मनाक विषय है और हम जल्द ही इस विषय को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन देगे हमारे मुखिया होने के नाते उनको अवगत कराना हमारा कर्तव्य है और यदि आवश्यकता पडी तो कर्मचारियों के हित में हर संभव कदम उठाने को तैयार है लेकिन समायोजन की मांग जब तक पूर्ण नही होगी हमारा धरना, प्रदर्शन, घेराव हर सम्भव कदम उठाने को कर्मचारी विवश है इन गरीब कर्मियों के समायोजन/पुनर्स्थापन के लिए हम आवश्यकता पड़ी तो मरने को भी तैयार है जिसकी जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष बी.के.निरंजन महोदय की होगी , और यदि हमारा समायोजन कर देते है तो हमें इस बात पर भी गर्व होगा कि हम गरीबों को न्याय दिलाने के लिए सम्बंधित अधिकारियों ने हमारा साथ दिया नही तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सरदार गुरमीत सिंह का सहयोग हमें प्राप्त है हम आर पार की लड़ाई लड़ेगे परिणाम कुछ भी हो किसान मजदूर अब एक मंच पर आकर पुनः लड़ेगे और इतिहास रचकर दिखायेंगे इस अवसर पर मुख्य रूप से , भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष सरदार गुरमीत सिंह , सरदार दिलराज सिंह , नगर अध्यक्ष फहीम सिद्दीकी वरिष्ठ किसान नेता राजकुमार यादव , व किसान नेता राम सागर पासी , व ईरीगेशन डिपार्टमेंट इम्पलाइज यूनियन के प्रान्तीय महामंत्री सुरेश कुमार त्रिपाठी, ओमप्रकाश मिश्र व गणेश सक्सेना , रविन्द्र सिंह पूनम सक्सेना , लालता प्रसाद , रवीन्द्र कुमार जायसवाल आदि बहुत सारे कर्मचारी उपस्थित रहे हैं।
इस गरीब कर्मियों को न्याय दिलाने के लिए आज दिनांक 30/12/2021 को कांग्रेस कैन्ट प्रत्याशी श्रीमती कुसुम शर्मा जी ने भी धरना स्थल पर उपस्थित हो कर कर्मियों के समायोजन का समर्थन दिया और कहा कि इस लड़ाई में मैं हर तरह से सहयोगी बन कर न्याय दिलाने की लड़ाई लडूंगी ।

