(कोलकाता)ममता बनर्जी को बड़ा झटका : बागी गुट के यूसुफ पठान बने टीएमसी के उपाध्यक्ष, नई पार्टी में गए 7 नेताओं को मिला बड़ा पद
कोलकाता ,24 सितंबर ,(आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनावों से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं ने अपनी नई राजनीतिक जमीन मजबूत करनी शुरू कर दी है। तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हुए नेताओं को पार्टी संगठन में बड़े पदों से नवाजा गया है। नई पार्टी ने पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान समेत 7 बागी नेताओं को शीर्ष कमान में शामिल करते हुए उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य में दो अहम सीटों पर होने वाले उपचुनावों से ठीक पहले हुए इस फेरबदल ने बंगाल के सियासी पारे को गरमा दिया है।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान, 27 नेताओं को मिली जिम्मेदारी
एनसीपीआई के अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी ने पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की है, जिसमें कुल 27 नेताओं को अहम पदों पर जगह दी गई है। इनमें से 7 नेता हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से बगावत कर अलग होने वाले हैं। पूर्व सांसद यूसुफ पठान के अलावा दीपक अधिकारी (देव), रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, अबू ताहेर खान और चंद्रिमा पांजा को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि, ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार और सायोनी घोष को इस नई सूची में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
संसद के बाहर संगठन विस्तार की तैयारी, 6 महासचिव नियुक्त
पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए छह महासचिवों की भी नियुक्ति की है, जिनमें उत्तिया कुंडू, मिताली बाग, बापी हलदर, सुलेखा भूनिया, विवेक मिश्रा और शुभेंदु चक्रवर्ती शामिल हैं। वहीं अभिषेक मुखर्जी, कल्लोल चक्रवर्ती, बप्पा सरदार, प्रबीर महाता, मृत्युंजय सिन्हा, पल्लब मुखर्जी, दिव्येंदु दास, बिप्लब देब, प्रदीप धर, सुस्मिता भूनिया, स्वाति गोस्वामी बोस और मोनालिशा खातून को सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा स्वरूप जायसवाल को कोषाध्यक्ष और सुदाम जेट्टी को संयुक्त कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
17 सांसदों के भाजपा में जाने की चर्चा और नेताओं का रुख
हाल ही में पार्टी के नवनियुक्त उपाध्यक्ष जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया था कि बागी गुट के 20 में से 17 सांसद दुर्गा पूजा के आसपास भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उनके इस बयान पर सियासी घमासान मच गया था, जिसे बाद में बागी गुट के नेताओं ने बसुनिया की निजी राय बताते हुए खारिज कर दिया था। वहीं अबू ताहेर खान ने साफ किया था कि वह, यूसुफ पठान और जंगीपुर सांसद खलीलुर रहमान भाजपा में शामिल नहीं होंगे, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बाहर से अपना समर्थन देना जारी रखेंगे।
उपचुनाव में भाजपा के समर्थन का ऐलान, प्रदेश बीजेपी ने साधी दूरी
एनसीपीआई ने यह भी घोषणा की है कि वह आगामी नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेगी। हालांकि, पश्चिम बंगाल भाजपा इस कदम को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य में पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और एनसीपीआई के साथ किसी चुनावी गठबंधन या सीट बंटवारे का कोई सवाल ही नहीं उठता। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि गठबंधन का समीकरण राष्ट्रीय स्तर (दिल्ली) तक सीमित है, ऐसे में राज्य के चुनावी मैदान में किसी भी तरह का साझा मोर्चा नहीं बनाया जाएगा।
00

