(उज्जैन)उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के बाहर अफरा-तफरी, 13 लोग घायल, कई की तबीयत बिगड़ी
उज्जैन ,17 अगस्त ,(आरएनएस)। सावन के तीसरे सोमवार और वर्ष में केवल एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उज्जैन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भारी भीड़ के बीच हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार 13 लोग घायल बताए जा रहे है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ और उमस के बीच कुछ महिला-पुरुषों और युवतियों को घबराहट होने लगी और वे बेहोश होकर गिर पड़े। स्थिति बिगड़ने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल प्रभावित श्रद्धालुओं को संभाला और उपचार के लिए उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चल रहा उपचार
तबीयत बिगड़ने वाले श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मंदिर क्षेत्र में भारी भीड़
सावन के तीसरे सोमवार को भगवान महाकाल के दर्शन के साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर के विशेष दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। नागचंद्रेश्वर मंदिर वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इसके चलते महाकाल मंदिर परिसर, हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र और आसपास के मार्गों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी हुई है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से कई स्थानों पर भीड़ का दबाव देखने को मिला।
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(नई दिल्ली)कॉकरोच जनता पार्टी के बाद अब बनी ‘दिमागी नक्सल पार्टीÓ, इंस्टाग्राम पर 24 घंटे में हुए 1.7 लाख फॉलोअर्स
नई दिल्ली ,17 अगस्त ,(आरएनएस)। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टीÓ के बाद अब ‘दिमागी नक्सल पार्टीÓ नाम से सामने आया एक नया अकाउंट चर्चा का विषय बन गया है। दावा है कि इस अकाउंट ने महज 24 घंटे के भीतर 1.7 लाख से अधिक फॉलोअर्स जुटा लिए। हालांकि, अकाउंट के पीछे कौन व्यक्ति या समूह है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इंस्टाग्राम पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अकाउंट इसी महीने बनाया गया है। अकाउंट के रिकॉर्ड में यूजरनेम बदले जाने का भी उल्लेख है। अब तक इस पर करीब 63 पोस्ट अपलोड की जा चुकी हैं और यह लगभग 35 अकाउंट्स को फॉलो करता है। तेजी से बढ़े फॉलोअर्स के कारण यह अकाउंट सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है।
पीएम मोदी के बयान के बाद चर्चा में आया नाम
यह पूरा मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए संबोधन के बाद चर्चा में आया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलवाद को काफी हद तक समाप्त किया जा चुका है, लेकिन ‘दिमागी नक्सलÓ अब भी सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि ऐसे तत्व हिंसा के नए तरीके तलाश रहे हैं और देश को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत पर जोर दिया था।
रिजिजू ने भी दी थी ‘दिमागी नक्सलÓ की व्याख्या
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ‘दिमागी नक्सलÓ शब्द की व्याख्या की थी। उनके अनुसार, यह शब्द उन लोगों के संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, संविधान को स्वीकार नहीं करते या अलगाववादी गतिविधियों का समर्थन करते हैं।
रिजिजू ने अपने बयान में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के समर्थन और पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से अलग करने की कथित साजिश जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया था।
अकाउंट की पहचान और संचालन पर सवाल
‘दिमागी नक्सल पार्टीÓ नाम सामने आने के बाद इसके तेजी से लोकप्रिय होने को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अकाउंट किसी व्यक्ति, समूह, व्यंग्यात्मक अभियान या संगठित सोशल मीडिया गतिविधि का हिस्सा है। अकाउंट संचालक की पहचान और इसके पीछे की मंशा की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की तेजी से बढ़ती संख्या ने फिलहाल इस अकाउंट को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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(रांची)झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच छात्रों की बड़ी जीत, जेपीएससी परीक्षा रद्द करने पर सहमत हुई हेमंत सरकार
रांची ,17 अगस्त ,(आरएनएस)। रांची में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को मानने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों के साथ दो दौर की वार्ता के बाद कई मुद्दों पर सहमति बनी है। इसी क्रम में 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने पर भी सहमति बन गई है।
मंत्री दीपिका पांडेय ने बताया कि छात्रों के साथ बातचीत के बाद 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और जेपीएससी- जेएसएससी की जांच राज्य सरकार की जांच एजेंसी सीआईडी से कराने का फैसला किया गया है। यदि किसी मामले में केंद्रीय एजेंसी से जांच की आवश्यकता महसूस हुई तो राज्य सरकार श्वष्ठ को भी पत्र लिखेगी।
जेपीएससी- जेएसएससी को लेकर अभ्यर्थियों की चिंताओं पर मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद परीक्षा के नतीजे घोषित किए गए और नियुक्ति पत्र भी बांटे गए। कई अभ्यर्थी करीब एक साल से नौकरी कर रहे हैं। चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में रहा है, इसलिए बदली हुई परिस्थितियों में आगे की कार्रवाई को लेकर सरकार ने छात्रों के साथ चर्चा की है।
उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच की पूरी निगरानी एक न्यायिक समिति के माध्यम से कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट का रुख किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को जल्द न्याय मिल सके।
दीपिका पांडेय ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में सुधार केवल झारखंड की जरूरत नहीं, बल्कि पूरे देश की जरूरत है। बदलती परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्था में सुधार करना जरूरी है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने वर्ष 2023 में ही पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला विधेयक विधानसभा से पारित किया था। मंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय बीजेपी ने इसका विरोध किया था, लेकिन बाद में छात्रों को संतुष्ट करने के लिए संसद में इसी तरह का कानून लाया गया।
सरकार के इन फैसलों के बाद अब जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
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(मुंबई)सरकारी आवास में नेवी जवान, पत्नी और 2 बच्चों के शव बरामद, इलाके में मचा हड़कंप; मौत की गुत्थी उलझी
मुंबई ,17 अगस्त ,(आरएनएस)। मुंबई के कफ परेड इलाके के नेवी नगर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। भारतीय नौसेना के 30 वर्षीय नाविक पुरनमल शंभूलाल मेहरा, उनकी 28 वर्षीय पत्नी ओमा और उनके दो बच्चे सरकारी आवास में मृत पाए गए। तीन साल के बेटे यश और दो महीने की बेटी के शव बेड पर मिले, जबकि पुरनमल का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था।
घटना की सूचना 15 अगस्त की रात कफ परेड पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जे.जे. अस्पताल भेजा गया। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि पुरनमल ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई हो सकती है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। फोरेंसिक टीम ने घर की तलाशी ली, लेकिन वहां कोई संदिग्ध जहरीला पदार्थ भी बरामद नहीं हुआ। जे.जे. अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम में पुरनमल की मौत फांसी के कारण दम घुटने से होने की पुष्टि हुई है। वहीं, ओमा और दोनों बच्चों की मौत को लेकर मेडिकल टीम ने केमिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट आने तक अपनी राय सुरक्षित रखी है।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में परिवार के बीच पिछले कुछ समय से वैवाहिक विवाद होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पुरनमल और ओमा की शादी करीब चार से पांच साल पहले हुई थी और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
पुलिस के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले ओमा के पिता उन्हें मुंबई से वापस घर ले जाने आए थे। उस दौरान पुरनमल ने कथित तौर पर कहा था कि ओमा जाना चाहें तो जा सकती हैं, लेकिन वह बच्चों को अपने साथ नहीं ले जा सकतीं। पुलिस अब इस विवाद और घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
बताया गया कि पुरनमल के पिता ने रात में उन्हें फोन किया था। लगातार कॉल करने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने नौसेना के कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। इसके बाद नौसेना के अधिकारी सरकारी क्वार्टर पहुंचे, जहां परिवार के चारों सदस्य मृत मिले। अधिकारियों ने तुरंत कफ परेड पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, परिवार मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था। पुरनमल का छोटा भाई भी भारतीय नौसेना में तैनात है और शव लेने के लिए मुंबई पहुंचा। पुलिस ने दुर्घटनावश हुई मौत का मामला (्रष्ठक्र) दर्ज कर लिया है। परिजनों, पड़ोसियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
भारतीय नौसेना ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मामले की जांच में पुलिस और संबंधित एजेंसियों को हर संभव सहायता दी जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर परिवार के चारों सदस्यों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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(लखीसराय)बिहार के लखीसराय में अशोक धाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; 12 से अधिक लोग घायल
लखीसराय ,17 अगस्त ,(आरएनएस)। बिहार के लखीसराय जिले में मंदिर के बाहर भगदड़ से कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 12 से अधिक लोग इस घटना में घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना अशोक धाम स्टेशन से मंदिर जाने वाले रास्ते पर हुई। पवित्र सावन महीने के तीसरे सोमवार पर अशोक धाम मंदिर में पूजा-अर्चना और अनुष्ठान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां जमा हुए थे।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रात में इस रास्ते पर बिजली का पोल तार समेत गिर गया था। श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह फैल गई कि एक खंभे में बिजली का करंट आ गया है। इससे लोग घबरा गए और बचने की कोशिश में अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। इसके बाद भगदड़ मच गई, जिसमें कई श्रद्धालु फंस गए और एक-दूसरे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत भीड़ में फंसे लोगों को बचाने की कोशिशें शुरू कर दीं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बचाव कार्य शुरू किए गए और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
अभी तक कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत होने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि मृतकों में सभी महिलाएं थीं। अभी मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। अशोक धाम मंदिर को श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां एक विशाल शिवलिंग है, जो खुदाई के दौरान मिला था। खासकर सावन के पवित्र महीने के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
हिंदू धर्म में सावन के महीने का आध्यात्मिक महत्व है और इसे साल के सबसे पवित्र समय में से एक माना जाता है। श्रावण, जिसे सावन कहा जाता है, आमतौर पर जुलाई और अगस्त में आता है। सावन के दौरान, श्रद्धालु भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा और विभिन्न अनुष्ठान करते हैं। कई श्रद्धालु इस महीने में व्रत रखते हैं और खुद को भक्ति और प्रार्थना में समर्पित करते हैं।
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(कोलकाता)दर्दनाक हादसा : प.बंगाल के तारापीठ में होटल में भीषण आग, 7 लोग जिंदा जले; मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
कोलकाता ,17 अगस्त ,(आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तारापीठ में सोमवार सुबह एक प्राइवेट होटल में भीषण आग लगने से 7 लोगों की झुलसकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसा इतना भयावह था कि होटल में मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास तालाब के समीप स्थित बिदिशिनी होटल में सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। आग होटल की ग्राउंड फ्लोर पर लगी और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दमकलकर्मियों ने होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर है।
हादसे के दौरान होटल में मौजूद लोगों और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। कई लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे। हालांकि, जब तक राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा, तब तक आग ने भयावह रूप धारण कर लिया था। आग बुझाए जाने के बाद होटल से 7 लोगों के शव बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में दमकल विभाग ने आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलते ही तारापीठ और रामपुरहाट थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आग किस वजह से लगी और होटल में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। फिलहाल हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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(नई दिल्ली)एअर इंडिया के 2 और पायलट ड्रग टेस्ट में फेल, फ्लाइट रोस्टर से हो गई छुट्टी
नई दिल्ली ,17 अगस्त ,(आरएनएस)। फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया उड़ान में पायलट के कथित तौर पर ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद एयरलाइन की ओर से शुरू की गई जांच में दो और पायलट शुरुआती ड्रग टेस्ट में पास नहीं हो सके हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पायलटों को फिलहाल ड्यूटी से हटा दिया गया है और उनके अंतिम टेस्ट के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
एयर इंडिया ने घटना के बाद अपने सभी पायलटों के ड्रग टेस्ट कराने का फैसला लिया था। यह जांच एयरलाइन की नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत की जा रही है। अब तक 300 से अधिक पायलटों का परीक्षण किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, अंतिम जांच रिपोर्ट आने में सामान्यत: 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है।
केबिन क्रू की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
सूत्रों के मुताबिक, फुकेत-दिल्ली उड़ान में मौजूद केबिन क्रू के एक सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि उड़ान से पहले पायलट ने कथित तौर पर गांजा का सेवन किया था। शिकायत के बाद पायलट का ड्रग टेस्ट कराया गया, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने की बात सामने आई।
हालांकि, किसी भी कर्मचारी के खिलाफ अंतिम कार्रवाई फाइनल टेस्ट रिपोर्ट और संबंधित जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जाएगी।
टर्बुलेंस के दौरान 300 फीट नीचे आया था विमान
यह मामला 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान ्रढ्ढ2379 में हुई टर्बुलेंस की घटना के बाद सामने आया। एयरबस ्र320 विमान में 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य समेत कुल 145 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था, जिससे लगभग 24 लोग घायल हो गए थे।
घटना के बाद विमान के पायलट-इन-कमांड का ड्रग टेस्ट कराया गया था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की बात सामने आने के बाद एयरलाइन ने अपने सभी पायलटों की जांच कराने का निर्णय लिया।
पॉजिटिव आने पर क्या है नियम?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नियमों के तहत यदि कोई पायलट या विमानन कर्मचारी मादक पदार्थों के सेवन की जांच में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे नशामुक्ति कार्यक्रम में भेजा जा सकता है। दोबारा पॉजिटिव पाए जाने पर संबंधित पायलट का लाइसेंस तीन वर्ष के लिए निलंबित किया जा सकता है। तीसरी बार नियमों का उल्लंघन होने पर लाइसेंस रद्द किए जाने का प्रावधान है।
फिलहाल एयर इंडिया के दोनों पायलटों के मामले में अंतिम टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी।
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(पटना)प्रशांत किशोर ने विधायक के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली, कहा-विधानसभा का सदस्य बनना गर्व की बात
पटना ,17 अगस्त ,(आरएनएस)। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को विधायक पद की शपथ ली। बिहार विधानसभा के मुख्य भवन में स्थित विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के कार्यालय कक्ष में प्रशांत किशोर ने विधानसभा सभा सदस्य के तौर पर शपथ ली।
बिहार विधानसभा के स्पीकर प्रेम कुमार ने उन्हें शपथ दिलाई। इस मौके पर जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, जन सुराज के प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। शपथ लेने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा, मेरे लिए बिहार विधानसभा का सदस्य बनना बहुत गर्व की बात है, जहां भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर, नीतीश कुमार और लालू यादव जैसे लोगों ने सदस्य के तौर पर सेवा की है। इनके साथ ही, सैकड़ों अन्य विधायकों और सदन के सदस्यों ने समाज और राज्य की बेहतरी के लिए अपने जीवन के कीमती साल समर्पित किए हैं। इन सभी से प्रेरणा के लिए प्रदेश और समाज के लिए कुछ कर सकें, यही सोच है।
लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में मची भगदड़ पर कहा, हमें अभी-अभी जानकारी मिली है। हम वहाँ जाएंगे। किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हराकर जन सुराज पार्टी के पहले निर्वाचित विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया। यह परिणाम चुनावी राजनीति में प्रवेश करने के बाद किशोर की पहली चुनावी जीत थी और अपेक्षाकृत नई पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। बांकीपुर सीट के लिए मतदान 30 जुलाई को हुआ था, जबकि मतगणना 3 अगस्त को हुई थी। किशोर ने मतगणना के दौरान अपनी बढ़त बरकरार रखी और अंतत: 19,324 वोटों से जीत हासिल की। उन्हें 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 वोट प्राप्त हुए। आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14,273 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
इस परिणाम से इस निर्वाचन क्षेत्र पर भाजपा का लंबे समय से चला आ रहा वर्चस्व भी समाप्त हो गया, जिस पर पार्टी 1995 से नियंत्रण बनाए हुए थी। यह जीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि बांकीपुर को परंपरागत रूप से भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। इस समारोह के साथ ही किशोर औपचारिक रूप से विधायक के रूप में अपना कार्यकाल शुरू करेंगे और जन सुराज पार्टी के टिकट पर निर्वाचित होने वाले पहले विधायक बन जाएंगे। उनकी जीत ने नवगठित पार्टी को राज्य विधानसभा में पहली उपस्थिति दिलाई है और बांकी
पुर उपचुनाव को बिहार में एक चर्चित राजनीतिक घटनाक्रम में बदल दिया है।
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