एमएलसी देवेन्द्र प्रताप ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
शिक्षा मित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग
बस्ती। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल किए जाने की मांग की है। इससे बस्ती समेत आसपास के जिलों के शिक्षामित्रों में भी उम्मीद जगी है।
विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह ने बताया कि गत 11 सितंबर को भेजे गए पत्र में विधान परिषद सदस्य ने कहा है कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में करीब 25 वर्षों से शिक्षामित्र शिक्षण कार्य में योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा से अलग रखा गया है, जिससे शिक्षामित्रों में उपेक्षा और निराशा का भाव है। पत्र में कहा गया है कि विद्यालयों के पठन-पाठन में शिक्षामित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके लंबे समय के अनुभव और सेवाओं को देखते हुए उन्हें भी विशेष टीईटी में शामिल करने पर विचार किया जाना चाहिए। देवेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने के संबंध में ऐतिहासिक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।बस्ती जिले में भी बड़ी संख्या में शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी सेवा से जुड़े मुद्दों और शिक्षक पात्रता को लेकर उम्मीद लगाए हुए हैं। ऐसे में विधान परिषद सदस्य की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए इस पत्र के बाद उनकी नजर अब सरकार के अगले कदम पर रहेगी।
शिक्षा मित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग
बस्ती। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल किए जाने की मांग की है। इससे बस्ती समेत आसपास के जिलों के शिक्षामित्रों में भी उम्मीद जगी है।
विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह ने बताया कि गत 11 सितंबर को भेजे गए पत्र में विधान परिषद सदस्य ने कहा है कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में करीब 25 वर्षों से शिक्षामित्र शिक्षण कार्य में योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा से अलग रखा गया है, जिससे शिक्षामित्रों में उपेक्षा और निराशा का भाव है। पत्र में कहा गया है कि विद्यालयों के पठन-पाठन में शिक्षामित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके लंबे समय के अनुभव और सेवाओं को देखते हुए उन्हें भी विशेष टीईटी में शामिल करने पर विचार किया जाना चाहिए। देवेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने के संबंध में ऐतिहासिक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।बस्ती जिले में भी बड़ी संख्या में शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी सेवा से जुड़े मुद्दों और शिक्षक पात्रता को लेकर उम्मीद लगाए हुए हैं। ऐसे में विधान परिषद सदस्य की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए इस पत्र के बाद उनकी नजर अब सरकार के अगले कदम पर रहेगी।
————

