केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में हुयी श्रीमद भगवत गीता पर चर्चा
*श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभु जी, मंदिर अध्यक्ष, इस्कॉन, लखनऊ ने आज केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर श्रीमद् भगवत गीता से विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा की और बताया कि हम शरीर नही आत्मा है, हम सभी परमात्मा के अंश है l केवल श्रीकृष्ण ही परम पुरुषोत्तम भगवान है और सनातन ही सत्य है
*श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि सभी को श्रीमद् भगवत गीता पढ़नी चाहिए, क्योंकि गीता हमारे जीवन जीने की मैन्युअल गाइड है, श्रीमद् भागवत गीता पढ़ने के लिए यह आवश्यक है कि हम उसे गुरु के निर्देशन में पढ़ें जिससे हमें उसका वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके
*इसी क्रम में प्रभु जी ने प्रत्येक रविवार को ऑनलाइन जूम के माध्यम से श्रीमद् भागवत गीता के एक-एक श्लोक पर की जा रही चर्चा में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के शिक्षकों छात्रों एवं अन्य उपस्थित गणमान्य अतिथियों से जूम के माध्यम से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया
*श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभु जी ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्रों का विशेष धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि आप सब देव भाषा संस्कृत को जिस प्रकार संरक्षित एवं संवर्धित करने का प्रयास कर रहे हैं उसके लिए आप सब बधाई के पात्र हैं
*कार्यक्रम के अन्त में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने सभी प्रश्नों का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विश्लेषण करते हुये उत्तर दिया, कार्यक्रम का समापन वैदिक मंत्रो का उच्चारण करते हुये किया गया I

